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स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले नप ने किया 50 हजार से ज्यादा शहरवासियों को जागरूक
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कूड़ा एकत्रीकरण को लेकर दुकानदार को समझाता सक्षम युवा।
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर परिषद ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की है। सर्वेक्षण से पहले शहरवासियों को जागरूक करने के लिए नप की ओर से अभियान चलाया गया है। यदि शहरवासी सही से समझें तो न केवल स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान रैंकिंग में सुधार होगा बल्कि बेसहारा पशुओं को भी बीमारियों से बचाया जा सकेगा। गीले कूड़े के निस्तारण को लेकर नप की ओर से सक्षम युवाओं को काम पर लगाया गया है ताकि आमजन को जागरूक किया जा सके। अभी तक नगर परिषद के सक्षम युवाओं की टीमें 50 हजार से ज्यादा लोगों को जागरूक कर चुकी हैं।
कचरा निस्तारण आज की सबसे बड़ी समस्या है। गीला और सूखा कचरा मिक्स होकर घर से निकल रहा है। इस कारण कूड़े को अलग करना परेशानी है। हालांकि नगर परिषद की ओर से गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग रूप में कचरा प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था है लेकिन इसे जागरूकता के अभाव में पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका है। इसलिए नगर परिषद ने 30 सक्षम युवाओं की टीमों को तैयार कर अभियान चलाया है। तीन माह के दौरान शहर के 31 वार्डों में से करीब 24 वार्डों में अभियान चलाया जा चुका है। नगर परिषद के स्वच्छता अभियान के अधिकारी नोडल ऑफिसर जतिन गोयल के नेतृत्व में अब करीब 7 वार्डों में डोर-टू-डोर अभियान चल रहा है।
सकारात्मक असर : जागरूकता अभियान के बाद गीला कूड़ा 20 फीसदी हुआ कम
नगर परिषद की ओर से चलाए जा रहे अभियान की रूपरेखा जतिन गोयल ने तैयार की है। इसके तहत डोर-टू-डोर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अभी तक करीब 30 हजार लोगों को घर-घर जाकर जागरूक किया जा चुुका है। उन्हें बताया जा रहा है कि घर पर ही गीले कचरे से खाद तैयार की जा सकती है जबकि केवल सूूखे कचरे को बाहर निकालें। इसके अलावा 16 से 20 हजार दुकानदारों को इस अभियान में शामिल किया गया है। इतना ही नहीं करीब 2 हजार रेहड़ी वालों को भी इस बारे में जागरूक करके बताया गया है कि वे फल-सब्जी को पशुओं को डालें तो ध्यान रखें कि प्लास्टिक बीच में न हो। क्योंकि इससे बेसहारा पशु बीमार पड़ जाते हैं। इस अभियान के बेहतर परिणाम भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इस अभियान से घरों से निकलने वाला गीला कचरा 20 फीसदी कम हो गया है।
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इन प्वाइंट पर जागरूक कर रही नगर परिषद
- सार्वजनिक स्थानों पर शौचालयों का प्रयोग करें और रखरखाव में सहयोग करें।
- रसोई के गीले कचरे से खाद बनाएं।
- सफाई कर्मचारी को गीला और सूखा कचरा घर से अलग-अलग करके ही दें।
- रसोई घर में दो कूड़ेदान रखें। गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करें।
- सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ेदान कर प्रयोग करें।
- खुले में शौच ना करें। प्लास्टिक की थैली का प्रयोग ना करें।
- किसी भी प्रकार का कचरा ना जलाएं।
- नदी-नालों में ठोस व तरल अपशिष्ट न बहाए
शहर को स्वच्छ बनाना सभी का कर्त्तव्य है। इसलिए सक्षम युवाओं के माध्यम से जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। डोर-टू-डोर अभियान के तहत अब तक सक्षम युवा 24 वार्डों में जा चुके हैं। अन्य वार्डों में ये काम आखिरी चरण में चल रहा है। अभियान का असर भी अब सामने आ रहा है और घरों से निकलने वाला गीला कचरा पहले के मुकाबले 20 फीसदी तक कम हुआ है।
-जतिन गोयल, नोडल ऑफिसर स्वच्छता अभियान, नगर परिषद, सिरसा।
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कचरा निस्तारण आज की सबसे बड़ी समस्या है। गीला और सूखा कचरा मिक्स होकर घर से निकल रहा है। इस कारण कूड़े को अलग करना परेशानी है। हालांकि नगर परिषद की ओर से गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग रूप में कचरा प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था है लेकिन इसे जागरूकता के अभाव में पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका है। इसलिए नगर परिषद ने 30 सक्षम युवाओं की टीमों को तैयार कर अभियान चलाया है। तीन माह के दौरान शहर के 31 वार्डों में से करीब 24 वार्डों में अभियान चलाया जा चुका है। नगर परिषद के स्वच्छता अभियान के अधिकारी नोडल ऑफिसर जतिन गोयल के नेतृत्व में अब करीब 7 वार्डों में डोर-टू-डोर अभियान चल रहा है।
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सकारात्मक असर : जागरूकता अभियान के बाद गीला कूड़ा 20 फीसदी हुआ कम
नगर परिषद की ओर से चलाए जा रहे अभियान की रूपरेखा जतिन गोयल ने तैयार की है। इसके तहत डोर-टू-डोर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अभी तक करीब 30 हजार लोगों को घर-घर जाकर जागरूक किया जा चुुका है। उन्हें बताया जा रहा है कि घर पर ही गीले कचरे से खाद तैयार की जा सकती है जबकि केवल सूूखे कचरे को बाहर निकालें। इसके अलावा 16 से 20 हजार दुकानदारों को इस अभियान में शामिल किया गया है। इतना ही नहीं करीब 2 हजार रेहड़ी वालों को भी इस बारे में जागरूक करके बताया गया है कि वे फल-सब्जी को पशुओं को डालें तो ध्यान रखें कि प्लास्टिक बीच में न हो। क्योंकि इससे बेसहारा पशु बीमार पड़ जाते हैं। इस अभियान के बेहतर परिणाम भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इस अभियान से घरों से निकलने वाला गीला कचरा 20 फीसदी कम हो गया है।
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इन प्वाइंट पर जागरूक कर रही नगर परिषद
- सार्वजनिक स्थानों पर शौचालयों का प्रयोग करें और रखरखाव में सहयोग करें।
- रसोई के गीले कचरे से खाद बनाएं।
- सफाई कर्मचारी को गीला और सूखा कचरा घर से अलग-अलग करके ही दें।
- रसोई घर में दो कूड़ेदान रखें। गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करें।
- सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ेदान कर प्रयोग करें।
- खुले में शौच ना करें। प्लास्टिक की थैली का प्रयोग ना करें।
- किसी भी प्रकार का कचरा ना जलाएं।
- नदी-नालों में ठोस व तरल अपशिष्ट न बहाए
शहर को स्वच्छ बनाना सभी का कर्त्तव्य है। इसलिए सक्षम युवाओं के माध्यम से जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। डोर-टू-डोर अभियान के तहत अब तक सक्षम युवा 24 वार्डों में जा चुके हैं। अन्य वार्डों में ये काम आखिरी चरण में चल रहा है। अभियान का असर भी अब सामने आ रहा है और घरों से निकलने वाला गीला कचरा पहले के मुकाबले 20 फीसदी तक कम हुआ है।
-जतिन गोयल, नोडल ऑफिसर स्वच्छता अभियान, नगर परिषद, सिरसा।

जागरुकता अभियान के दौरान रेहड़ी चालक को समझाते सक्षम युवा। - फोटो : Sirsa