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Sirsa News: परिवार पहचान पत्र और अदेय प्रमाणपत्र के अभाव में योजनाओं के लाभ से दूर हुए नागरिक
Tue, 24 Sep 2024 05:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 24 Sep 2024 05:34 AM IST
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सिरसा की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में होता कामकाज।
सिरसा। परिवार पहचान पत्र और अदेय प्रमाणपत्र के चक्कर में कई नागरिक सरकार की ओर से चलाई जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो गए। परिवार पहचान पत्र में आय ज्यादा दर्शाए जाने के कारण नागरिकों को बुढ़ापा पेंशन, बीपीएल परिवारों के लिए मिलने वाला राशन नहीं मिल पाया। वहीं प्रॉपर्टी टैक्स में गलतियों के कारण नागरिकों को अदेय प्रमाणपत्र लेने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिवार पहचान पत्र और अदेय प्रमाणपत्र बनवाने या इनमें गलतियों को ठीक करवाने के लिए नागरिक पूरे वर्ष सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटते रहे। वहीं सरकार द्वारा चलाए गए समाधान शिविरों में भी नागरिकों ने इन दोनों समस्याओं के कई मामले अधिकारियों के सामने रखे। शहर से लेकर गांवों तक दोनों क्षेत्रों में परिवार पहचान पत्र में की गई गलतियों को ठीक करवाने के लिए नागरिक लाइनों में लगे रहे। परिवार पहचान पत्र में की गई गलतियों के कारण कई बुजुर्गों को पेंशन बनवाने के लिए चक्कर काटने पड़े वहीं बीपीएल परिवारों को राशन लेने में परेशानी झेलनी पड़ी।
विधानसभा चुनाव के दौरान नागरिक इन मुद्दों पर अक्सर चर्चा करते हुए दिखाई दे जाते हैं। हालांकि विभिन्न नेता भी इन मुद्दों को अपने चुनाव प्रचार के दौरान उठाते हैं। लोगों की माने तो परिवार पहचान पत्र की गलतियों को दुरुस्त करवाने के लिए सरपंच से लेकर विधायकों तक के चक्कर काटने पड़े हैं। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के बार-बार चक्कर काटने के बाद ही जाकर समाधान होता था। वहीं, अदेय प्रमाणपत्र को लेकर नगर परिषद के आलाधिकारियों से लेकर विधायक के आवास पर लोगों की लाइनें देखने को मिली। दोनों समस्या को लेकर लोगों में इन दिनों रोष देखने को मिल रहा है।
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परिवार पहचान पत्र की कमियों के कारण इन योजनाओं में झेली परेशानी
बुढ़ापा पेंशन
विधवा पेंशन
दिव्यांग पेंशन
बीपीएल कार्ड
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में
विद्यालयों में प्रवेश लेने के दौरान
अदेय प्रमाणपत्र न मिलने से ये रुके काम
- प्रॉपर्टी खरीदना और बेचना
- किरायानामा बनवाने
- प्रॉपर्टी पर ऋण लेना
- परिजनों के नाम प्रॉपर्टी दर्ज करवाना
परिवार पहचान पत्र की त्रुटियों को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई सरकारी योजनाओं से इसी कारण वंचित रह जाते हैं। बुजुर्गों की पेंशन से लेकर युवाओं के आवेदन फार्म तक में इसकी जरूरत पड़ती है। इसमें कोई कमी रह जाए तो बस विभाग के चक्कर लगाते रह जाते हैं। संदीप कुमार। शहरवासी
अदेय प्रमाणपत्र पोर्टल बड़ी समस्या बन गया है। कोई प्रॉपर्टी खरीदनी या बेचनी हो तो पहले लाखों रुपये भरकर अदेय प्रमाणपत्र लेना पड़ता है। इसके बिना तो किरायानामा तक नहीं हो सकता है। यह सुविधा कम और समस्या ज्यादा बन गई है। गौरव अरोडा, शहरवासी
सरकार ने हर आवेदन के साथ परिवार पहचान पत्र जरूरी कर दिया है। आधार जैसी आईडी होने के बाद भी परिवार पहचान पत्र लागू कर सरकार ने युवाओं को परेशान ही किया है। पहले इसे बनवाने के लिए सीएचसी के चक्कर काटो और उसके बाद यदि कोई कमी रह जाए तो विभाग परेशान कर देता है। यह सुविधा से ज्यादा परेशानी है। सुमंत कुमार। शहरवासी
