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कोरोना के बाद स्कूल में बढ़ी विद्यार्थियों की संख्या, कमरों की कमी बनी समस्या
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सरकारी स्कूल में बरामदे में कक्षा लगाते अध्यापक
- फोटो : Sirsa
सिरसा। कोरोना के केसों में कमी आई तो सरकार ने उन्हें क्रमवार खोलना शुरू किया। अब स्कूल पूरी तरह से खुल चुके हैं। जब स्कूल खुले तो निजी स्कूलों ने स्कूलों ने अभिभावकों को पर फीस और अन्य तरह के चार्ज जमा करवाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। जिस पर ज्यादातर अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवा दिया। जिससे स्कूलों में एकदम से विद्यार्थियों की संख्या बढ़ गई। लेकिन इसी के साथ स्कूलों में अन्य समस्याओं के साथ जगह की कमी भी एक परेशानी का कारण बनने लगी। कई स्कूल ऐसे हैं जहां शिक्षा विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था अपनाते हुए स्कूल को दो शिफ्ट में करना पड़ा है। साथ ही विभाग को नये कमरों की डिमांड भी भेजी है। प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में इस वर्ष 7 हजार से अधिक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है।
सरकारी स्कूलों में कक्षाओं की कमी होने के कारण विद्यार्थियों को और शिक्षकों के समक्ष भी यह बड़ी समस्या खड़ी हो रही है। शिक्षकों को मजबूरन स्कूल के बरामदे में कक्षाएं लगानी पड़ रही है। गर्मी में तो ठीक था ऐसे में सर्दियों के दिनों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है। विद्यार्थियों को मजबूरन ठंड में भी बाहर बैठना पड़ेगा। हालांकि स्कूल प्रशासन की ओर से जिला शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। ताकि कमरों की कमी को दूर किया जा सके।
लगातार सरकारी स्कूलों में बढ़ रही विद्यार्थियों की संख्या
जिले के सरकारी स्कूलों की तरफ विद्यार्थियों का रुझान भी बढ़ना शुरू हो चुका है। वर्ष 2019, 2020 और 2021 में विद्यार्थियों की संख्या कम हुई थी। जिसके बाद विभाग ने भी अपनी तरफ से अभियान चलाकर बच्चों का रुझान भी सरकारी स्कूलों की तरफ बढ़ाया। दो वर्षों बाद इन सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
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जिले में सत्र के अनुसार राजकीय मिडिल स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या
सत्र, प्राथमिक, मिडिल, कुल विद्यार्थी
2014-15, 75140, 51816, 126956
2015-16, 66599, 46841, 113440
2016-17, 62447, 42291, 104738
2017-18, 60497, 40554, 101051
2018-19, 59826, 39310, 99136
2019-20, 59586, 37330, 96916
2020-21, 60293, 36914, 97207
2021-22, 65968, 38330, 104398
अनाज मंडी स्थित माडल संस्कृति स्कूल में 40 कमरों की है जरूरत
सरकार की ओर से इस वर्ष कई स्कूलों को मॉडल संस्कृति स्कूलों में बदला गया है। ऐसे में इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। शहर के अनाज मंडी स्थित मॉडल संस्कृति स्कूलों में भी अब 40 कमरों की आवश्यकता है। लेकिन इनमें से केवल 24 कमरे बनाने के लिए मंजूरी मिली है। हालांकि इन कमरों का निर्माण कार्य अभी शुरू तक नहीं हो पाया है। वहीं डबवाली के सरकारी स्कूल में कक्षाएं न होने के कारण प्राथमिक विद्यालय को पहले तो दस वर्षों तक वाल्मीकि धर्मशाला में चलाया जा रहा है इसके बाद अब इसे ट्रस्ट के पार्क में बने कमरों में चलाया जा रहा है।
दो शिफ्टों में चलाए जा रहे हैं कई स्कूल
स्कूलों में कमरों की कमी होने के कारण विभाग ने इसका अपने स्तर पर हल निकालते हुए स्कूलों को दो शिफ्टों में लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की है। स्कूल की ओर बच्चों को सुबह और शाम के सत्र में पढ़ाई करने के लिए बुलाया जाता है। शहर के चत्तरगढ़पट्टी, कीर्तिनगर, महावीर दल सहित कई अन्य स्कूलों में यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। ताकि विद्यार्थियों को इस समस्या का सामना न करना पड़े।
पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार राजकीय विद्यालयों में दाखिला संख्या बढ़ी है। यह अच्छी बात है। हमने पूरा डाटा मुख्यालय को भेज दिया है। अब विद्यार्थी संख्या के अनुसार कमरों की मांग भी भेजी गई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा।
-संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा।
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सरकारी स्कूलों में कक्षाओं की कमी होने के कारण विद्यार्थियों को और शिक्षकों के समक्ष भी यह बड़ी समस्या खड़ी हो रही है। शिक्षकों को मजबूरन स्कूल के बरामदे में कक्षाएं लगानी पड़ रही है। गर्मी में तो ठीक था ऐसे में सर्दियों के दिनों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है। विद्यार्थियों को मजबूरन ठंड में भी बाहर बैठना पड़ेगा। हालांकि स्कूल प्रशासन की ओर से जिला शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। ताकि कमरों की कमी को दूर किया जा सके।
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लगातार सरकारी स्कूलों में बढ़ रही विद्यार्थियों की संख्या
जिले के सरकारी स्कूलों की तरफ विद्यार्थियों का रुझान भी बढ़ना शुरू हो चुका है। वर्ष 2019, 2020 और 2021 में विद्यार्थियों की संख्या कम हुई थी। जिसके बाद विभाग ने भी अपनी तरफ से अभियान चलाकर बच्चों का रुझान भी सरकारी स्कूलों की तरफ बढ़ाया। दो वर्षों बाद इन सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
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जिले में सत्र के अनुसार राजकीय मिडिल स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या
सत्र, प्राथमिक, मिडिल, कुल विद्यार्थी
2014-15, 75140, 51816, 126956
2015-16, 66599, 46841, 113440
2016-17, 62447, 42291, 104738
2017-18, 60497, 40554, 101051
2018-19, 59826, 39310, 99136
2019-20, 59586, 37330, 96916
2020-21, 60293, 36914, 97207
2021-22, 65968, 38330, 104398
अनाज मंडी स्थित माडल संस्कृति स्कूल में 40 कमरों की है जरूरत
सरकार की ओर से इस वर्ष कई स्कूलों को मॉडल संस्कृति स्कूलों में बदला गया है। ऐसे में इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। शहर के अनाज मंडी स्थित मॉडल संस्कृति स्कूलों में भी अब 40 कमरों की आवश्यकता है। लेकिन इनमें से केवल 24 कमरे बनाने के लिए मंजूरी मिली है। हालांकि इन कमरों का निर्माण कार्य अभी शुरू तक नहीं हो पाया है। वहीं डबवाली के सरकारी स्कूल में कक्षाएं न होने के कारण प्राथमिक विद्यालय को पहले तो दस वर्षों तक वाल्मीकि धर्मशाला में चलाया जा रहा है इसके बाद अब इसे ट्रस्ट के पार्क में बने कमरों में चलाया जा रहा है।
दो शिफ्टों में चलाए जा रहे हैं कई स्कूल
स्कूलों में कमरों की कमी होने के कारण विभाग ने इसका अपने स्तर पर हल निकालते हुए स्कूलों को दो शिफ्टों में लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की है। स्कूल की ओर बच्चों को सुबह और शाम के सत्र में पढ़ाई करने के लिए बुलाया जाता है। शहर के चत्तरगढ़पट्टी, कीर्तिनगर, महावीर दल सहित कई अन्य स्कूलों में यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। ताकि विद्यार्थियों को इस समस्या का सामना न करना पड़े।
पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार राजकीय विद्यालयों में दाखिला संख्या बढ़ी है। यह अच्छी बात है। हमने पूरा डाटा मुख्यालय को भेज दिया है। अब विद्यार्थी संख्या के अनुसार कमरों की मांग भी भेजी गई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा।
-संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा।