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ऐलनाबाद से अभय सिंह चौटाला की हैट्रिक
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अभय सिंह चौटाला कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए।
- फोटो : Sirsa
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ऐलनाबाद विधानसभा सीट से इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने 11877 वोटों से जीत दर्ज की। अभय सिंह ने लगातार तीसरी जीत दर्ज कर जीत की हैट्रिक लगाई है। इससे पहले 2010 बाई इलेक्शन, 2014 में वे जीत दर्ज कर चुके हैं। ऐलनाबाद सीट से इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला को 56976 वोट मिले। जबकि भाजपा उम्मीदवार पवन बैनीवाल को 45099 वोट मिले।
अभय सिंह चौटाला ने पवन बैनीवाल को 11877 मतों से हराया। जबकि कांग्रेसी उम्मीदवार भरत सिंह बैनीवाल 35348 मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे। अभय के मुकाबले में भाजपा के पवन बैनीवाल थे। अभय सिंह ने पवन बैनीवाल को लगातार दूूसरी बार हराया। 2014 के विस चुनावों में अभय ने 11535 वोटों से जीत हासिल की थी।
जीत के कारण
क्षेत्र में नशे का प्रकोप रहा। अभय सिंह ने सत्तापक्ष के नेताओं पर क्षेत्र में हेरोइन बेचने के आरोप लगाए। यह मुद्दा चुनावी बन गया। भाजपा की हार की वजह यही रही। दूसरा ऐलनाबाद सीट इनेलो का गढ़ है। पिछले 2014 चुनावों से तुलना करें तो अभय सिंह को त्रिकोणीय मुकाबले का फायदा मिला। 2014 के चुनाव में इनेलो को करीब 69 हजार वोट मिले थे तो भाजपा के पवन भी 58 हजार वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस केवल 11 हजार वोटों तक सिमट गई थी । अबकी बार कांग्रेस के भरत सिंह बैनीवाल को 35348 वोट मिले। इनेलो से टूटकर बनी जजपा भी कोई ज्यादा नुकसान नहीं कर सकी, उसे केवल 6566 वोट मिले।
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अभय सिंह चौटाला ने पवन बैनीवाल को 11877 मतों से हराया। जबकि कांग्रेसी उम्मीदवार भरत सिंह बैनीवाल 35348 मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे। अभय के मुकाबले में भाजपा के पवन बैनीवाल थे। अभय सिंह ने पवन बैनीवाल को लगातार दूूसरी बार हराया। 2014 के विस चुनावों में अभय ने 11535 वोटों से जीत हासिल की थी।
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जीत के कारण
क्षेत्र में नशे का प्रकोप रहा। अभय सिंह ने सत्तापक्ष के नेताओं पर क्षेत्र में हेरोइन बेचने के आरोप लगाए। यह मुद्दा चुनावी बन गया। भाजपा की हार की वजह यही रही। दूसरा ऐलनाबाद सीट इनेलो का गढ़ है। पिछले 2014 चुनावों से तुलना करें तो अभय सिंह को त्रिकोणीय मुकाबले का फायदा मिला। 2014 के चुनाव में इनेलो को करीब 69 हजार वोट मिले थे तो भाजपा के पवन भी 58 हजार वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस केवल 11 हजार वोटों तक सिमट गई थी । अबकी बार कांग्रेस के भरत सिंह बैनीवाल को 35348 वोट मिले। इनेलो से टूटकर बनी जजपा भी कोई ज्यादा नुकसान नहीं कर सकी, उसे केवल 6566 वोट मिले।
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