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नशा मुक्ति केंद्र से लौटे पति ने पत्नी की हत्या कर खुद भी लगाया मौत को गले
Updated Wed, 21 Jun 2017 12:16 AM IST
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पत्नी की हत्या कर खुद भी लगाया मौत को गले
छह माह नशा मुक्ति केंद्र में रहकर लौटा था पति
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा/चोपटा।
नशे से छुटकारा पाने के लिए छह महीने तक नशा मुक्ति केंद्र में रहने के बाद घर लौटे व्यक्ति ने पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद पति ने खुद भी जहर पीकर आत्महत्या कर ली। जिले में सनसनी फैलाने वाली यह घटना गांव हंजीरा की है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शवों को कब्जे में लिया। पुलिस ने मृतका कृष्णा के पिता गोपीराम के बयान पर मृतक पति रमेश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार फतेहाबाद जिले के ढाणी भोजराज निवासी गोपीराम की छोटी बेटी कृष्णा की शादी सिरसा जिले के गांव हंजीरा निवासी रमेश कुमार के साथ तीन साल पहले हुई थी। रमेश को नशीली गोलियां खाने की लत पड़ गई थी। इसलिए परिवार वालों ने छह महीने पहले उसे नशा मुक्ति केंद्र सिद्धमुख (राजस्थान) में दाखिल करवाया दिया। छह महीने नशा मुक्ति केंद्र में रहने के बाद रमेश पिछले महीने घर लौटा। रमेश की नशे की लत तो छूट गई लेकिन उसकी दिमागी हालत खराब हो गई। 19 जून सोमवार की रात को कृष्णा रसोई में भोजन बना रही थी तो रमेश ने तेजधार हथियार से हमला करके उसकी हत्या कर दी। पत्नी की हत्या करने के बाद रमेश ने जहरीली दवा पी ली। हालत बिगड़ने पर रमेश चिल्लाने लगा। कुछ देर बाद जब ग्रामीण उनके घर पहुंचे तो कृष्णा का खून से लथपथ शव पड़ा देखा औद उसके बगल में ही रमेश भी मरा पड़ा मिला। ग्रामीणों ने घटना की सूचना चोपटा थाना पुलिस को दी। इसके बाद चोपटा थाना प्रभारी ओमप्रकाश पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मंगलवार को कृष्णा व रमेश के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के बोर्ड ने किया।
नाना के कंधों पर आया तीन मासूमों का भविष्य
कृष्णा तीन बच्चों की मां थी। उसका बड़ा बेटा अनूप, बेटी मोनिका व छोटा बेटा दीपक एक सप्ताह पहले नाना-नानी के घर भोजराज गए हुए थे। पिता के हाथों मां की हत्या और बाद में पिता द्वारा खुद आत्महत्या करने के बाद तीनों बच्चे अनाथ हो गए हैं। ऐसे में उनके भविष्य की सारी जिम्मेदारी नाना गोपीराम के कंधों पर आ गई है। नाना गोपीराम कहना है कि बच्चे घर पर नहीं थे, नहीं तो उनकी जान भी खतरे में पड़ जाती।
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भोजन के दौरान झगड़ा होने का अंदेशा
मृतका कृष्णा का शव रसोई के बाहर पड़ा हुआ था । रसोई के आगे खाना खाने के लिए एक कटोरी, रोटी पड़ी हुई थी। संभावना जताई जा रही है कि कृष्णा व रमेश रात को खाना खा रहे थे और दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। रमेश ने रसोई में रखे सोटे से कृष्णा के सिर पर वार कर हत्या कर दी। कटोरी में कुछ सब्जी बची हुई थी । इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि दोनों के बीच भोजन करने के दौरान झगड़ा हुआ था।
मृतका कृष्णा के पिता गोपीराम के बयान पर मृतक पति रमेश कुमार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। नशा मुक्ति केंद्र में छह महीने बाद घर लौटे रमेश की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। इसी के चलते उसने पत्नी की हत्या करने के बाद खुद भी जहर पीकर अपनी जान दे दी।
