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फसल अवशेष प्रबंधन अभियान को अतिरिक्त उपायुक्त ने दिखाई हरी झंडी
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मोबाइल वैन का रिबन काटकर शुभारंभ करती एडीसी मनदीप कौर।
- फोटो : Sirsa
नाबार्ड द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन तथा पर्यावरण सुधार संबंधी अभियान को गति प्रदान करने के लिए जिले में फसल अवशेष प्रबंधन हेतु जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। नाबार्ड के तत्वावधान में एक्सपर्ट स्किल डेवलपमेंट संस्थान व जेबीएनआर ट्रस्ट के सहयोग से चलाये जा रहे अभियान का शुभारंभ अतिरिक्त उपायुक्त मनदीप कौर ने मोबाइल जागरूकता वैन को लघु सचिवालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर नाबार्ड द्वारा तैयार करवाए गए पोस्टर तथा प्रचार साहित्य का विमोचन भी किया गया।
एडीसी मनदीप कौर ने नाबार्ड के अभियान की प्रशंसा करते हुए बताया कि इस अभियान के माध्यम से जिले के किसानों में फसल अवशेषों के खेतों में ही उचित प्रबंधन के बारे में तकनीकी जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इस परियोजना से किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपलब्ध विकल्पों के बारे में तथा आधुनिक कृषि उपकरणों के इस्तेमाल जैसे टर्बो हैप्पी सीडर, मलचर, आरएमबी प्लाओ, रेक एवं बेलर के बारे में भी ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रमों में विस्तृत जानकारी मिलेगी। नाबार्ड के डीडीएम अजीत सिंह ने कहा कि नाबार्ड द्वारा जिला सिरसा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
इस परियोजना में नाबार्ड ने नेशनल क्लाइमेट एडाप्टेशन फंड ऑन क्लाइमेट चेंज के अंतर्गत फसल अवशेष प्रबंधन अभियान को साथ लेकर किसानों को पोस्टर्स, पाठन सामग्री, ऑडियो-वीडियों ऐड, फिल्मों पर आधारित मोबाइल वेन के जरिये खेत में ही फसल अवशेष प्रबंधन में प्रयोग होने वाली मशीनों का प्रदर्शन होगा तथा किसानों को जागरूक करने के साथ ही उन्हें फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रेरित भी किया जाएगा। एक्सपर्ट निदेशक विनीत छाबड़ा ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य उचित फसल अवशेष प्रबंधन, मिट्टी की उर्वरक शक्ति बढ़ाने, फसल अवशेष प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक मशीनों के अधिक इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
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वहीं पराली न जलाने वाले किसानों को चैंपियन फार्मर के अवार्ड से सम्मानित भी किया जा रहा है। जेबीएनआर टीम से गौरव ने बताया कि इस अभियान से न केवल पर्यावरण सुरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि किसानों को अपनी मिट्टी की शक्ति बढ़ाने, फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के साथ अपनी आमदनी बढ़ाने के भी अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक बाबू लाल, कृषि विज्ञान केंद्र से देवेंद्र सिंह जाखड़, सुखविंद्र सिंह, एलडीएम अरूण सोनी, डीपीएम दयानंद जांगड़ा, पीएनबी आरएसईटीआई निदेशक नरेंद्र सैनी, वित्तीय सलाहकार सहित एक्सपर्ट तथा जेबीएनआर टीम के सदस्य मौजूद थे।
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एडीसी मनदीप कौर ने नाबार्ड के अभियान की प्रशंसा करते हुए बताया कि इस अभियान के माध्यम से जिले के किसानों में फसल अवशेषों के खेतों में ही उचित प्रबंधन के बारे में तकनीकी जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इस परियोजना से किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपलब्ध विकल्पों के बारे में तथा आधुनिक कृषि उपकरणों के इस्तेमाल जैसे टर्बो हैप्पी सीडर, मलचर, आरएमबी प्लाओ, रेक एवं बेलर के बारे में भी ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रमों में विस्तृत जानकारी मिलेगी। नाबार्ड के डीडीएम अजीत सिंह ने कहा कि नाबार्ड द्वारा जिला सिरसा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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इस परियोजना में नाबार्ड ने नेशनल क्लाइमेट एडाप्टेशन फंड ऑन क्लाइमेट चेंज के अंतर्गत फसल अवशेष प्रबंधन अभियान को साथ लेकर किसानों को पोस्टर्स, पाठन सामग्री, ऑडियो-वीडियों ऐड, फिल्मों पर आधारित मोबाइल वेन के जरिये खेत में ही फसल अवशेष प्रबंधन में प्रयोग होने वाली मशीनों का प्रदर्शन होगा तथा किसानों को जागरूक करने के साथ ही उन्हें फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रेरित भी किया जाएगा। एक्सपर्ट निदेशक विनीत छाबड़ा ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य उचित फसल अवशेष प्रबंधन, मिट्टी की उर्वरक शक्ति बढ़ाने, फसल अवशेष प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक मशीनों के अधिक इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
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वहीं पराली न जलाने वाले किसानों को चैंपियन फार्मर के अवार्ड से सम्मानित भी किया जा रहा है। जेबीएनआर टीम से गौरव ने बताया कि इस अभियान से न केवल पर्यावरण सुरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि किसानों को अपनी मिट्टी की शक्ति बढ़ाने, फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के साथ अपनी आमदनी बढ़ाने के भी अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक बाबू लाल, कृषि विज्ञान केंद्र से देवेंद्र सिंह जाखड़, सुखविंद्र सिंह, एलडीएम अरूण सोनी, डीपीएम दयानंद जांगड़ा, पीएनबी आरएसईटीआई निदेशक नरेंद्र सैनी, वित्तीय सलाहकार सहित एक्सपर्ट तथा जेबीएनआर टीम के सदस्य मौजूद थे।