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Sirsa News: सोसायटी के पूर्व सचिव पर 4.76 करोड़ रुपये गबन का आरोप
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सोसायटी लिमिटेड के प्रधान हरबंस नारंग के प्रधान की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। द सिरसा आदर्श कोऑपरेटिव एनए (टीएंडसी) सोसायटी लिमिटेड के प्रधान हरबंस नारंग ने सोसायटी के पूर्व सचिव रवि प्रकाश पर करीब 4.76 करोड़ रुपये के गबन करने का आरोप लगाया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रधान हरबंस नारंग ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि रवि प्रकाश ने अपने कार्यकाल के दौरान फर्जी लेनदेन और खातों में हेराफेरी कर सोसायटी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। नारंग के अनुसार रवि प्रकाश वर्ष 2005 से 2016 तक सोसायटी का सचिव रहे और वर्ष 2019 तक उसके नियंत्रण में ही अधिकांश कार्य चलता रहा।
आरोप है कि उसने बैंक खातों, चेक और लेनदेन का पूरा नियंत्रण अपने पास रखा व पदाधिकारियों से डमी हस्ताक्षर करवाकर वित्तीय गतिविधियां संचालित करता रहे। प्रधान का आरोप है अब तक करीब 4 करोड़ 76 लाख 98 हजार 440 रुपये के गबन के प्रमाण मिले हैं। शिकायत में विभागीय अधिकारियों और ऑडिट कर्मचारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। प्रधान का का कहना है कि उसने मामले की जानकारी मिलने पर रवि प्रकाश को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया, लेकिन वह नहीं आए। कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकियां दीं।
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इस मामले में जांच अधिकारी जसवंत ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। द सिरसा आदर्श कोऑपरेटिव एनए (टीएंडसी) सोसायटी लिमिटेड के प्रधान हरबंस नारंग ने सोसायटी के पूर्व सचिव रवि प्रकाश पर करीब 4.76 करोड़ रुपये के गबन करने का आरोप लगाया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रधान हरबंस नारंग ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि रवि प्रकाश ने अपने कार्यकाल के दौरान फर्जी लेनदेन और खातों में हेराफेरी कर सोसायटी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। नारंग के अनुसार रवि प्रकाश वर्ष 2005 से 2016 तक सोसायटी का सचिव रहे और वर्ष 2019 तक उसके नियंत्रण में ही अधिकांश कार्य चलता रहा।
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आरोप है कि उसने बैंक खातों, चेक और लेनदेन का पूरा नियंत्रण अपने पास रखा व पदाधिकारियों से डमी हस्ताक्षर करवाकर वित्तीय गतिविधियां संचालित करता रहे। प्रधान का आरोप है अब तक करीब 4 करोड़ 76 लाख 98 हजार 440 रुपये के गबन के प्रमाण मिले हैं। शिकायत में विभागीय अधिकारियों और ऑडिट कर्मचारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। प्रधान का का कहना है कि उसने मामले की जानकारी मिलने पर रवि प्रकाश को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया, लेकिन वह नहीं आए। कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकियां दीं।
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इस मामले में जांच अधिकारी जसवंत ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।