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हायर की गई निजी व शैक्षणिक संस्थानों की 36 बसें, रोडवेज की 20 बसें जिनमें 5 रोडवेज कर्मचारी तो 15 पुलिस कर्मचारियों ने की संचालि
Updated Sun, 21 Oct 2018 01:05 AM IST
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सिरसा। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल 5वें दिन लगातार जारी रही। शनिवार को सिरसा रोडवेज के दो रोडवेज इंस्पेक्टर का यात्रियों से पैसे लेकर टिकट न देने का वीडियो वायरल हुआ है। दो अलग अलग वीडियो में दोनों रोडवेज इंस्पेक्टर पैसे तो ले रहे हैं ,लेकिन टिकट नहीं दे रहे। शाम को वीडियो वायरल हुुआ है। हालांकि रोडवेज के ड्यूटी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश का कहना है कि बसों में टिकट काटने के लिए चढ़ाए गए इंस्पेक्टरों को टिकट की बजाए जुर्माना रसीद बुक दी गई है। प्रत्येक सवारी को टिकट देने की बजाए चार से पांच सवारियों को एक साथ पर्ची बनाकर दी जा रही है।
रोडवेज की हड़ताल के 5वें दिन प्रशासन द्वारा हायर की गई शैक्षणिक संस्थानों व निजी बसों को मिलाकर 36 बसें सड़कों पर दौड़ी। इनमें 19 स्कूली बस, जबकि 17 निजी बसें शामिल हैं। दूसरी ओर रोडवेज की कुल 20 बसें संचालित की गई। जिनमें से 5 बसों को रोडवेज चालकों व परिचालकों ने संचालित किया। जबकि 15 बसों की कमान पुलिस कर्मचारियों के हाथों में रही। वहीं सरकार द्वारा अनुबंध आधार पर की जा रही भर्ती के जारी किए विज्ञापन के तहत शनिवार सांय तक करीब 2797 आवेदकों ने आवेदन जमा करवाए हैं। 25 अक्तूबर की सांय तक आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद सरकार की हिदायतों के अनुसार स्क्रूटनिंग कर भर्ती की जाएगी। रोडवेज महाप्रबंधक के मुताबिक पिछले पांच दिनों से जारी हड़ताल के कारण विभाग को लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है।
लंबी दूरी की बसें कम होने से हो रही है कुछ परेशानी:
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान विभाग की ओर से लोकल रूटों पर तो बसों का संचालन जैसे-तैसे करवाया जा रहा है। लेकिन लंबी दूरी की बसें नाममात्र ही चलाई जा रही हैं। जिससे यात्रियों को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के वक्त ही दो-दो बसें दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए चलाई जा रही हैं। जिसके चलते दिल्ली व चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को मजबूरीवश ट्रेन का सहारा लेना पड़ रहा है।
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सरकार की सख्ती से रोडवेज कर्मचारी हुए भूमिगत
भाजपा सरकार से पूर्व जितनी भी सरकारें सत्ता में रही हैं। किसी भी सरकार ने कर्मचारियों के आगे टिकने की जहमत नहीं उठाई। कर्मचारियों ने जो मांग की, मंजूर की गई। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने पहली बार सख्ती से पेश आते हुए कर्मचारियों के हौंसले को पस्त किया है। सरकार की सख्ती के आगे कर्मचारी भी नतमस्तक हो गए हैं। सरकार की सख्ती का ही असर है कि जो कर्मचारी कभी हड़ताल के दौरान बस स्टैंड के गेट से टस से मस नहीं होते थे। वही कर्मचारी अब सरकार का सामना करने की बजाय भूमिगत हो गए हैं।
रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया रोष
वहीं एएनएचएम के तहत स्वास्थय विभाग में नियुक्त कर्मचारियों ने शनिवार को काली पट्टी बांधकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन के जिला प्रधान कुंदन गावडिया ने की। प्रधान ने कहा कि रोडवेज के कर्मचारी पिछले करीब पांच दिनों से आंदोलनरत हैं और सरकार उनकी मांगों को स्वीकार करने के बजाए उन पर कार्रवाही कर रही है। सरकार की ओर से कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने के सारे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। एस्मा जैसे काले कानून लगा कर, अप्रत्यक्ष एमरजेंसी की सरकार घोषणा कर चुकी है। कर्मचारियों की गिरफ्तारी कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। ताकि आगे से कोई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आवाज ही न उठा पाए। कर्मचारियों ने कहा कि वे ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे। वे सरकार की इस हठधर्मिता की निंदा करते हैं और अपील करते हैं कि जल्द से जल्द इनकी मांगों का निराकरण किया जाए। हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि हरियाणा के रोडवेज के आंदोलन के समर्थन में आंदोलन किया जायेगा। अगर सरकार ने हठधर्मिता नहीं छोड़ी तो वे कामकाज छोड़कर हड़ताल पर चले जाएंगे। इस अवसर पर जिला प्रधान कुंदन गावडिय़ा, जिला एनएचएम संरक्षक सुरेंद्र बैनीवाल, अनिल, पवन कुमार, पूनम, स्टाफ नर्स अनिता, स्टाफ नर्स सोनिया, ममता स्टाफ नर्स, डॉ. जगत, डा. विजयपाल, योगाचार्य सोहनलाल उपस्थित थे।
