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टाइम टेबल बदलने पर भड़के ऑपरेटर, नहीं चली एक भी बस

Sat, 06 Aug 2016 01:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Sat, 06 Aug 2016 01:38 AM IST
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Bus time iable, time table change, bus strike, agitation
बस हड़ताल - फोटो : Bureau

क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से  प्राइवेट बसों  के टाइम टेबल में परिवर्तन किए जाने के रोष स्वरूप प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने शुक्रवार को बसें बस स्टैंड परिसर में खड़ी करके रोष जताया। साथ ही नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर नए टाइम टेबल को बदला न गया तो वह बसें नहीं चलाएंगे। उधर रोडवेज के जिला प्रबंधक राम कुमार का कहना है कि बसों का समय बदलना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। आरटीए ही इसमें परिवर्तन कर सकते हैं।

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प्राइवेट बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के प्रधान काला सिंह, निर्मल सिंह, संजीव कुमार, ओम प्रकाश, राजीव, सुखविंद्र सिंह, रतन सिंह, बिट्टू आदि ने बताया कि सिरसा से बणी मार्ग पर चलने वाली कुछ बसों के संचालकों ने सीएम विंडो में टाइम टेबल को लेकर शिकायत दी थी। जिसके आधार पर 25 तारीख को एक अस्थाई टाइम टेबल आरटीए की तरफ से बना दिया गया और चारों बसों को बणी से सुबह का समय दे दिया गया जबकि सिरसा से उनमें से कोई बस नहीं है। उनका आरोप है कि आटीए की ओर से मनमाने ढंग से टाइम टेबल बनाकर उसे शुक्रवार से ही लागू कर दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि नए टाइम टेबल के अनुसार अब बस चालकों को आठ किलो मीटर की दूरी तीन मिनट में, 16 किलो मीटर की दूरी दस मिनट में तय करनी होगी। उन्होंने इसे तुगलकी फरमान करार देते हुए बसेें न चलाने का निर्णय लिया। बस संचालकों ने रोडवेज जीएम से मांग की है कि इस शर्त को बदला जाए, इस पर जीएम ने साफ शब्दों में कहा कि बसों का समय बदलना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इस बारे में आरटीए ही उचित कदम उठा सकते हैं।
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प्रदर्शनकारियों की करीब एक घंटा तक जीएम से बातचीत होती रही। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नए टाइम टेबल मेें दूरी का ध्यान नहीं रखा गया है। दूसरी ओर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हैं। अगर चालक बस की गति बढ़ाता है तो दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो बस ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाने के लिए शेष सभी बसों का टाइम टेबल बिगाड़ दिया गया है। उधर प्रदर्शनकारियों ने अपनी बात रखने के लिए आरटीओ से समय मांगा हैं।

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