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Sirsa News: नुहियांवाली में 35 फीट ऊंचा बनेगा राधा कृष्ण मंदिर, निर्माण शुरू
Wed, 29 Apr 2026 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 29 Apr 2026 11:33 PM IST
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मंदिर का नींव पत्थर रखवाते पंडित जयप्रकाश । संस्था।
फोटो 8
संवाद न्यूज एजेंसी
ओढ़ां। गांव नुहियांवाली की मुख्य चौपाल में स्थित प्राचीनतम श्री कृष्ण मंदिर को अब नया और सुंदर रूप मिलेगा। बुधवार को पंडित जयप्रकाश शर्मा ने मंत्रोच्चार के साथ मंदिर की नींव का पत्थर रखवाया। इसके साथ ही निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई।
कमेटी के सदस्यों ने बताया कि इस मंदिर का इतिहास गांव की उत्पत्ति के साथ जुड़ा हुआ है। कुछ समय पूर्व मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ था। इसमें ग्रामीणों ने मंदिर के पुनर्निर्माण की बात उठाई थी। पहले इसका पुनर्निर्माण वर्ष 1976 में हुआ था। इसके बाद अब इसका नए सिरे से निर्माण होगा।
कमेटी के सदस्यों ने बताया कि मंदिर का नक्शा महाराष्ट्र से बनवाया है। महाराष्ट्र से ही स्पेशल कारीगर बुलाए गए हैं। मंदिर की ऊंचाई छत से करीब 35 फीट ऊंची होगी। मंदिर का निर्माण करने महाराष्ट्र से पहुंचे कारीगर रविंद्र कुमार ने बताया की यह मंदिर उत्तर भारतीय नागर शैली पर आधारित है। वह लंबे समय से स्पेशल रूप से मंदिरों का ही निर्माण कार्य करते हैं। मंदिर के निर्माण में करीब छह माह का समय लगेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ओढ़ां। गांव नुहियांवाली की मुख्य चौपाल में स्थित प्राचीनतम श्री कृष्ण मंदिर को अब नया और सुंदर रूप मिलेगा। बुधवार को पंडित जयप्रकाश शर्मा ने मंत्रोच्चार के साथ मंदिर की नींव का पत्थर रखवाया। इसके साथ ही निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई।
कमेटी के सदस्यों ने बताया कि इस मंदिर का इतिहास गांव की उत्पत्ति के साथ जुड़ा हुआ है। कुछ समय पूर्व मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ था। इसमें ग्रामीणों ने मंदिर के पुनर्निर्माण की बात उठाई थी। पहले इसका पुनर्निर्माण वर्ष 1976 में हुआ था। इसके बाद अब इसका नए सिरे से निर्माण होगा।
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कमेटी के सदस्यों ने बताया कि मंदिर का नक्शा महाराष्ट्र से बनवाया है। महाराष्ट्र से ही स्पेशल कारीगर बुलाए गए हैं। मंदिर की ऊंचाई छत से करीब 35 फीट ऊंची होगी। मंदिर का निर्माण करने महाराष्ट्र से पहुंचे कारीगर रविंद्र कुमार ने बताया की यह मंदिर उत्तर भारतीय नागर शैली पर आधारित है। वह लंबे समय से स्पेशल रूप से मंदिरों का ही निर्माण कार्य करते हैं। मंदिर के निर्माण में करीब छह माह का समय लगेगा।
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