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Sirsa News: मार्केटिंग बोर्ड के नए नियमों से आढ़तियों में असमंजस, डिजिटल कांटे फिर बने समस्या
Sat, 14 Mar 2026 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 14 Mar 2026 11:31 PM IST
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मंडी में आने वाले किसानों की बायोमैट्रिक लगानी होगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा स्टेट मार्केटिंग बोर्ड के नियमों में किए बदलाव आढ़तियों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। धान में प्रशासन ने डिजिटल कांटे की छूट दे दी थी लेकिन इस बार इसे प्रमुखता से लागू किया गया है। बिना कांटे के खरीद आढ़ती नहीं कर पाएंगे। कई अन्य बदलावों को लेकर आढ़ती एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है।
आढ़तियान एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोहर मेहता और एसोसिएशन के पूर्व जिला सहसचिव महावीर शर्मा ने बयानजारी करते हुए कहा कि गेहूं का खरीद सीजन शुरू होने से पहले ही हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड के नए नियमों से आढ़तियों में चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। बोर्ड की ओर से लागू किए गए कई नए प्रावधानों के कारण आढ़तियों के लिए काम करना कठिन हो जाएगा और इससे खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
ये किए गए हैं बदलाव
- मंडी में प्रवेश करने वाले किसानों के लिए बायोमेट्रिक प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है।
- डिजिटल कांटा उपयोग करना होगा।
- किसानों को निर्धारित क्षेत्र में ही टोकन कटवाने की बाध्यता भी लागू की गई है।
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अतिरिक्त फड़ के लिए नहीं उठाए गए ठोस कदम
पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार गेहूं की बंपर फसल की संभावना है। ऐसे में मंडियों में अतिरिक्त फड़ की आवश्यकता पड़ेगी। हालांकि, अभी तक इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इससे मंडी में फसल उतारने के स्थान को लेकर विवाद होने की आशंका भी बढ़ गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सिरसा अनाज मंडी में करीब पांच विभिन्न विभागों का हस्तक्षेप रहता है जिसके कारण आढ़तियों को छोटी-छोटी स्वीकृतियों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसे उन्होंने आढ़तियों के शोषण के समान बताया। इसके अलावा, मंडी में केवल पंजीकृत किसानों के आने की शर्त को भी व्यावहारिक रूप से लागू करना मुश्किल बताया गया।
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ये हैं हालात
पदाधिकारियों ने बताया कि सिरसा अनाज मंडी की कई सड़कों की हालत भी बेहद खराब है। टूटी हुईं सड़कों के कारण गेहूं लेकर आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक हादसों का शिकार हो सकते हैं। इस संबंध में पहले भी नगर परिषद सिरसा से मरम्मत की मांग की जा चुकी है लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
18 मार्च को होगी प्रदेशस्तरीय बैठक
मनोहर मेहता ने बताया कि इन सभी समस्याओं और नए नियमों से जुड़ीं चिंताओं को 18 मार्च को हिसार में होने वाली एसोसिएशन की प्रदेशस्तरीय बैठक में उठाया जाएगा। बैठक में सरकार से मांग की जाएगी कि आढ़तियों पर थोपे गए इन नियमों पर पुनर्विचार किया जाए और व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा स्टेट मार्केटिंग बोर्ड के नियमों में किए बदलाव आढ़तियों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। धान में प्रशासन ने डिजिटल कांटे की छूट दे दी थी लेकिन इस बार इसे प्रमुखता से लागू किया गया है। बिना कांटे के खरीद आढ़ती नहीं कर पाएंगे। कई अन्य बदलावों को लेकर आढ़ती एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है।
आढ़तियान एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोहर मेहता और एसोसिएशन के पूर्व जिला सहसचिव महावीर शर्मा ने बयानजारी करते हुए कहा कि गेहूं का खरीद सीजन शुरू होने से पहले ही हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड के नए नियमों से आढ़तियों में चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। बोर्ड की ओर से लागू किए गए कई नए प्रावधानों के कारण आढ़तियों के लिए काम करना कठिन हो जाएगा और इससे खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
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ये किए गए हैं बदलाव
- मंडी में प्रवेश करने वाले किसानों के लिए बायोमेट्रिक प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है।
- डिजिटल कांटा उपयोग करना होगा।
- किसानों को निर्धारित क्षेत्र में ही टोकन कटवाने की बाध्यता भी लागू की गई है।
अतिरिक्त फड़ के लिए नहीं उठाए गए ठोस कदम
पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार गेहूं की बंपर फसल की संभावना है। ऐसे में मंडियों में अतिरिक्त फड़ की आवश्यकता पड़ेगी। हालांकि, अभी तक इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इससे मंडी में फसल उतारने के स्थान को लेकर विवाद होने की आशंका भी बढ़ गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सिरसा अनाज मंडी में करीब पांच विभिन्न विभागों का हस्तक्षेप रहता है जिसके कारण आढ़तियों को छोटी-छोटी स्वीकृतियों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसे उन्होंने आढ़तियों के शोषण के समान बताया। इसके अलावा, मंडी में केवल पंजीकृत किसानों के आने की शर्त को भी व्यावहारिक रूप से लागू करना मुश्किल बताया गया।
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ये हैं हालात
पदाधिकारियों ने बताया कि सिरसा अनाज मंडी की कई सड़कों की हालत भी बेहद खराब है। टूटी हुईं सड़कों के कारण गेहूं लेकर आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक हादसों का शिकार हो सकते हैं। इस संबंध में पहले भी नगर परिषद सिरसा से मरम्मत की मांग की जा चुकी है लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
18 मार्च को होगी प्रदेशस्तरीय बैठक
मनोहर मेहता ने बताया कि इन सभी समस्याओं और नए नियमों से जुड़ीं चिंताओं को 18 मार्च को हिसार में होने वाली एसोसिएशन की प्रदेशस्तरीय बैठक में उठाया जाएगा। बैठक में सरकार से मांग की जाएगी कि आढ़तियों पर थोपे गए इन नियमों पर पुनर्विचार किया जाए और व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।