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43 दिन से बंद बॉर्डर खुले: नागरिकों के डबवाली बंद करने के बाद कार्रवाई, पंजाब-हरियाणा आवागमन शुरू
Tue, 02 Apr 2024 06:23 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 02 Apr 2024 06:23 PM IST
सार
बठिंडा रोड खोलने में पुलिस प्रशासन को मशक्कत करने पड़ी। अंडरपास, पुल और हाईवे खुल गए हैं। व्यापारियों ने इसपर खुशी जताई है। प्रशासन ने व्यापारियों और शहरवासियों से मदद मांगी तो बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
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बठिंडा हाईवे को पोकलेन से खुलवाते हुए प्रशासन।
- फोटो : संवाद
विस्तार
पंजाब के किसानों को दिल्ली कूच से रोकने के लिए 43 दिन पहले सील किए गए बठिंडा हाईवे और मलोट हाईवे को प्रशासन ने मंगलवार को दोपहर बाद खोल दिया। वहीं व्यापारियों ने अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार डबवाली शहर दोपहर दो बजे तक बंद रखा। इस दौरान बाजारों से लेकर गली मोहल्ले तक में दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों की अपील पर शहरवासियों ने एकजुटता दिखाते हुए शहर को पूरी तरह बंद कर दिया और गोल चौक पर व्यापारियों के धरने का समर्थन किया।
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हालांकि पुलिस प्रशासन की मदद के लिए भी शहर के मौजिज लोग आगे आए और बठिंडा हाईवे खुलवाने में सहयोग दिया। वहीं मलोट व बठिंडा हाईवे खुलने पर व्यापारियों ने खुशी जाहिर की और शहरवासियों की आपसी एकता को जीत का श्रेय दिया। व्यापारियों ने कहा कि 43 दिन बाद डबवाली में हरियाणा और पंजाब का आज दोबारा संगम हुआ है।
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विधायकों ने दिया था समर्थन
बता दें कि चार दिनों से डबवाली के व्यापारी और आढ़ती गोल चौक पर हाईवे खुलवाने को लेकर धरना दे रहे हैं। धरने के दौरान उन्होंने दो अप्रैल को डबवाली बंद करने की चेतावनी दी थी। वहीं सोमवार को ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला और डबवाली के विधायक अमित सिहाग धरने पर पहुंचे थे। विधायक अमित सिहाग ने जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मामले से अवगत करवाया था। वहीं विधायक अभय सिंह चौटाला ने उपायुक्त को 6 अप्रैल तक हाईवे खोलने का वक्त दिया था।
उन्होंने चेतावनी दी थी कि सात अप्रैल को वह स्वयं ट्रैक्टर और कार्यकर्ताओं के साथ आएंगे और हाईवे को खोलेंगे। दोनों के पहुंचने के बाद माहौल गर्माता देखकर प्रशासन ने देर शाम को ही हाईवे खोलने की कवायद शुरू कर दी थी।
15 घंटे की कवायद के बाद खुला हाईवे
पुलिस प्रशासन ने किसानों को रोकने के लिए मलोट अंडरपास व पुल को बड़े-बड़े पत्थर व बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया था। जबकि बठिंडा हाईवे को फाइव लेयर सिस्टम से बंद किया था। जितनी मशक्कत प्रशासन को हाईवे को बंद करने में लगी थी उससे ज्यादा मेहनत 15 घंटों तक हाईवे खोलने में करनी पड़ी। डबवाली के लोगों के अनुसार मलोट अंडरपास आसानी से खुल गया और पुल का एक हिस्सा भी जल्द ही प्रशासन ने खोल दिया। जिससे आवागमन मंगलवार सुबह शुरू हो गया। लेकिन बठिंडा हाईवे खोलने में प्रशासन के पसीने छूट गए। कई लेयर में लगाए गए बैरिकेड जेसीबी की जगह पोकलेन मशीन से हटाने पड़े।
नागरिकों ने जताई खुशी
सुखविंद्र सिंह काका, राजीव बांसल, रमेश मेहता, राजेश जैन काला, विपिन मोंगा, नरेश जैन, सुरेंद्र सिंह, गुरविंद्र सिंह, बिट्टू, धन्ना सिंह मिस्त्री सहित तमाम व्यापारियों, दुकानदारों ने कहा कि 43 दिन बाद हाईवे खुलने से अब पंजाब और हरियाणा का संगम हुआ है। दोनों राज्यों में अब दोबारा आपसी व्यापार, स्वास्थ्य सेवाएं व अन्य सेवाएं शुरू हो पाएंगी। डबवाली बंद को लेकर सभी शहरवासियों का सहयोग रहा है और उनके प्रयासों से आज हाईवे खुले हैं।