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बरसात शुरू होते ही शुरू हुआ पौधारोपण अभियान
Updated Thu, 22 Jun 2017 03:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
इस वर्ष वन विभाग ने जिले में साढ़े सात लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब प्री मानसून की अच्छी बरसात होने के बाद पौधारोपण अभियान शुरू कर दिया गया है जो अगस्त माह तक जारी रहेगा। अभियान के लिए नर्सरियों में पौध पर्याप्त है। इसके अलावा सूखे पेड़ों और विकास कार्य के लिए काटे जाने वाले पेड़ों की रिप्लेसमेंट निरंतर जारी रहेगी। इस बार पंचायतों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। हालांकि वन विभाग पौधे लगाने का अभियान हर वर्ष चलाता है लेकिन लगाए जाने वाले 50 फीसदी से अधिक पौधे पेड़ नहीं बन पाते। पिछले दस वर्षों की बात करें तो करीब 30 लाख पौधे लगाए गए हैं जिनमें से अब मात्र 5 लाख 10 हजार पौधे ही पेड़ बन सके हैं।
जिले में मात्र 1.18 प्रतिशत क्षेत्र ही वन क्षेत्र हैं जो पर्यावरण को स्वच्छ करने में बहुत कम हैं इसलिए अब वन विभाग ने पंचायतों का साथ लेना उचित समझा है। इस बार पंचायतें गांवों में लोगों को पौधारोपण के प्रति जागरूक करेंगी। इसके अलावा विभाग ने किसानों के खेतों में पौधारोपण के लिए भी कार्यक्रम निर्धारित किया है। इसके तहत किसानों को निशुल्क पौधे दिए जाएंगे। बढ़ते प्रदूषण को रोकने में पेड़ ही कारगर साबित हो सकते हैं परंतु इस मामले में जिले की स्थिति चिंताजनक है। बढ़ रहे वायु प्रदूषण के कारण क्षेत्र में वायु प्रदूषण खतरे के निशान के निकट पहुंच गया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ ही एक विकल्प है। वन क्षेत्र का रकबा पर्याप्त न होने के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। जिले में 4740 हेेक्टेयर में ही वन क्षेत्र हैं जो जिले के कुछ रकबे का 1.18 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें रेलवे क्षेत्र में 557 हेक्टेयर, सड़कों के क्षेत्र में 2037 हेक्टेयर, नहरें और ड्रेन क्षेत्र में 2006, बांध क्षेत्र में 150 हेक्टेयर में वन क्षेत्र हैं। 20 प्रतिशत भूभाग से अधिक रकबे में वन क्षेत्र होना चाहिए।
जिला वन मंडल अधिकारी राम कुमार जांगड़ा ने बताया कि गत वर्ष लगाए गए पौधों में करीब 65 प्रतिशत पौधे सफल हुए हैं। जब पेड़ सूख जाता है तो उसकी कटाई के बाद भी उस स्थान पर कम से कम चार पौधे विभाग द्वारा लगाए जाते हैं। नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए जिले की सीमा में करीब 35 हजार पेड़ काटे गए हैं अब उनकी भरपाई के लिए डेढ़ लाख से अधकि पौधे नेशनल हाईवे के दोनों किनारों पर लगाए जाएंगे। इसी प्रकार ‘हर घर हरियाली, घर-घर हरियाली’ योजना के बाद अब ‘हर गांव पेड़ों की छांव’ योजना को क्रियान्वित करने के लिए वन विभाग ने कसरत करनी शुरू कर दी है। इस योजना के लिए जिले के 80 गांवों का चयन किया गया। अब इन गांवों में 100-100 बड़े पेड़ लगाए जाएंगे। मानसून शुरू होते ही विभाग पेड़ लगाना शुरू कर देगा उसके बाद उनकी देखभाल भी विभाग ही करेगा। इसके लिए विभाग ने पौधों का प्रबंध कर लिया है। बता दें कि इससे पूर्व ‘हर घर हरियाली, घर-घर हरियाली’ योजना के तहत फलदार और छायादार पौधे गांवों में लोगों के घरों में लगाए गए थे।
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10 साल में 30 लाख पौधे लगाए, मात्र 5 लाख बने पेड़
इस वर्ष विभाग लगाएगा साढ़े सात लाख पौधे