-लोकल रूटों पर बसों का संचालल जारी है। रोडवेज की बसों के भी फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। लंबी दूरी के यात्रियों को बसें कम चलने के कारण कुछ परेशानी झेलनी पड़ी है। पांच दिनों से जारी हड़ताल के कारण सिरसा रोडवेज को एक करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदकों से आवेदन लिए जा रहे हैं।
-केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा।
रोडवेज की हड़ताल के 5वें दिन प्रशासन द्वारा हायर की गई शैक्षणिक संस्थानों व निजी बसों को मिलाकर 36 बसें सड़कों पर दौड़ी। इनमें 19 स्कूली बस, जबकि 17 निजी बसें शामिल हैं। दूसरी ओर रोडवेज की कुल 20 बसें संचालित की गई। जिनमें से 5 बसों को रोडवेज चालकों व परिचालकों ने संचालित किया। जबकि 15 बसों की कमान पुलिस कर्मचारियों के हाथों में रही। वहीं सरकार द्वारा अनुबंध आधार पर की जा रही भर्ती के जारी किए विज्ञापन के तहत शनिवार सांय तक करीब 2797 आवेदकों ने आवेदन जमा करवाए हैं। 25 अक्तूबर की सांय तक आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद सरकार की हिदायतों के अनुसार स्क्रूटनिंग कर भर्ती की जाएगी। रोडवेज महाप्रबंधक के मुताबिक पिछले पांच दिनों से जारी हड़ताल के कारण विभाग को लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है।
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लंबी दूरी की बसें कम होने से हो रही है कुछ परेशानी:
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान विभाग की ओर से लोकल रूटों पर तो बसों का संचालन जैसे-तैसे करवाया जा रहा है। लेकिन लंबी दूरी की बसें नाममात्र ही चलाई जा रही हैं। जिससे यात्रियों को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के वक्त ही दो-दो बसें दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए चलाई जा रही हैं। जिसके चलते दिल्ली व चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को मजबूरीवश ट्रेन का सहारा लेना पड़ रहा है।
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सरकार की सख्ती से रोडवेज कर्मचारी हुए भूमिगत
भाजपा सरकार से पूर्व जितनी भी सरकारें सत्ता में रही हैं। किसी भी सरकार ने कर्मचारियों के आगे टिकने की जहमत नहीं उठाई। कर्मचारियों ने जो मांग की, मंजूर की गई। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने पहली बार सख्ती से पेश आते हुए कर्मचारियों के हौंसले को पस्त किया है। सरकार की सख्ती के आगे कर्मचारी भी नतमस्तक हो गए हैं। सरकार की सख्ती का ही असर है कि जो कर्मचारी कभी हड़ताल के दौरान बस स्टैंड के गेट से टस से मस नहीं होते थे। वही कर्मचारी अब सरकार का सामना करने की बजाय भूमिगत हो गए हैं।
रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया रोष
वहीं एएनएचएम के तहत स्वास्थय विभाग में नियुक्त कर्मचारियों ने शनिवार को काली पट्टी बांधकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन के जिला प्रधान कुंदन गावडिया ने की। प्रधान ने कहा कि रोडवेज के कर्मचारी पिछले करीब पांच दिनों से आंदोलनरत हैं और सरकार उनकी मांगों को स्वीकार करने के बजाए उन पर कार्रवाही कर रही है। सरकार की ओर से कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने के सारे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। एस्मा जैसे काले कानून लगा कर, अप्रत्यक्ष एमरजेंसी की सरकार घोषणा कर चुकी है। कर्मचारियों की गिरफ्तारी कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। ताकि आगे से कोई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आवाज ही न उठा पाए। कर्मचारियों ने कहा कि वे ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे। वे सरकार की इस हठधर्मिता की निंदा करते हैं और अपील करते हैं कि जल्द से जल्द इनकी मांगों का निराकरण किया जाए। हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि हरियाणा के रोडवेज के आंदोलन के समर्थन में आंदोलन किया जायेगा। अगर सरकार ने हठधर्मिता नहीं छोड़ी तो वे कामकाज छोड़कर हड़ताल पर चले जाएंगे। इस अवसर पर जिला प्रधान कुंदन गावडिय़ा, जिला एनएचएम संरक्षक सुरेंद्र बैनीवाल, अनिल, पवन कुमार, पूनम, स्टाफ नर्स अनिता, स्टाफ नर्स सोनिया, ममता स्टाफ नर्स, डॉ. जगत, डा. विजयपाल, योगाचार्य सोहनलाल उपस्थित थे।
-लोकल रूटों पर बसों का संचालल जारी है। रोडवेज की बसों के भी फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। लंबी दूरी के यात्रियों को बसें कम चलने के कारण कुछ परेशानी झेलनी पड़ी है। पांच दिनों से जारी हड़ताल के कारण सिरसा रोडवेज को एक करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदकों से आवेदन लिए जा रहे हैं।
-केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा।