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मरीज का गलत ऑपरेशन करने का आरोप, परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा कर दिया धरना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 11:44 PM IST
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Alleged wrong operation of the patient, the relatives staged a ruckus outside the hospital
निजी अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन करते मरीज के परिजन। - फोटो : sir
सिरसा। इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा शहर के डबवाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल के बाहर मरीज के परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की ओर से उनके इलाज पर आने वाला खर्च दिए जाने की मांग उठाई। मौके पर सिविल लाइन थाना प्रभारी टीम के साथ पहुंच गए और डॉक्टर व मरीज के परिजनों से बातचीत की।
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चौबुर्जा निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी राजवंत कौर के पित्त की पथरी का करीब छह माह पहले उन्होंने उक्त अस्पताल से ऑपरेशन करवाया था। आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन में लापरवाही बरतते हुए उनकी नस को ब्लॉक कर दिया। जिसके कारण मरीज की हालत खराब हो गई। इस मामले को लेकर डॉक्टर से मिले तो उन्होंने मरीज को किसी अन्य निजी अस्पताल में रेफर करने की बात कही। लेकिन उन्होंने मरीज का इलाज अन्य डॉक्टर से करवानी की बात कही। इस दौरान मरीज पर होने वाले खर्च को डॉक्टर ने उठाने पर सहमति जताई थी। ऑपरेशन के छह दिन बाद ही वह मरीज को इलाज के लिए बठिंडा के अस्पताल में लेकर पहुंचे। दो माह तक उन्होंने मरीज को अस्पताल में दाखिल रखा। वहां उनका ऑपरेशन किया जाना था। हालांकि मरीज का इलाज अभी बठिंडा में चल रहा है। लेकिन डॉक्टर ने अब खर्च देने से इनकार कर दिया। ऐसे में उन्होंने आक्रोश जताते हुए अस्पताल के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर सिविल लाइन थाना पुलिस पहुंच गई और मामले की जानकारी जुटाई। इस दौरान उन्होंने डॉक्टर से बातचीत भी लेकिन डॉक्टर और मरीज के परिजनों में कोई सहमति नहीं बन पाई। इस मौके पर मैक्स साहुवाला, गुरी शेखो, रमन गिल, उदय प्रताप सिंह, दीपक, सुरेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
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वर्जन
मरीज के पित्त की पथरी का ऑपरेशन किया गया था। इसके लिए उनके सभी टेस्ट किए गए थे। ऑपरेशन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की गई। इसके बाद मरीज की एक नस कमजोर होने से उनको परेशानी आई थी। इसको लेकर उन्होंने विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास ले जाने का सुझाव दिया था लेकिन परिजन अपनी मर्जी से उन्हें किसी अन्य के पास ले जाकर इलाज करवा रहे हैं।
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-डॉ. आशीष गुप्ता, एमबीबीएस, स्पर्श अस्पताल सिरसा।
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