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एचटेट परीक्षा:
Updated Sun, 24 Dec 2017 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के पहले दिन शनिवार को परीक्षा केंद्रों के अंदर जाने को लेकर परीक्षार्थियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच खींचतान हुई। परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर जाने से पहले तीन स्तरीय जांच से गुजरना पड़ा। महिला परीक्षार्थियों को सबसे ज्याद परेशानी झेलनी पड़ी। मंगलसूत्र को छोड़कर उन्हें शरीर पर पहने हर जेवरात जैसे कानों की बालियां, नाक का कोका, अंगूठी और माला को पहनकर अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। ज्यादातर महिलाओं को नाक का कोका निकलाने में दिक्कतें हुईं। कई महिलाओं को तो सुनार की दुकान जाना पड़ा। महिला परीक्षार्थियों की दिक्कत को देखते हुए महिला पुलिस ने छोटा प्लास मंगवा लिया।
गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने परीक्षार्थियों के पास से हर प्रकार का सामान बाहर रखवा लिया। पुरुष परीक्षार्थियों को भी घड़ी, चेन, पर्स और किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक आइटम केंद्र के अंदर नहीं ले जाने दी। परीक्षा दोपहर तीन बजे शुरू हुई और साढे़ पांच बजे तक चली। परीक्षा देकर बाहर आए अधिकांश परीक्षार्थियों के चेहरे मुरझाए दिखाए दिए। परीक्षार्थियों से पेपर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जिस प्रकार का पेपर आने की उम्मीद थी उससे कहीं ज्यादा कठिन सवाल पेपर में आए। एचटेट परीक्षा के पहले दिन छह हजार परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी, लेकिन इनमें से चार हजार 257 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। परीक्षा देने वालों में ज्यादातर परीक्षार्थी जिला फतेहाबाद के थे।
सुनार के पास जाकर कटवाई नोज रिंग
राजकीय नेशनल कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी के सारे जेवरात उतरवाकर उनके साथ आए व्यक्ति को सौंप दिए। पर महिला की नोज रिंग नहीं खुली। महिला के साथ आए विष्णु ढुल ने बताया कि वह परीक्षार्थी को लेकर सुनार के पास गया और वहां पर नोज रिंग कटवाई। इसके बाद ही परीक्षा कें द्र पहुंचाया। इस घटना के बाद महिला पुलिसकर्मियों ने दुकान से छोटा प्लास मंगवाया। जब भी कोई जेवर उतारने में दिक्कत आई को प्लास की मदद ली गई।
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नकल की कोई गुंजाइश नहीं थी
परीक्षा को नकल रहित बनाने के लिए केंद्रों में काफी सख्त प्रबंध किए गए थे। कमरों में परीक्षार्थियों को काफी उचित दूरी के हिसाब से बैठाया गया था। केंद्रों में जैमर लगाए गए थे। इसके अलावा बार-बार फ्लाइंग दस्ता केंद्र की जांच करने आता रहा। परीक्षा केंद्रों के अंदर 345 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। एक-एक कमरे में 24 परीक्षार्थियों को बैठाया गया। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में तमाम फोटो स्टेट की दुकानें बंद रहीं।
सीआईडी की रही पैनी नजर
परीक्षा केंद्रों के अंदर और उसके बाहर की हर गतिविधि पर सीआईडी विभाग की पैनी नजर रही। सीआईडी के कर्मचारी हर केंद्र पर जो भी परीक्षार्थी आ रहा था उसकी हर गतिविधि का ध्यान रख रहे थे। केंद्र के बाहर मौजूद लोगों पर भी सीआईडी की नजर रही। जो भी शख्स केंद्र के बाहर खड़ा होकर मोबाइल पर बातचीत कर रहा था, उक्त शख्स से पूछताछ की जाती रही।
14 परीक्षा केंद्र बनाए
जिले में एचटेट की परीक्षा के लिए 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र नेशनल कॉलेज में था। अन्य परीक्षा केंद्रों में शाह सतनाम स्कूल, राजेंद्र इंस्टीट्यूट, जीआरजी, अग्रसेन स्कूल, डीएवी स्कूल, एवी इंटरनेशनल स्कूल, सीएमके कॉलेज, सावन पब्लिक स्कूल और बहुतकनीकी कॉलेज शामिल हैं।
सुरक्षा के रहे कडे़ प्रबंध
परीक्षा को शांति पूर्वक संपन्न करने के लिए प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कडे़ बंदोबस्त किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर 300 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। पुलिस कर्मियों ने तलाशी के बाद ही परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर जाने दिया। उपपुलिस अधीक्षक विजय कक्कड़ सहित अन्य अधिकारी सुबह से लेकर शाम तक केंद्राें का जायजा लेते रहे। केंद्र के आसपास किसी भी शख्स को कर्मियों ने फटकने नहीं दिया। उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने स्वयं भी सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। कडे़ सुरक्षा बंदोबस्त के कारण पहले दिन की परीक्षा शांति पूर्वक संपन्न हुई।
काफी मुश्किल था पेपर
इस बार का पेपर काफी मुश्किल था, काफी कठिन सवाल पूछे गए थे। परीक्षा को लेकर तैयारी काफी अच्छी थी, लेकिन इतना टफ पेपर आने की उम्मीद नहीं थी। नकल रोकने के लिए बेहतर प्रबंध किए गए थे। केंद्र के अंदर प्रवेश को लेकर थोड़ी परेशानी हुई लेकिन यह अच्छा कदम है।
-प्रवीण रानी, फतेहाबाद।
70 प्रतिशत पेपर टफ था
पहली बार इतना टफ पेपर आया है, तीस प्रतिशत प्रश्नों को छोड़ दे तो बाकि 70 प्रतिशत काफी कठिन सवाल थे। परीक्षा केंद्र में नकल नहीं हुई, परीक्षा को नकल रहित बनाने के प्रबंध अच्छे थे। महिला पुलिस का परीक्षार्थियों के साथ अच्छा व्यवहार रहा।
-आशा तनेजा, फतेहाबाद।
पूरी तरह फूल रही बसें
हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के दौरान शनिवार को बसों में परीक्षार्थियों की भीड़ लगी रही। बसों में गंतव्य तक जाने के लिए उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सुबह से ही दूसरे शहरों में परीक्षा देने जाने और दूसरे शहरों से पहुंचे परीक्षार्थियों के कारण बसें पूरी तरह से फुल नजर आई। शाम को साढे़ पांच जैसे ही परीक्षा संपन्न हुई तो हजारों परीक्षार्थी बस अड्डा पहुंचे। वाहनों की अधिकता को कारण शाम को कुछ देर तक रेलवे पुलिस से लेकर बस अड्डे तक जाम लगा रहा। थोड़ी देर बाद स्थिति सामान्य हो गई।
यातायात नियंत्रित करने के लिए तैनात रही पुलिस
शहर में यातायात को नियंत्रित करने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई थी। वाहनों की अधिकता के कारण सड़कों पर भारी भीड़ थी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस प्रभारी अनिल सोढ़ी के नेतृत्व में पुलिस व्यवस्था को संभाला बेहतर तरीके से संभाला। अनिल सोढ़ी ने स्वयं वाहन चालकों को समझाकर मार्ग को सुचारु रखा।
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सिरसा।
हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के पहले दिन शनिवार को परीक्षा केंद्रों के अंदर जाने को लेकर परीक्षार्थियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच खींचतान हुई। परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर जाने से पहले तीन स्तरीय जांच से गुजरना पड़ा। महिला परीक्षार्थियों को सबसे ज्याद परेशानी झेलनी पड़ी। मंगलसूत्र को छोड़कर उन्हें शरीर पर पहने हर जेवरात जैसे कानों की बालियां, नाक का कोका, अंगूठी और माला को पहनकर अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। ज्यादातर महिलाओं को नाक का कोका निकलाने में दिक्कतें हुईं। कई महिलाओं को तो सुनार की दुकान जाना पड़ा। महिला परीक्षार्थियों की दिक्कत को देखते हुए महिला पुलिस ने छोटा प्लास मंगवा लिया।
गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने परीक्षार्थियों के पास से हर प्रकार का सामान बाहर रखवा लिया। पुरुष परीक्षार्थियों को भी घड़ी, चेन, पर्स और किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक आइटम केंद्र के अंदर नहीं ले जाने दी। परीक्षा दोपहर तीन बजे शुरू हुई और साढे़ पांच बजे तक चली। परीक्षा देकर बाहर आए अधिकांश परीक्षार्थियों के चेहरे मुरझाए दिखाए दिए। परीक्षार्थियों से पेपर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जिस प्रकार का पेपर आने की उम्मीद थी उससे कहीं ज्यादा कठिन सवाल पेपर में आए। एचटेट परीक्षा के पहले दिन छह हजार परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी, लेकिन इनमें से चार हजार 257 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। परीक्षा देने वालों में ज्यादातर परीक्षार्थी जिला फतेहाबाद के थे।
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सुनार के पास जाकर कटवाई नोज रिंग
