{"_id":"5c13f2e5bdec2253b0113923","slug":"191544811237-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ेरा में अवैध रूप से स्किन बैंक खोलने का मामला:","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ेरा में अवैध रूप से स्किन बैंक खोलने का मामला:
Updated Fri, 14 Dec 2018 11:43 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। डेरे में अवैध रूप से स्किन बैंक चलाने के मामले में अदालत की ओर से समन जारी के बावजूद आरोपी शुक्रवार को अदालत में पेश नहीं हुए। इस मामले की अगली सुनवाई 24 जनवरी 2019 को होगी। मामले में आरोपी प्लास्टिक सर्जन डॉ स्वप्निल गर्ग की अग्रिम जमानत याचिका को जिला एवं सत्र न्यायालय ने 28 नवंबर 2018 को खारिज कर दिया था।
इस मामले में निचली अदालत ने शाह सतनाम डेवलपमेंट फाउंडेशन के चेयरमैन अभिजीत भगत, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ओपी कासनिया, चीफ मेडिकल ऑफिसर शाह सतनाम सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल डॉ. एमपी सिंह, प्लास्टिक सर्जन डॉ. स्वप्निल गर्ग, टेक्नीशियन स्किन बैंक बलबीर सिंह व डॉ. राकेश जिंदल इंचार्ज बालाजी हास्पिटल करनाल को नोटिस का समन जारी करके 14 दिसंबर को तलब किया था। डेरा के स्किन बैंक को सील करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कानूनी कार्रवाई करते हुए जनवरी 2018 में एसीजेएम कोर्ट में शिकायत फाइल की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने इस संबंध में सिरसा के सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे।
गौरतलब है कि साध्वी रेप मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को 20 साल कैद की सजा सुनाए जाने के बाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को डेरा में सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट की तरफ से पूर्व न्यायाधीश एकेएस पंवार को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया गया था। कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में सिरसा प्रशासन की ओर से डेरा सच्चा सौदा में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान हुई जांच में डेरा परिसर के अंदर डेरा प्रबंधन की ओर से खोला गया स्किन बैंक अवैध पाया गया। यह बैंक दो वर्ष पहले ही शुरू हुआ था। इसे पूरे उत्तर भारत का पहला ऐसा बैंक माना जाता है। अब तक देश में किसी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा मौजूद नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की जांच के अनुसार डेरे में बाबा गुरमीत राम रहीम ने बगैर किसी रजिस्ट्रेशन या कागजी कार्रवाई के न सिर्फ इस बैंक को शुरू किया बल्कि डॉक्टरों की मदद से लोगों से स्किन दान में लेनी भी शुरू कर दी। दान में मिली स्किन से कितने लोगों को फायदा हुआ, यह स्किन बैंक के रिकार्ड में उपलब्ध नहीं मिला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से स्किन बैंक खोलने की मंजूरी डेरे को नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिरसा। डेरे में अवैध रूप से स्किन बैंक चलाने के मामले में अदालत की ओर से समन जारी के बावजूद आरोपी शुक्रवार को अदालत में पेश नहीं हुए। इस मामले की अगली सुनवाई 24 जनवरी 2019 को होगी। मामले में आरोपी प्लास्टिक सर्जन डॉ स्वप्निल गर्ग की अग्रिम जमानत याचिका को जिला एवं सत्र न्यायालय ने 28 नवंबर 2018 को खारिज कर दिया था।
इस मामले में निचली अदालत ने शाह सतनाम डेवलपमेंट फाउंडेशन के चेयरमैन अभिजीत भगत, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ओपी कासनिया, चीफ मेडिकल ऑफिसर शाह सतनाम सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल डॉ. एमपी सिंह, प्लास्टिक सर्जन डॉ. स्वप्निल गर्ग, टेक्नीशियन स्किन बैंक बलबीर सिंह व डॉ. राकेश जिंदल इंचार्ज बालाजी हास्पिटल करनाल को नोटिस का समन जारी करके 14 दिसंबर को तलब किया था। डेरा के स्किन बैंक को सील करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कानूनी कार्रवाई करते हुए जनवरी 2018 में एसीजेएम कोर्ट में शिकायत फाइल की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने इस संबंध में सिरसा के सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि साध्वी रेप मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को 20 साल कैद की सजा सुनाए जाने के बाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को डेरा में सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट की तरफ से पूर्व न्यायाधीश एकेएस पंवार को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया गया था। कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में सिरसा प्रशासन की ओर से डेरा सच्चा सौदा में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान हुई जांच में डेरा परिसर के अंदर डेरा प्रबंधन की ओर से खोला गया स्किन बैंक अवैध पाया गया। यह बैंक दो वर्ष पहले ही शुरू हुआ था। इसे पूरे उत्तर भारत का पहला ऐसा बैंक माना जाता है। अब तक देश में किसी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा मौजूद नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की जांच के अनुसार डेरे में बाबा गुरमीत राम रहीम ने बगैर किसी रजिस्ट्रेशन या कागजी कार्रवाई के न सिर्फ इस बैंक को शुरू किया बल्कि डॉक्टरों की मदद से लोगों से स्किन दान में लेनी भी शुरू कर दी। दान में मिली स्किन से कितने लोगों को फायदा हुआ, यह स्किन बैंक के रिकार्ड में उपलब्ध नहीं मिला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से स्किन बैंक खोलने की मंजूरी डेरे को नहीं थी।
विज्ञापन