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बोर्ड में कम अंक भेजने का आरोप, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने किया हगांमा
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नंबर कम लगाने को लेकर स्कूल अध्यापकों पर रोष व्यक्त करते हुए अभिभावक।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। बेगू रोड स्थित महाराजा अग्रसेन स्कूल में 12वीं सीबीएसई का रिजल्ट आने के बाद शनिवार को विद्यार्थियों के परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि जो बच्चे स्कूल में कार्यरत अध्यापकों के पास ट्यूशन पढ़ते थे, उन्हें ज्यादा अंक मिले हैं। जबकि जो बच्चे अपने स्तर पर तैयारियां कर रहे हैं, उन्हें कम अंक दिए गए हैं। साथ ही प्री बोर्ड एग्जाम व दसवीं की परीक्षाओं में टॉपर रहे बच्चों के अंक भी काफी कम लगाए गए हैं। इससे बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। अब बच्चों को अच्छे कॉलेजों में दाखिला नहीं मिलेगा।
विद्यार्थियों व परिजनों के हंगामे को देखते हुए स्कूल के मुख्य द्वार को सुरक्षा कर्मियों ने बंद कर दिया गया है। मौके स्कूल ट्रस्ट के प्रधान अनिल गनेरीवाला पहुंचे। उन्होंने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि किसी विद्यार्थी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। मामले की जांच करवाई जाएगी और गलती पाई जाती है तो ऐसे अध्यापकों को स्कूल से तुरंत हटा दिया जाएगा। परीक्षाओं में जो खर्च आएगा वह स्कूल ट्रस्ट वहन करेगा।
परिजन अशोक कुमार व सरोज सतीजा ने बताया कि उनके बच्चे स्कूली अध्यापकों के पास ट्यूशन नहीं पढ़े, इसलिए उन अध्यापकों ने बच्चों के नंबर कम लगाए गए हैं। जब से रिजल्ट आया है बच्चों को रो-रोकर बुरा हाल है। प्री बोर्ड में कम नबंर लाने वाले छात्रों के उनसे ज्यादा नंबर लगाए गए हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग व प्रशासन मामले में उचित कार्रवाई करते हुए बच्चों के नंबर बढ़वाने की मांग की है।
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विद्यार्थियों व परिजनों के हंगामे को देखते हुए स्कूल के मुख्य द्वार को सुरक्षा कर्मियों ने बंद कर दिया गया है। मौके स्कूल ट्रस्ट के प्रधान अनिल गनेरीवाला पहुंचे। उन्होंने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि किसी विद्यार्थी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। मामले की जांच करवाई जाएगी और गलती पाई जाती है तो ऐसे अध्यापकों को स्कूल से तुरंत हटा दिया जाएगा। परीक्षाओं में जो खर्च आएगा वह स्कूल ट्रस्ट वहन करेगा।
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परिजन अशोक कुमार व सरोज सतीजा ने बताया कि उनके बच्चे स्कूली अध्यापकों के पास ट्यूशन नहीं पढ़े, इसलिए उन अध्यापकों ने बच्चों के नंबर कम लगाए गए हैं। जब से रिजल्ट आया है बच्चों को रो-रोकर बुरा हाल है। प्री बोर्ड में कम नबंर लाने वाले छात्रों के उनसे ज्यादा नंबर लगाए गए हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग व प्रशासन मामले में उचित कार्रवाई करते हुए बच्चों के नंबर बढ़वाने की मांग की है।
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