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14 पुराने और पांच नए कोर्स चलाने की मिली अनुमति, चार हजार छात्रों को होगा फायदा ़
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:48 AM IST
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सीडीएलयू को डिस्टेंस कोर्स चलाने के लिए मिली अनुमति, 20 अक्तूबर तक छात्र कर सकेंगे आवेदन
सिरसा। सीडीएलयू के यूनिवर्सिटी सेंटर फार डिस्टेंस लर्निंग डिपार्टमेंट में नए शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 19-20 में एडमिशन के लिए यूजीसी ने अस्थायी मान्यता दे दी है। यह मान्यता दो साल के लिए होगी। सीडीएलयू को डिस्टेंस लर्निंग के तहत 19 कोर्स में 20 अक्तूबर तक एडमिशन करने की अनुमति मिली है। गुरुवार को सीडीएलयू में वीसी विजय कायत ने एक प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। वीसी विजय कायत ने बताया कि यूजीसी के नियमों को पूरा करने पर सीडीएलयू को दो साल की अस्थाई मान्यता मिली है। यूजीसी की जो भी कंडीशन थी, उसे विश्वविद्यालय ने पूरा कर दिया है। इसलिए अनुमति मिल गई है। यूजीसी ने एक सितंबर को अनुमति पत्र जारी किया है। वीसी का दावा है कि यूजीसी ने 17 सितंबर के उस निर्देश में बदलाव कर दिया है, जिसके तहत विश्वविद्यालय को नैक की विजिट में ए ग्रेड लेना होगा। इस मौके पर रजिस्ट्रार प्रोफेसर राजकुमार सिवाच, डीन एकेडमिकल अफेयर दीप्ति धर्माणी, यूसीडीएल के डिप्टी डायरेक्टर सुल्तान सिंह ढांडा भी उपस्थित थे।
ये था पूरा मामला
सीडीएलयू में 2006 से डिस्टेंस लर्निंग कोर्स शुरू किए गए है। सीडीएलयू के यूनिवर्सिटी सेंटर फार डिस्टेंस लर्निंग डिपार्टमेंट में 14 पुराने कोर्स की मान्यता व पांच नए कोर्स शुरू करने की अनुमति के लिए यूजीसी के पास आवेदन किया था। जुलाई के प्रथम सप्ताह में सीडीएलयू ने अपने कोर्स को लेकर यूजीसी में प्रजेंटेशन दी थी, लेकिन यूजीसी ने अगस्त में यूसीडीएल में स्टाफ की कमी बताकर इन कोर्स को होल्ड कर लिया था। यूजीसी का तर्क था कि आपके पास कोर्स चलाने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। एक कोर्स के लिए तीन प्राध्यापक चाहिए। जिसमें एक एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर होने चाहिए। सीडीएलयू के पास एक कोर्स में केवल एक ही असिस्टेंट प्रोफेसर है। इसलिए कोर्स चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सीडीएलयू केवल बीए कोर्स ही चला सकता है। यूजीसी ने 30 दिन के अंदर दोबारा से आवेदन करने का एक चांस दिया। आवेदन 14 सितंबर तक करना था। सीडीएलयू के नई प्रजेंटेशन में पूरे स्टाफ लगाने की ब्यौरा देकर पुन आवेदन कर दिया। लेकिन 17 सिंतबर को यूजीसी ने नई गाइडलाइन जारी कर दी कि विश्वविद्यालयों को डिस्टेंस एजुकेशन में 14 पुराने कोर्स चलाने की अनुमति इस आधार पर देने की शर्त रखी है कि सीडीएलयू नैक टीम की विजिट पर चार अंकों में से 3.26 अंक प्राप्त करना होगा। जून 2020 से पहले यह ग्रेड प्राप्त करना होगा। साथ ही प्रयोगशाला भी बनानी होगी।
कुल 19 कोर्स चलाने की मिली अनुमति
बीसीए, एमसीए, एमएससी कंप्यूटर साइंस, पीजीडीसीए, एमए इंग्लिश, बीए, एमए एजुकेशन, बीए मास कम्युनिकेशन,पीजी डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए इंवायरमेंट, बीकाम, एमबीए, पीजीडीएम,एमए मास कम्युनिकेशन के कोर्स चल रहे हैं। जबकि हिंदी, जियोग्राफी, इतिहास, पंजाबी, संस्कृति के नए कोर्स चलाने की भी अनुमति मिली हुई है।
