फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   बगैर एनओसी के लघु सचिवालय

बगैर एनओसी के लघु सचिवालय

Wed, 21 Jun 2017 12:16 AM IST
Updated Wed, 21 Jun 2017 12:16 AM IST
विज्ञापन
बगैर एनओसी के लघु सचिवालय
बगैर एनओसी चल रहा लघु सचिवालय, आपात स्थिति से निपटने में भी नहीं है सक्षम
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
लघु सचिवालय जहां जिलेभर की योजनाओं का संचालन होता है। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन होता है। नियमों की पालना करने के लिए आदेश पारित किए जाते हैं उसी लघु सचिवालय के पास दमकल विभाग की एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) तक नहीं है। और तो और आपात स्थिति से निपटने के लिए लघु सचिवालय में पुख्ता बंदोबस्त भी नहीं किए गए हैं।
बरनाला रोड पर चार मंजिला लघु सचिवालय भवन में दर्जनों सरकारी महकमे हैं। जिनमें प्रथम तल पर उपायुक्त और नगराधीश का कार्यालय हैं, जबकि द्वितीय तल पर अतिरिक्त उपायुक्त का। तृतीय तल पर डीएफएससी और जिला शिक्षा अधिकारी का। भूतल पर एसडीएम, डीडीपीओ और तहसीलदार के कार्यालय है। इन विभागों में हर रोज जिलेभर से हजारों लोगों का कामकाज के सिलसिले में आना जाना होता है। नियमानुसार बहुमंजिला अथवा बेसमेंट वाले भवनों के लिए दमकल विभाग से मंजूरी लेनी होती है, ताकि आपात स्थिति में सुरक्षा के उपाय किए जा सकें, लेकिन लघु सचिवालय द्वारा ही दमकल विभाग से एनओसी हासिल नहीं की गई है। न ही लघु सचिवालय में सुरक्षा के कोई पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। यहां होज पाइप बॉक्स तो बने हैं, लेकिन उनमें रील नहीं है। और न ही कहीं ‘फायर बीटर’, ‘फायर बेकेट’,‘एजबेस्टस ब्लैंकट’ व ‘स्ट्रम पंप’ सहित अन्य उपकरण दिखाई पड़ते। ऐसे में लघु सचिवालय ही नियमों की अवहेलना कर रहा है।
विज्ञापन


आरटीआई में हुआ खुलासा
आरटीआई एक्टिविस्ट मनमोहन सिंह द्वारा आरटीआई में मांगी गई जानकारी में यह तथ्य सामने आया कि लघु सचिवालय के लिए दमकल विभाग से एनओसी हासिल नहीं की गई है। जिले में जो भवन बिना एनओसी के हैं, उनमें लघु सचिवालय भी शामिल है। ऐसे में दमकल विभाग निजी भवनों पर आखिर कैसे नकेल कस सकता है? जब सरकारी भवनों की सुरक्षा के लिए ही एनओसी हासिल नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कचराघर बनी हॉज पाइप बॉक्स
लघु सचिवालय के निर्माण के समय पूरे भवन में आग से बचाव के उपकरण अवश्य स्थापित किए गए, लेकिन ये दिखावटी रूप से ही लगाए गए। आग की स्थिति में हॉज पाइप के माध्यम से आग बुझाने के प्रयास किए जाते हैं, लेकिन इस भवन में हौज पाइप तो लगाई गई, लेकिन उसमें रील आज तक नहीं चढ़ाई गई। लघु सचिवालय में बनाए गए हौज पाईप बॉक्स कचराघर बने हुए हैं, जिनकी शायद ही कभी सफाई की गई हो।

बिल्डिंग प्लान से खिलवाड़
लघु सचिवालय का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया। भवन का निर्माण बिल्डिंग प्लान के अनुसार किया गया, ताकि आपात स्थिति में बचाव के उपाय किए जा सकें। इसलिए चारों मंजिलों में मुख्य निकासी द्वार के निकट चौड़ा बरामदा रखा गया, ताकि लोग बरामदे में एकत्रित हो सकें। आपात स्थिति में दमकल यहां पर सीढ़ियां लगाकर लोगों को आसानी से बाहर निकाल सकें, लेकिन द्वितीय तल पर अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के निकट बरामदे पर अतिक्रमण कर डाला गया है। यहां पर बिल्डिंग प्लान से खिलवाड़ कर कक्ष का निर्माण किया गया है।

खतरनाक लिफ्ट
लघु सचिवालय की लिफ्ट भी रखरखाव के अभाव में खतरनाक साबित हो रही है। कई बार हादसे घटित हो चुके है। लिफ्ट आपरेटर न होने की वजह से अनेक बार लोग लिफ्ट में फंस चुके है। हाल ही में शिक्षा विभाग का एक कर्मचारी इसमें कई घंटे तक फंसा रहा। आपात्त स्थिति में लिफ्ट में फंसे व्यक्ति के बचाव के कोई उपाय नहीं है।

क्या है हौज रील
भवन की जलापूर्ति व्यवस्था से ही आग बुझाने का यह एक यंत्र है, जिसमें एक व्यक्ति भी आग बुझाने का प्रयास कर सकता है। इसमें 20 से 40 मीटर लंबी रबड़ की पाइप लिपटी होती है, जिसके दूसरे दिन पर नोजल लगी होती है। होज रील का कनेक्शन भवन की जलापूर्ति से कर दिया जाता है। पानी का वाल्व खोलने पर रील के माध्यम से कोई भी व्यक्ति आसानी से आग पर काबू करने की कोशिश कर सकता है। इसके लिए दमकल विभाग की गाड़ियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।


क्या कहते हैं अधिकारी
सीटीएम डॉ. वेद बैनीवाल ने कहा कि अग्निशमन का कार्य अग्निशमन विभाग के अंडर है। इस बारे में पूरी जानकारी जिला अग्निशमन अधिकारी ही दे सकते हैं। जिला अग्निशमन अधिकारी हरी सिंह सैनी ने कहा कि अभी हाल ही में सिरसा में तबादला हुआ है। सभी स्थानों पर जांच की जाएगी जहां भी कोई कमी होगी उसको दूर किया जाएगा। हालांकि जहां पर अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं वहां पर स्टीकर लगाए गए हैं, ताकि कोई भी कर्मचारी या नागरिक आग लगने की स्थिति में उसे चला सके पर फिर भी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आग लगने की स्थिति में ये यंत्र उपयोग में लाए जा सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed