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Sirsa News: जीएसटी पास कराने पर विवाद, ठेकेदारों ने कमीशन मांगने का आरोप लगाया
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सिरसा। नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों के दौरान प्रयोग किए जाने वाले मटीरियल की जीएसटी पास करवाना ठेकेदारों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। शुक्रवार को जीएसटी मंजूरी के एवज में कमीशन मांगने पर नगर परिषद में विवाद खड़ा हो गया। मामले के बाद ठेकेदारों ने एमई प्रवेश कौशिक के साथ बैठक कर कमीशन की मांग पर कड़ा विरोध जताया और साफ कहा कि वे किसी भी प्रकार का अतिरिक्त भुगतान नहीं करेंगे।
एमई प्रवेश कौशिक ने ठेकेदारों को आश्वासन दिया कि यदि कोई कर्मचारी अथवा अधिकारी जीएसटी पास करवाने के नाम पर कमीशन मांगता है, तो उसे तुरंत उनके संज्ञान में लाया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जीएसटी पास करवाने की प्रक्रिया में किसी विस्तृत फाइल को चलाने की आवश्यकता ही नहीं होती।
केवल दो दस्तावेज पर दो अधिकारियों के हस्ताक्षर जरूरी हैं और दोनों दस्तावेज एक्सईएन और एआरओ के पोर्टल पर ही स्वीकृत हो जाते हैं। इसके विपरीत अब तक जीएसटी पास करवाने के लिए एमई, एक्सईएन, चेयरमैन, एआरओ और जिला नगर आयुक्त तक के हस्ताक्षर करवाए जाते रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार केवल दो हस्ताक्षरों की ही जरूरत होती है।
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ठेकेदार बोले - ऐसे तो विकास कार्य करना ही मुश्किल हो जाएगा
नगर परिषद में शुक्रवार को हुई बैठक में ठेकेदारों ने एमई को बताया कि जीएसटी सीधे तौर पर सरकार को दिया पैसा होता है। अगर, इसे ही पुन: प्राप्त करने के लिए कमीशन देना होगा तो विकास कार्य कैसे करेंगे। जीएसटी में ये हालात रहेंगे तो दूसरे बिलों में हमारे साथ क्या होगा। इस तरह से विकास कार्यों को नियमित रूप से किया जाना संभव नहीं है।
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चेयरमैन तक पर लगाए आरोप
शुक्रवार को दोपहर को एक ठेकेदार अपनी जीएसटी फाइल पास करवाने के लिए चक्कर काट रहा था। उसने बताया कि जीएसटी की फाइल को चेयरमैन पास नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा कई लोगों की फाइल चेयरमैन के पास पेंडिंग पड़ी है। तब सीनियर ठेकेदार विजय कुमार ने उसे जानकारी दी कि जीएसटी के लिए फाइल चलाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए बैठक हो चुकी है, दो फॉर्म पर दो ही अधिकारियों के साइन करवाने हैं। किसी को कमीशन देने की जरूरत नहीं है। ऐसे में जीएसटी के लिए चेयरमैन तक पर पैसे मांगने के आरोप लगना बेहद चौंकाने वाला है।
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जीएसटी पास करने के लिए कमीशन लेने के आरोप बेबुनियाद हैं। यदि कोई जैसे पैसा मांगता है तो वह उन्हें अवगत करवाए। उन पर कार्रवाई की जाएगी। गलत आरोप कोई न लगाए। - वीर शांति स्वरूप,चेयरमैन, नगर परिषद
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जीएसटी के लिए ठेकेदार को कुछ दिक्कत आ रही थी, उसका समाधान करवा दिया गया है।
- प्रवेश कौशिक, एमई, नगर परिषद।
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एमई प्रवेश कौशिक ने ठेकेदारों को आश्वासन दिया कि यदि कोई कर्मचारी अथवा अधिकारी जीएसटी पास करवाने के नाम पर कमीशन मांगता है, तो उसे तुरंत उनके संज्ञान में लाया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जीएसटी पास करवाने की प्रक्रिया में किसी विस्तृत फाइल को चलाने की आवश्यकता ही नहीं होती।
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केवल दो दस्तावेज पर दो अधिकारियों के हस्ताक्षर जरूरी हैं और दोनों दस्तावेज एक्सईएन और एआरओ के पोर्टल पर ही स्वीकृत हो जाते हैं। इसके विपरीत अब तक जीएसटी पास करवाने के लिए एमई, एक्सईएन, चेयरमैन, एआरओ और जिला नगर आयुक्त तक के हस्ताक्षर करवाए जाते रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार केवल दो हस्ताक्षरों की ही जरूरत होती है।
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ठेकेदार बोले - ऐसे तो विकास कार्य करना ही मुश्किल हो जाएगा
नगर परिषद में शुक्रवार को हुई बैठक में ठेकेदारों ने एमई को बताया कि जीएसटी सीधे तौर पर सरकार को दिया पैसा होता है। अगर, इसे ही पुन: प्राप्त करने के लिए कमीशन देना होगा तो विकास कार्य कैसे करेंगे। जीएसटी में ये हालात रहेंगे तो दूसरे बिलों में हमारे साथ क्या होगा। इस तरह से विकास कार्यों को नियमित रूप से किया जाना संभव नहीं है।
चेयरमैन तक पर लगाए आरोप
शुक्रवार को दोपहर को एक ठेकेदार अपनी जीएसटी फाइल पास करवाने के लिए चक्कर काट रहा था। उसने बताया कि जीएसटी की फाइल को चेयरमैन पास नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा कई लोगों की फाइल चेयरमैन के पास पेंडिंग पड़ी है। तब सीनियर ठेकेदार विजय कुमार ने उसे जानकारी दी कि जीएसटी के लिए फाइल चलाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए बैठक हो चुकी है, दो फॉर्म पर दो ही अधिकारियों के साइन करवाने हैं। किसी को कमीशन देने की जरूरत नहीं है। ऐसे में जीएसटी के लिए चेयरमैन तक पर पैसे मांगने के आरोप लगना बेहद चौंकाने वाला है।
जीएसटी पास करने के लिए कमीशन लेने के आरोप बेबुनियाद हैं। यदि कोई जैसे पैसा मांगता है तो वह उन्हें अवगत करवाए। उन पर कार्रवाई की जाएगी। गलत आरोप कोई न लगाए। - वीर शांति स्वरूप,चेयरमैन, नगर परिषद
जीएसटी के लिए ठेकेदार को कुछ दिक्कत आ रही थी, उसका समाधान करवा दिया गया है।
- प्रवेश कौशिक, एमई, नगर परिषद।