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Haryana: डेरा जगमालवाली के प्रमुख वकील साहिब को नम आंखों से अंतिम विदाई, छावनी में तब्दील हो गया डेरा
Fri, 02 Aug 2024 09:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 02 Aug 2024 09:39 PM IST
सार
भूमणशाह के सेवादार बाबा ब्रह्मदास के अलावा अनेक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि व गणमान्य लोग पहुंचे और वकील साहिब के बेटे ओमप्रकाश व भाई बुधराम बिश्नोई को सांत्वना दी।
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सिरसा में संत वकील साहिब की देह को मिट्टी देते परिजन और अनुयायी।
विस्तार
हरियाणा के सिरसा में डेरा जगमालवाली के प्रमुख संत बहादुर चंद उर्फ वकील साहिब के पार्थिव शरीर को शुक्रवार दोपहर बूंदाबांदी के बीच बिश्नोई समाज की प्रथा के अनुरूप डेरे में ही दफना दिया गया। इससे पहले हरियाणा, यूपी, दिल्ली व पंजाब सहित अन्य राज्यों से आए हजारों अनुयायियों ने पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इस दौरान डेरा भूमणशाह के सेवादार बाबा ब्रह्मदास के अलावा अनेक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि व गणमान्य लोग पहुंचे और वकील साहिब के बेटे ओमप्रकाश व भाई बुधराम बिश्नोई को सांत्वना दी।
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संत बहादुर चंद उर्फ वकील साहिब का बुधवार को नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को वीरवार सुबह डेरे में लाया गया। उनके निधन की जानकारी मिलते ही हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, उतर प्रदेश व विदेशों से अनुयायियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
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दोपहर करीब 3 बजे वकील साहिब के पार्थिव शरीर को डेरे में ही दफना दिया गया। इस मौके पर जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, इनेलो नेता कर्ण चौटाला समेत कई नेता पहुंचे।
छावनी में तब्दील हो गया डेरा
बुधवार को वकील साहिब के निधन के बाद विवाद के मद्देनजर और अनुयायियों की भीड़ को देखते हुए सभी गांवों के रास्तों पर नाकेबंदी कर दी गई थी। सुरक्षा की लिहाज से डेरे को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। एडीजीपी से लेकर तीन जिलों के एसपी व अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर तैनात रहे। डेरे में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक इंटरनेट सेवाओं को भी बंद कर दिया गया था।