-ओमप्रकाश, इंचार्ज थाना चौपटा
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छह माह नशा मुक्ति केंद्र में रहकर लौटा था पति
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा/चोपटा।
नशे से छुटकारा पाने के लिए छह महीने तक नशा मुक्ति केंद्र में रहने के बाद घर लौटे व्यक्ति ने पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद पति ने खुद भी जहर पीकर आत्महत्या कर ली। जिले में सनसनी फैलाने वाली यह घटना गांव हंजीरा की है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शवों को कब्जे में लिया। पुलिस ने मृतका कृष्णा के पिता गोपीराम के बयान पर मृतक पति रमेश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार फतेहाबाद जिले के ढाणी भोजराज निवासी गोपीराम की छोटी बेटी कृष्णा की शादी सिरसा जिले के गांव हंजीरा निवासी रमेश कुमार के साथ तीन साल पहले हुई थी। रमेश को नशीली गोलियां खाने की लत पड़ गई थी। इसलिए परिवार वालों ने छह महीने पहले उसे नशा मुक्ति केंद्र सिद्धमुख (राजस्थान) में दाखिल करवाया दिया। छह महीने नशा मुक्ति केंद्र में रहने के बाद रमेश पिछले महीने घर लौटा। रमेश की नशे की लत तो छूट गई लेकिन उसकी दिमागी हालत खराब हो गई। 19 जून सोमवार की रात को कृष्णा रसोई में भोजन बना रही थी तो रमेश ने तेजधार हथियार से हमला करके उसकी हत्या कर दी। पत्नी की हत्या करने के बाद रमेश ने जहरीली दवा पी ली। हालत बिगड़ने पर रमेश चिल्लाने लगा। कुछ देर बाद जब ग्रामीण उनके घर पहुंचे तो कृष्णा का खून से लथपथ शव पड़ा देखा औद उसके बगल में ही रमेश भी मरा पड़ा मिला। ग्रामीणों ने घटना की सूचना चोपटा थाना पुलिस को दी। इसके बाद चोपटा थाना प्रभारी ओमप्रकाश पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मंगलवार को कृष्णा व रमेश के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के बोर्ड ने किया।
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नाना के कंधों पर आया तीन मासूमों का भविष्य
कृष्णा तीन बच्चों की मां थी। उसका बड़ा बेटा अनूप, बेटी मोनिका व छोटा बेटा दीपक एक सप्ताह पहले नाना-नानी के घर भोजराज गए हुए थे। पिता के हाथों मां की हत्या और बाद में पिता द्वारा खुद आत्महत्या करने के बाद तीनों बच्चे अनाथ हो गए हैं। ऐसे में उनके भविष्य की सारी जिम्मेदारी नाना गोपीराम के कंधों पर आ गई है। नाना गोपीराम कहना है कि बच्चे घर पर नहीं थे, नहीं तो उनकी जान भी खतरे में पड़ जाती।
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भोजन के दौरान झगड़ा होने का अंदेशा
मृतका कृष्णा का शव रसोई के बाहर पड़ा हुआ था । रसोई के आगे खाना खाने के लिए एक कटोरी, रोटी पड़ी हुई थी। संभावना जताई जा रही है कि कृष्णा व रमेश रात को खाना खा रहे थे और दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। रमेश ने रसोई में रखे सोटे से कृष्णा के सिर पर वार कर हत्या कर दी। कटोरी में कुछ सब्जी बची हुई थी । इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि दोनों के बीच भोजन करने के दौरान झगड़ा हुआ था।
मृतका कृष्णा के पिता गोपीराम के बयान पर मृतक पति रमेश कुमार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। नशा मुक्ति केंद्र में छह महीने बाद घर लौटे रमेश की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। इसी के चलते उसने पत्नी की हत्या करने के बाद खुद भी जहर पीकर अपनी जान दे दी।
-ओमप्रकाश, इंचार्ज थाना चौपटा