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Sirsa News: एमसी मार्केट में रामलीला का भव्य मंचन शुरू
Mon, 22 Sep 2025 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 22 Sep 2025 11:08 PM IST
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गोशाला रोड स्थित रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन करते कलाकार। स्रोत : आयोजक
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सिरसा। श्री लक्ष्मण कला केंद्र की ओर से गोशाला रोड स्थित रामलीला मैदान और श्री सिया राम चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से एमसी मार्केट में रविवार रात काे रामलीला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि तौर पर भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने शिरकत की। अध्यक्षता नगर परिषद के चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप सुशील शर्मा उपस्थित हुए।
गोबिंद कांडा ने कहा कि भगवान श्री राम आदर्श राजा, आदर्श पुत्र और आदर्श मित्र यहां तक कि शत्रु के साथ भी आदर्श पूर्वक व्यवहार करने वाले थे उनके चरित्र से प्रेरणा लेकर कोई भी मनुष्य अपना जीवन सफल बना सकता है। रामायण का प्रत्येक पात्र आदर्श जीवन जीने का संदेश देता है।
इस दौरान श्रवण कुमार की ओर से माता-पिता को तीर्थ स्थलों के दर्शन कराने के लिए ले जाने के प्रसंग का मंचन किया गया। इस अवसर पर पार्षद जोगेंद्र सिंह, पार्षद प्रतिनिधि दीपक सेठी, पार्षद प्रतिनिधि पंकज सराफ, पार्षद प्रतिनिधि सुनील कुमार, पार्षद प्रतिनिधि सतीश राणा, पूर्व पार्षद नीरू बजाज आदि मौजूद रहे।
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भोलेनाथ ने रावण को वरदान के रूप में दी तलवार
श्री लक्ष्मण कला केंद्र के मंच पर दर्शाया गया कि लंका के राजा रावण एक पर्वत के ऊपर से गुजरते हैं कि उनका पुष्पक विमान एक स्थान पर आकर ठहर जाता है। इससे राजा रावण क्रोधित हो उठते हैं क्योंकि वह विमान उन्होंने कुबेर से जीता होता है। जब विमान कैलाश पर्वत को पार नहीं कर पाता तो रावण पर्वत को उठाकर सागर में फेंकने की हठ करता है । कैलाश पर्वत को उखाड़ने के लिए अपना बल प्रयोग करता है। तभी उसी स्थान पर भोले शंकर के भक्त नंदी प्रकट होते हैं और कैलाश पर्वत की महिमा का गुणगान करते हैं। वे रावण को बताते हैं कि यह पर्वत भोले शंकर का है और उन्हें शीश झुकाए बगैर यहां से कोई नहीं जा सकता। बल प्रयोग से हारा रावण कैलाश के सामने अपना सिर झुकाकर भोले शंकर की आराधना करते हैं। अभिमान से चूर रावण को सिर झुकाए खड़ा देखकर भोलेनाथ उन्हें दर्शन देते हैं और वरदान के रूप में तलवार भेंट करते हैं।
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गोबिंद कांडा ने कहा कि भगवान श्री राम आदर्श राजा, आदर्श पुत्र और आदर्श मित्र यहां तक कि शत्रु के साथ भी आदर्श पूर्वक व्यवहार करने वाले थे उनके चरित्र से प्रेरणा लेकर कोई भी मनुष्य अपना जीवन सफल बना सकता है। रामायण का प्रत्येक पात्र आदर्श जीवन जीने का संदेश देता है।
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इस दौरान श्रवण कुमार की ओर से माता-पिता को तीर्थ स्थलों के दर्शन कराने के लिए ले जाने के प्रसंग का मंचन किया गया। इस अवसर पर पार्षद जोगेंद्र सिंह, पार्षद प्रतिनिधि दीपक सेठी, पार्षद प्रतिनिधि पंकज सराफ, पार्षद प्रतिनिधि सुनील कुमार, पार्षद प्रतिनिधि सतीश राणा, पूर्व पार्षद नीरू बजाज आदि मौजूद रहे।
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भोलेनाथ ने रावण को वरदान के रूप में दी तलवार
श्री लक्ष्मण कला केंद्र के मंच पर दर्शाया गया कि लंका के राजा रावण एक पर्वत के ऊपर से गुजरते हैं कि उनका पुष्पक विमान एक स्थान पर आकर ठहर जाता है। इससे राजा रावण क्रोधित हो उठते हैं क्योंकि वह विमान उन्होंने कुबेर से जीता होता है। जब विमान कैलाश पर्वत को पार नहीं कर पाता तो रावण पर्वत को उठाकर सागर में फेंकने की हठ करता है । कैलाश पर्वत को उखाड़ने के लिए अपना बल प्रयोग करता है। तभी उसी स्थान पर भोले शंकर के भक्त नंदी प्रकट होते हैं और कैलाश पर्वत की महिमा का गुणगान करते हैं। वे रावण को बताते हैं कि यह पर्वत भोले शंकर का है और उन्हें शीश झुकाए बगैर यहां से कोई नहीं जा सकता। बल प्रयोग से हारा रावण कैलाश के सामने अपना सिर झुकाकर भोले शंकर की आराधना करते हैं। अभिमान से चूर रावण को सिर झुकाए खड़ा देखकर भोलेनाथ उन्हें दर्शन देते हैं और वरदान के रूप में तलवार भेंट करते हैं।