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Sirsa News: धान खरीद को लेकर नहीं थम रहा विवाद, नमी के नाम पर काट को लेकर किसानों का विरोध जारी
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कालांवाली में अतिरिक्त अनाज मंडी में धान में काट काटने के रोषस्वरूप एकत्रित किसान।
कालांवाली। धान खरीद शुरू होने के बाद से अनाज मंडी में विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा और किसानों का नमी के नाम पर काट काटने का विरोध लगातार जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को भी अतिरिक्त अनाज मंडी में किसान नमी के नाम पर काट काटे जाने को लेकर एकत्रित हुए। इस दौरान किसानों ने प्रशासन को दोपहर तक समस्या का समाधान करवाने की मांग रखी। लेकिन दोपहर तक भी धान खरीद में काट को लेकर सहमति न बनने पर किसान ओढ़ां रोड पर ट्रैक्टर-ट्रालियां लगाकर धरना लगाकर बैठ गए और 20 प्रतिशत नमी तक बिना काट के धान खरीद करने की मांग पर अडिग रहे।
वहीं दूसरी तरफ शेलर संचालक का कहना था कि वे मंडी में नियमानुसार धान खरीदने के लिए तैयार हैं। किसान मंडी में धान ढेरी करके व झार लगाकर अपनी फसल बेचें। उन्हें गीला धान खरीदने से नुकसान होता है। जिस पर एसडीएम सुरेश रविश और मार्केट कमेटी सचिव यशपाल मेहता सुबह से देर शाम तक किसानों की समस्याओं को सुनकर समाधान करवाने का प्रयास करते रहे। लेकिन बावजूद इसके देर शाम तक किसानों व शेलर संचालकों में कोई सहमति नहीं बनी थी।
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भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रदेश युवा उपाध्यक्ष जगविंदर सिंह माखा, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह वैदवाला, युवा हलकाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह दादू, हलकाध्यक्ष मनजीत सिंह, ब्लाॅक अध्यक्ष सत्ता सिंह चहल, गुरनाम सिंह व अन्यों ने बताया कि धान सीजन के शुरू से ही शेलर संचालक खरीद एजेंसियों से मिलीभगत करके किसानों को लूटने का काम कर रहे हैं। किसानों के सूखे धान पर भी काट काटी जा रही है। मंडी में धान की खरीद करने का काम खरीद एजेंसियों का है। लेकिन मंडी में खरीद एजेंसियों की जगह शेलर संचालक धान की खरीद कर रहे हैं। मंडी में किसान के धान में 16 प्रतिशत नमी के बाद प्रति क्विंटल के हिसाब से काट काटी जा रही है।
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वहीं दूसरी तरफ शेलर संचालक का कहना था कि वे मंडी में नियमानुसार धान खरीदने के लिए तैयार हैं। किसान मंडी में धान ढेरी करके व झार लगाकर अपनी फसल बेचें। उन्हें गीला धान खरीदने से नुकसान होता है। जिस पर एसडीएम सुरेश रविश और मार्केट कमेटी सचिव यशपाल मेहता सुबह से देर शाम तक किसानों की समस्याओं को सुनकर समाधान करवाने का प्रयास करते रहे। लेकिन बावजूद इसके देर शाम तक किसानों व शेलर संचालकों में कोई सहमति नहीं बनी थी।
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भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रदेश युवा उपाध्यक्ष जगविंदर सिंह माखा, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह वैदवाला, युवा हलकाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह दादू, हलकाध्यक्ष मनजीत सिंह, ब्लाॅक अध्यक्ष सत्ता सिंह चहल, गुरनाम सिंह व अन्यों ने बताया कि धान सीजन के शुरू से ही शेलर संचालक खरीद एजेंसियों से मिलीभगत करके किसानों को लूटने का काम कर रहे हैं। किसानों के सूखे धान पर भी काट काटी जा रही है। मंडी में धान की खरीद करने का काम खरीद एजेंसियों का है। लेकिन मंडी में खरीद एजेंसियों की जगह शेलर संचालक धान की खरीद कर रहे हैं। मंडी में किसान के धान में 16 प्रतिशत नमी के बाद प्रति क्विंटल के हिसाब से काट काटी जा रही है।
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