राजकीय नेशनल कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी के सारे जेवरात उतरवाकर उनके साथ आए व्यक्ति को सौंप दिए। पर महिला की नोज रिंग नहीं खुली। महिला के साथ आए विष्णु ढुल ने बताया कि वह परीक्षार्थी को लेकर सुनार के पास गया और वहां पर नोज रिंग कटवाई। इसके बाद ही परीक्षा कें द्र पहुंचाया। इस घटना के बाद महिला पुलिसकर्मियों ने दुकान से छोटा प्लास मंगवाया। जब भी कोई जेवर उतारने में दिक्कत आई को प्लास की मदद ली गई।
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नकल की कोई गुंजाइश नहीं थी
परीक्षा को नकल रहित बनाने के लिए केंद्रों में काफी सख्त प्रबंध किए गए थे। कमरों में परीक्षार्थियों को काफी उचित दूरी के हिसाब से बैठाया गया था। केंद्रों में जैमर लगाए गए थे। इसके अलावा बार-बार फ्लाइंग दस्ता केंद्र की जांच करने आता रहा। परीक्षा केंद्रों के अंदर 345 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। एक-एक कमरे में 24 परीक्षार्थियों को बैठाया गया। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में तमाम फोटो स्टेट की दुकानें बंद रहीं।
सीआईडी की रही पैनी नजर
परीक्षा केंद्रों के अंदर और उसके बाहर की हर गतिविधि पर सीआईडी विभाग की पैनी नजर रही। सीआईडी के कर्मचारी हर केंद्र पर जो भी परीक्षार्थी आ रहा था उसकी हर गतिविधि का ध्यान रख रहे थे। केंद्र के बाहर मौजूद लोगों पर भी सीआईडी की नजर रही। जो भी शख्स केंद्र के बाहर खड़ा होकर मोबाइल पर बातचीत कर रहा था, उक्त शख्स से पूछताछ की जाती रही।
14 परीक्षा केंद्र बनाए
जिले में एचटेट की परीक्षा के लिए 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र नेशनल कॉलेज में था। अन्य परीक्षा केंद्रों में शाह सतनाम स्कूल, राजेंद्र इंस्टीट्यूट, जीआरजी, अग्रसेन स्कूल, डीएवी स्कूल, एवी इंटरनेशनल स्कूल, सीएमके कॉलेज, सावन पब्लिक स्कूल और बहुतकनीकी कॉलेज शामिल हैं।
सुरक्षा के रहे कडे़ प्रबंध
परीक्षा को शांति पूर्वक संपन्न करने के लिए प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कडे़ बंदोबस्त किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर 300 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। पुलिस कर्मियों ने तलाशी के बाद ही परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर जाने दिया। उपपुलिस अधीक्षक विजय कक्कड़ सहित अन्य अधिकारी सुबह से लेकर शाम तक केंद्राें का जायजा लेते रहे। केंद्र के आसपास किसी भी शख्स को कर्मियों ने फटकने नहीं दिया। उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने स्वयं भी सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। कडे़ सुरक्षा बंदोबस्त के कारण पहले दिन की परीक्षा शांति पूर्वक संपन्न हुई।
काफी मुश्किल था पेपर
इस बार का पेपर काफी मुश्किल था, काफी कठिन सवाल पूछे गए थे। परीक्षा को लेकर तैयारी काफी अच्छी थी, लेकिन इतना टफ पेपर आने की उम्मीद नहीं थी। नकल रोकने के लिए बेहतर प्रबंध किए गए थे। केंद्र के अंदर प्रवेश को लेकर थोड़ी परेशानी हुई लेकिन यह अच्छा कदम है।
-प्रवीण रानी, फतेहाबाद।
70 प्रतिशत पेपर टफ था
पहली बार इतना टफ पेपर आया है, तीस प्रतिशत प्रश्नों को छोड़ दे तो बाकि 70 प्रतिशत काफी कठिन सवाल थे। परीक्षा केंद्र में नकल नहीं हुई, परीक्षा को नकल रहित बनाने के प्रबंध अच्छे थे। महिला पुलिस का परीक्षार्थियों के साथ अच्छा व्यवहार रहा।
-आशा तनेजा, फतेहाबाद।
पूरी तरह फूल रही बसें
हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के दौरान शनिवार को बसों में परीक्षार्थियों की भीड़ लगी रही। बसों में गंतव्य तक जाने के लिए उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सुबह से ही दूसरे शहरों में परीक्षा देने जाने और दूसरे शहरों से पहुंचे परीक्षार्थियों के कारण बसें पूरी तरह से फुल नजर आई। शाम को साढे़ पांच जैसे ही परीक्षा संपन्न हुई तो हजारों परीक्षार्थी बस अड्डा पहुंचे। वाहनों की अधिकता को कारण शाम को कुछ देर तक रेलवे पुलिस से लेकर बस अड्डे तक जाम लगा रहा। थोड़ी देर बाद स्थिति सामान्य हो गई।
यातायात नियंत्रित करने के लिए तैनात रही पुलिस
शहर में यातायात को नियंत्रित करने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई थी। वाहनों की अधिकता के कारण सड़कों पर भारी भीड़ थी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस प्रभारी अनिल सोढ़ी के नेतृत्व में पुलिस व्यवस्था को संभाला बेहतर तरीके से संभाला। अनिल सोढ़ी ने स्वयं वाहन चालकों को समझाकर मार्ग को सुचारु रखा।