{"_id":"360b515c4342afd9d5cf430875634ffa","slug":"agriculture-minister-op-dhankhadh-in-sirsa-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस बार सरकार में शामिल नहीं जिला, विकास चाहिए तो जिला पार्षद म्हारे चुनो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस बार सरकार में शामिल नहीं जिला, विकास चाहिए तो जिला पार्षद म्हारे चुनो
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Fri, 08 Jan 2016 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला सिरसा को विकास से क्यों दूर रखा जा रहा है? इसका जवाब पंचायत एवं कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने बड़े ही सहज ढंग से दे दिया। उन्होंने कहा कि सरकार से जो भी चीज आती है, किसी न किसी सिस्टम से आती है।
विज्ञापन
इस बार जो सरकार बनी, उसमें सिरसा जिला शामिल नहीं हुआ। आपने सारे विधायक जो चुन लिए, वे विपक्ष में बैठे हैं। मतलब की जो छह इंची पाइप थी, वह सरकार से जुड़ नहीं पाई।
विज्ञापन
वे वीरवार को जिला परिषद के जोन नंबर चार में भाजपा प्रत्याशी के लिए जनसभाएं करने पहुंचे थे। गांव मटदादू में जनसभा में ओपी धनखड़ ने कहा कि समझ दे ओ मेरी गल, जो छह इंची पाइप तुहाडी चंडीगढ़ जुड़ नी पाई, हुण चार इंची जोड़ दो।
विज्ञापन
जिला परिषद हमारे नाल जोड़ दो। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि अब बताओ जो सामान देना चाहता है, तो वह विपक्ष के हाथों देता है क्या। पक्ष के हाथों देता है ना। तो हमें आप जिला परिषद का पक्ष दे दो।
बताओ, दे दोगे। हमने जो कुछ तुम्हारे लिए पहुंचाना है, वे तो पहुंचाएंगे ही। जो कुछ जिले में म्हारे को करना है, वह जिला परिषद के बहाने से जो भी विकास के काम है, वो सारे के सारे काम तेजी से करवा सकें। हम भी चाहते हैं। हमारी सरकार की घोषणा थी। सबका साथ, सबका विकास। उन्होंने कहा कि ये चुनाव पंचायतों का है। मैं पंचायतों का मंत्री हूं।
हरियाणा ने कमाल कर दिया
बहुत ही कमाल किया है हरियाणा के लोगों ने। मैं भी हैरान हूं। 60 प्रतिशत पंच लोगों ने बैठे-बैठे चुन दिए। 26 हजार में से करीब 16000 पंचों पर सर्वसम्मति हुई है।
इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। लोगों ने 95 सरपंच, 46 ब्लॉक समिति सदस्य, दो जिला परिषद सदस्य चुन लिए। अच्छों को चुनो, इसके लिए हम आएं हैं।
तीन कैरेट किन्नू से तोला
गांव मटदादू में पंचायत एवं कृषि मंत्री ओपी धनखड़ को किन्नू से तोला गया। तीन कैरेट किन्नू जितना उनका वजन हुआ। किन्नू को जनसभा में आए ग्रामीणों में वितरित कर दिया गया।
आचार संहिता ने रोका
गांव मटदादू और गोरीवाला में ग्रामीणों ने मांग पत्र मंत्री ओपी धनखड़ को सौंपे। उन्होंने मांग पत्र लेने के बाद कहा कि आचार संहिता के कारण वे कुछ बोल नहीं सकते। प्रत्याशियों के जीतने के बाद वे पुन: धन्यावादी दौरे पर आएंगे। जितने भी मसले होंगे, उन्हें एक बारे में सुलझा लिया जाएगा।
विधानसभा चुनाव लड़ने वाले ने थामा भाजपा का दामन
वर्ष 2014 में एक पार्टी की टिकट पर हलका डबवाली से विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले गांव मटदादू निवासी जगविंद्र सिंह गांधी ने ओपी धनखड़ के नेतृत्व में भाजपा का दामन थाम लिया। इस मौके पर एसजीपीसी सदस्य जगदेव सिंह मटदादू भी उपस्थित थे। मटदादू ने भी विधानसभा चुनाव लड़ा था।
ढाई किलोमीटर में बदल गई बोली
गांव मटदादू पंजाबी बाहुल्य गांव है। भाजपा नेताओं ने वोटरों को खींचने के लिए पंजाबी भाषा का प्रयोग किया। मंत्री ने हिंदी के साथ पंजाबी मिक्स की। ढाई से तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव गोरीवाला में वोटरों के साथ भाषा भी बदल गई। ठेठ बागड़ी में अपना भाषण रखा।
जहां पकड़कर ले गए, वहीं चल दिए मंत्री जी
वीरवार को यह हश्र था कि नेताजी को कार्यकर्ता जहां पकड़कर ले गए, वे वहीं चल दिए। ऐसा नजारा गांव मटदादू में देखने को मिला।
एक ही गांव में नेताजी के तीन से चार कार्यक्रम बना दिए गए। सीधा चंडीगढ़ से डबवाली पहुंचे नेताजी कुछ नहीं बोल सकें। बस कार्यकर्ताओं के पीछे-पीछे भागते चले गए। डबवाली के दौरे के दौरान सुनीता दुग्गल, देवकुमार शर्मा, सतीश जग्गा, बलदेव सिंह मांगेआना मौजूद थे।