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सिरसा। सीडीएलयू के यूनिवर्सिटी सेंटर फार डिस्टेंस लर्निंग डिपार्टमेंट में नए शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 19-20 में एडमिशन के लिए यूजीसी ने अस्थायी मान्यता दे दी है। यह मान्यता दो साल के लिए होगी। सीडीएलयू को डिस्टेंस लर्निंग के तहत 19 कोर्स में 20 अक्तूबर तक एडमिशन करने की अनुमति मिली है। गुरुवार को सीडीएलयू में वीसी विजय कायत ने एक प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। वीसी विजय कायत ने बताया कि यूजीसी के नियमों को पूरा करने पर सीडीएलयू को दो साल की अस्थाई मान्यता मिली है। यूजीसी की जो भी कंडीशन थी, उसे विश्वविद्यालय ने पूरा कर दिया है। इसलिए अनुमति मिल गई है। यूजीसी ने एक सितंबर को अनुमति पत्र जारी किया है। वीसी का दावा है कि यूजीसी ने 17 सितंबर के उस निर्देश में बदलाव कर दिया है, जिसके तहत विश्वविद्यालय को नैक की विजिट में ए ग्रेड लेना होगा। इस मौके पर रजिस्ट्रार प्रोफेसर राजकुमार सिवाच, डीन एकेडमिकल अफेयर दीप्ति धर्माणी, यूसीडीएल के डिप्टी डायरेक्टर सुल्तान सिंह ढांडा भी उपस्थित थे।
ये था पूरा मामला
सीडीएलयू में 2006 से डिस्टेंस लर्निंग कोर्स शुरू किए गए है। सीडीएलयू के यूनिवर्सिटी सेंटर फार डिस्टेंस लर्निंग डिपार्टमेंट में 14 पुराने कोर्स की मान्यता व पांच नए कोर्स शुरू करने की अनुमति के लिए यूजीसी के पास आवेदन किया था। जुलाई के प्रथम सप्ताह में सीडीएलयू ने अपने कोर्स को लेकर यूजीसी में प्रजेंटेशन दी थी, लेकिन यूजीसी ने अगस्त में यूसीडीएल में स्टाफ की कमी बताकर इन कोर्स को होल्ड कर लिया था। यूजीसी का तर्क था कि आपके पास कोर्स चलाने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। एक कोर्स के लिए तीन प्राध्यापक चाहिए। जिसमें एक एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर होने चाहिए। सीडीएलयू के पास एक कोर्स में केवल एक ही असिस्टेंट प्रोफेसर है। इसलिए कोर्स चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सीडीएलयू केवल बीए कोर्स ही चला सकता है। यूजीसी ने 30 दिन के अंदर दोबारा से आवेदन करने का एक चांस दिया। आवेदन 14 सितंबर तक करना था। सीडीएलयू के नई प्रजेंटेशन में पूरे स्टाफ लगाने की ब्यौरा देकर पुन आवेदन कर दिया। लेकिन 17 सिंतबर को यूजीसी ने नई गाइडलाइन जारी कर दी कि विश्वविद्यालयों को डिस्टेंस एजुकेशन में 14 पुराने कोर्स चलाने की अनुमति इस आधार पर देने की शर्त रखी है कि सीडीएलयू नैक टीम की विजिट पर चार अंकों में से 3.26 अंक प्राप्त करना होगा। जून 2020 से पहले यह ग्रेड प्राप्त करना होगा। साथ ही प्रयोगशाला भी बनानी होगी।
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कुल 19 कोर्स चलाने की मिली अनुमति
बीसीए, एमसीए, एमएससी कंप्यूटर साइंस, पीजीडीसीए, एमए इंग्लिश, बीए, एमए एजुकेशन, बीए मास कम्युनिकेशन,पीजी डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए इंवायरमेंट, बीकाम, एमबीए, पीजीडीएम,एमए मास कम्युनिकेशन के कोर्स चल रहे हैं। जबकि हिंदी, जियोग्राफी, इतिहास, पंजाबी, संस्कृति के नए कोर्स चलाने की भी अनुमति मिली हुई है।
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