अदेय प्रमाणपत्र को लेकर लोग परेशान न हो। इसके लिए विशेष व्यवस्था की हुई थी। टैक्स ब्रांच के कर्मचारी निरंतर नागरिकों को जागरूक करते रहते हैं। -अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।
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परिवार पहचान पत्र और अदेय प्रमाणपत्र बनवाने या इनमें गलतियों को ठीक करवाने के लिए नागरिक पूरे वर्ष सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटते रहे। वहीं सरकार द्वारा चलाए गए समाधान शिविरों में भी नागरिकों ने इन दोनों समस्याओं के कई मामले अधिकारियों के सामने रखे। शहर से लेकर गांवों तक दोनों क्षेत्रों में परिवार पहचान पत्र में की गई गलतियों को ठीक करवाने के लिए नागरिक लाइनों में लगे रहे। परिवार पहचान पत्र में की गई गलतियों के कारण कई बुजुर्गों को पेंशन बनवाने के लिए चक्कर काटने पड़े वहीं बीपीएल परिवारों को राशन लेने में परेशानी झेलनी पड़ी।
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विधानसभा चुनाव के दौरान नागरिक इन मुद्दों पर अक्सर चर्चा करते हुए दिखाई दे जाते हैं। हालांकि विभिन्न नेता भी इन मुद्दों को अपने चुनाव प्रचार के दौरान उठाते हैं। लोगों की माने तो परिवार पहचान पत्र की गलतियों को दुरुस्त करवाने के लिए सरपंच से लेकर विधायकों तक के चक्कर काटने पड़े हैं। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के बार-बार चक्कर काटने के बाद ही जाकर समाधान होता था। वहीं, अदेय प्रमाणपत्र को लेकर नगर परिषद के आलाधिकारियों से लेकर विधायक के आवास पर लोगों की लाइनें देखने को मिली। दोनों समस्या को लेकर लोगों में इन दिनों रोष देखने को मिल रहा है।
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परिवार पहचान पत्र की कमियों के कारण इन योजनाओं में झेली परेशानी
बुढ़ापा पेंशन
विधवा पेंशन
दिव्यांग पेंशन
बीपीएल कार्ड
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में
विद्यालयों में प्रवेश लेने के दौरान
अदेय प्रमाणपत्र न मिलने से ये रुके काम
- प्रॉपर्टी खरीदना और बेचना
- किरायानामा बनवाने
- प्रॉपर्टी पर ऋण लेना
- परिजनों के नाम प्रॉपर्टी दर्ज करवाना
परिवार पहचान पत्र की त्रुटियों को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई सरकारी योजनाओं से इसी कारण वंचित रह जाते हैं। बुजुर्गों की पेंशन से लेकर युवाओं के आवेदन फार्म तक में इसकी जरूरत पड़ती है। इसमें कोई कमी रह जाए तो बस विभाग के चक्कर लगाते रह जाते हैं। संदीप कुमार। शहरवासी
अदेय प्रमाणपत्र पोर्टल बड़ी समस्या बन गया है। कोई प्रॉपर्टी खरीदनी या बेचनी हो तो पहले लाखों रुपये भरकर अदेय प्रमाणपत्र लेना पड़ता है। इसके बिना तो किरायानामा तक नहीं हो सकता है। यह सुविधा कम और समस्या ज्यादा बन गई है। गौरव अरोडा, शहरवासी
सरकार ने हर आवेदन के साथ परिवार पहचान पत्र जरूरी कर दिया है। आधार जैसी आईडी होने के बाद भी परिवार पहचान पत्र लागू कर सरकार ने युवाओं को परेशान ही किया है। पहले इसे बनवाने के लिए सीएचसी के चक्कर काटो और उसके बाद यदि कोई कमी रह जाए तो विभाग परेशान कर देता है। यह सुविधा से ज्यादा परेशानी है। सुमंत कुमार। शहरवासी
अदेय प्रमाणपत्र को लेकर लोग परेशान न हो। इसके लिए विशेष व्यवस्था की हुई थी। टैक्स ब्रांच के कर्मचारी निरंतर नागरिकों को जागरूक करते रहते हैं। -अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।