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डीसी बोले- गांव में पराली जली तो सरपंच होंगे जिम्मेवार, सरपंची भी जाएगी
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डीसी पंचायत भवन में गोशाला संचालकों की बैठक को संबोधित करते हुए।
- फोटो : Sirsa
पराली को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी हैै। इसी के तहत मंगलवार को छह किसानों के खिलाफ पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए। वहीं अब तक प्रशासन ने कुल सात किसानों के खिलाफ पराली जलाने के मामले दर्ज कर दिए हैं।
उपायुक्त अशोक गर्ग ने जिले के गोशाला व नंदीशाला संचालकों की मंगलवार को पंचायत भवन में बैठक ली। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि अगर किसी भी गांव में पराली जलाई जाती है तो उसके लिए सरपंच जिम्मेवार होगा। सरपंच की जिम्मेवारी है कि पराली जलाने से रोका जाए। ऐसा नहीं होता है तो सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उसकी सरपंची भी जा सकती है।
गांवों में तैनात किए जाएंगे अधिकारी
उपायुक्त ने बैठक में बताया कि जिन गांवों में अभी धान की कटाई होनी है या हो रही है, वहां पर एक-एक अधिकारी तैनात किए जाएंगे जो वहां निगरानी रखेंगे। उन्होंने बताया कि सरपंचों को आदेश दिए गए हैं कि वो गांवों में पराली न जलाने संबंधी मुनादी कराएंगे। जो पराली जलाएंगे, उनकी सूची बनाकर संबंधित थाना प्रभारी को देंगे। सूची में शामिल करना होगा कि किस किसान ने कितने एकड़ की पराली जलाई है। वहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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गोशालाओं में पराली को बनाएं चारा : डीसी
डीसी अशोक गर्ग ने गो संचालकों को कहा कि वे गोशालाओं में पराली को अधिक से अधिक पशुचारे के लिए प्रयोग करें। ताकि आग लगाने की नौबत ही न आए। कृषि विभाग भी लोगों को पराली के प्रति जागरूक करने में लगा है। जिसके लिए कृषि विभाग पंचायतों को यंत्र दे रहा है। प्रशासन ने 67 गांवों को कस्टम हायरिंग सेंटर दिए गए हैं। पंचायत उपकरणों को चलाने के लिए ट्रैक्टर डीसी रेट पर ले सकते हैं। इसके लिए सरकार पैसा उपलब्ध करवाएगी। डीजल पंचायतें देंगी। चाहे वे ट्रैक्टर से पराली को इकट्ठा करवाएं। उपायुक्त ने कहा कि सिरसा के किसानों द्वारा 1401 धान की किस्म का भी उत्पाद किया जाता है जो कि पछेती किस्म है। धान की कटाई के बाद कनक बिजाई का समय बहुत कम रह जाता है जिसके चलते किसान जल्दी से खेत को खाली व साफ करना चाहता है ताकि गेहूं की बिजाई कर सकें। जिसके चलते वह पराली को जला देता है। यह पराली ना जले इसी के लिए गोशाला से सहायता मांग रहे हैं। स्थिती को आपातकालीन समझकर सभी एक दूसरे की सहायता करें। गोशाला संचालक अन्य कृषि यंत्रों के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसमें जो नियम पंचायती राज के लिए है वही गोशाला के लिए होंगे।
अब तक 236 जगहों पर जलाई गई पराली
जिले में अब तक 236 जगहों पर किसानों ने पराली जला दी है। करीब 67 किसानों से एक लाख 90 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। मंगलवार को 6 किसानों सहित कुल सात किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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उपायुक्त अशोक गर्ग ने जिले के गोशाला व नंदीशाला संचालकों की मंगलवार को पंचायत भवन में बैठक ली। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि अगर किसी भी गांव में पराली जलाई जाती है तो उसके लिए सरपंच जिम्मेवार होगा। सरपंच की जिम्मेवारी है कि पराली जलाने से रोका जाए। ऐसा नहीं होता है तो सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उसकी सरपंची भी जा सकती है।
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गांवों में तैनात किए जाएंगे अधिकारी
उपायुक्त ने बैठक में बताया कि जिन गांवों में अभी धान की कटाई होनी है या हो रही है, वहां पर एक-एक अधिकारी तैनात किए जाएंगे जो वहां निगरानी रखेंगे। उन्होंने बताया कि सरपंचों को आदेश दिए गए हैं कि वो गांवों में पराली न जलाने संबंधी मुनादी कराएंगे। जो पराली जलाएंगे, उनकी सूची बनाकर संबंधित थाना प्रभारी को देंगे। सूची में शामिल करना होगा कि किस किसान ने कितने एकड़ की पराली जलाई है। वहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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गोशालाओं में पराली को बनाएं चारा : डीसी
डीसी अशोक गर्ग ने गो संचालकों को कहा कि वे गोशालाओं में पराली को अधिक से अधिक पशुचारे के लिए प्रयोग करें। ताकि आग लगाने की नौबत ही न आए। कृषि विभाग भी लोगों को पराली के प्रति जागरूक करने में लगा है। जिसके लिए कृषि विभाग पंचायतों को यंत्र दे रहा है। प्रशासन ने 67 गांवों को कस्टम हायरिंग सेंटर दिए गए हैं। पंचायत उपकरणों को चलाने के लिए ट्रैक्टर डीसी रेट पर ले सकते हैं। इसके लिए सरकार पैसा उपलब्ध करवाएगी। डीजल पंचायतें देंगी। चाहे वे ट्रैक्टर से पराली को इकट्ठा करवाएं। उपायुक्त ने कहा कि सिरसा के किसानों द्वारा 1401 धान की किस्म का भी उत्पाद किया जाता है जो कि पछेती किस्म है। धान की कटाई के बाद कनक बिजाई का समय बहुत कम रह जाता है जिसके चलते किसान जल्दी से खेत को खाली व साफ करना चाहता है ताकि गेहूं की बिजाई कर सकें। जिसके चलते वह पराली को जला देता है। यह पराली ना जले इसी के लिए गोशाला से सहायता मांग रहे हैं। स्थिती को आपातकालीन समझकर सभी एक दूसरे की सहायता करें। गोशाला संचालक अन्य कृषि यंत्रों के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसमें जो नियम पंचायती राज के लिए है वही गोशाला के लिए होंगे।
अब तक 236 जगहों पर जलाई गई पराली
जिले में अब तक 236 जगहों पर किसानों ने पराली जला दी है। करीब 67 किसानों से एक लाख 90 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। मंगलवार को 6 किसानों सहित कुल सात किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।