बारिश के साथ ही पौधरोपण शुरू, पंचायतों को भी जोड़ा जाएगा अभियान से
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सिरसा।
इस वर्ष वन विभाग ने जिले में साढ़े सात लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब प्री मानसून की अच्छी बरसात होने के बाद पौधारोपण अभियान शुरू कर दिया गया है जो अगस्त माह तक जारी रहेगा। अभियान के लिए नर्सरियों में पौध पर्याप्त है। इसके अलावा सूखे पेड़ों और विकास कार्य के लिए काटे जाने वाले पेड़ों की रिप्लेसमेंट निरंतर जारी रहेगी। इस बार पंचायतों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। हालांकि वन विभाग पौधे लगाने का अभियान हर वर्ष चलाता है लेकिन लगाए जाने वाले 50 फीसदी से अधिक पौधे पेड़ नहीं बन पाते। पिछले दस वर्षों की बात करें तो करीब 30 लाख पौधे लगाए गए हैं जिनमें से अब मात्र 5 लाख 10 हजार पौधे ही पेड़ बन सके हैं।
जिले में मात्र 1.18 प्रतिशत क्षेत्र ही वन क्षेत्र हैं जो पर्यावरण को स्वच्छ करने में बहुत कम हैं इसलिए अब वन विभाग ने पंचायतों का साथ लेना उचित समझा है। इस बार पंचायतें गांवों में लोगों को पौधारोपण के प्रति जागरूक करेंगी। इसके अलावा विभाग ने किसानों के खेतों में पौधारोपण के लिए भी कार्यक्रम निर्धारित किया है। इसके तहत किसानों को निशुल्क पौधे दिए जाएंगे। बढ़ते प्रदूषण को रोकने में पेड़ ही कारगर साबित हो सकते हैं परंतु इस मामले में जिले की स्थिति चिंताजनक है। बढ़ रहे वायु प्रदूषण के कारण क्षेत्र में वायु प्रदूषण खतरे के निशान के निकट पहुंच गया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ ही एक विकल्प है। वन क्षेत्र का रकबा पर्याप्त न होने के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। जिले में 4740 हेेक्टेयर में ही वन क्षेत्र हैं जो जिले के कुछ रकबे का 1.18 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें रेलवे क्षेत्र में 557 हेक्टेयर, सड़कों के क्षेत्र में 2037 हेक्टेयर, नहरें और ड्रेन क्षेत्र में 2006, बांध क्षेत्र में 150 हेक्टेयर में वन क्षेत्र हैं। 20 प्रतिशत भूभाग से अधिक रकबे में वन क्षेत्र होना चाहिए।
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जिला वन मंडल अधिकारी राम कुमार जांगड़ा ने बताया कि गत वर्ष लगाए गए पौधों में करीब 65 प्रतिशत पौधे सफल हुए हैं। जब पेड़ सूख जाता है तो उसकी कटाई के बाद भी उस स्थान पर कम से कम चार पौधे विभाग द्वारा लगाए जाते हैं। नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए जिले की सीमा में करीब 35 हजार पेड़ काटे गए हैं अब उनकी भरपाई के लिए डेढ़ लाख से अधकि पौधे नेशनल हाईवे के दोनों किनारों पर लगाए जाएंगे। इसी प्रकार ‘हर घर हरियाली, घर-घर हरियाली’ योजना के बाद अब ‘हर गांव पेड़ों की छांव’ योजना को क्रियान्वित करने के लिए वन विभाग ने कसरत करनी शुरू कर दी है। इस योजना के लिए जिले के 80 गांवों का चयन किया गया। अब इन गांवों में 100-100 बड़े पेड़ लगाए जाएंगे। मानसून शुरू होते ही विभाग पेड़ लगाना शुरू कर देगा उसके बाद उनकी देखभाल भी विभाग ही करेगा। इसके लिए विभाग ने पौधों का प्रबंध कर लिया है। बता दें कि इससे पूर्व ‘हर घर हरियाली, घर-घर हरियाली’ योजना के तहत फलदार और छायादार पौधे गांवों में लोगों के घरों में लगाए गए थे।
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10 साल में 30 लाख पौधे लगाए, मात्र 5 लाख बने पेड़
इस वर्ष विभाग लगाएगा साढ़े सात लाख पौधे
बारिश के साथ ही पौधरोपण शुरू, पंचायतों को भी जोड़ा जाएगा अभियान से