फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   20 years ago, 33 lakh queens' bus stand became a showpiece

20 साल पहले 33 लाख से बना रानियां का बस स्टैंड बना शोपीस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 11:24 PM IST
विज्ञापन
20 years ago, 33 lakh queens' bus stand became a showpiece
रानियां का बस स्टैंड बंद पड़ा हुआ। संवाद - फोटो : Sirsa
अमनदीप बंसल
विज्ञापन

रानियां। शहर का नया बस स्टैंड स्थापित हुए 20 वर्ष से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इसे शुरू नहीं किया जा सका है। ऐसे में प्रतिदिन यहां आने वाले 30 हजार से ज्यादा यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा। 20 वर्ष के दौरान बस स्टैंड परिसर की हालत फिर खस्ता हो गई है। जहां एक ओर फर्श टूट चुका है वहीं दूसरी ओर इमारत भी खराब हो रही है। रानियां से ऐलनाबाद, सिरसा के अलावा करीवाला, बणी, राजस्थान की ओर भी बसों का आवागमन होता है।
दो दशक पहले प्रशासन की ओर से शहर में नए बस स्टैंड का निर्माण करवाया गया, लेकिन आज तक बस स्टैंड को चालू नहीं किया गया है। इसके कारण एक भी बस यहां नहीं रुकती है। करीब 33 लाख रुपये की लागत से बने बस स्टैंड का आज तक इस्तेमाल नहीं हो पाया। ऐसे में बसें सड़क पर ही रुकती हैं। इससे जहां एक ओर यातायात जाम की स्थिति पैदा होती है, वहीं दूसरी ओर यात्रियों को धूप, आंधी, बारिश जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। संवाद
विज्ञापन

लावारिस पशुओं के लिए बना चारगाह
प्रशासन द्वारा रानियां की आबादी के बढ़ते दबाव एव यातायात की समस्या के मद्देनजर रखते हुए अनाज मंडी के नजदीक भूमि अधिगृहीत करके नए बस अड्डे का निर्माण करवाया था। इस पर लगभग 33 लाख रुपये का खर्च किया गया, लेकिन आजकल यह लावारिस पशुओं के लिए चारगाह व बच्चों के लिए खेल का मैदान बन कर रह गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

यात्रियों को होती है परेशानी
बस स्टैंड पर बसें न रुकने से यात्रियों को सड़क पर ही खड़े रहकर इंतजार करना पड़ता है। सड़क पर कई बार जाम जैसी स्थिति हो जाती है। कई बार यात्रियों की संख्या अधिक होने पर बस में चढ़ने की जल्दी से दुर्घटना होने की भी संभावना बनी रहती है। वहीं, बस स्टैंड की इमारत अब खंडहर का बनने लगी है। भवन जगह - जगह से टूट चुका है। इमारत की खिड़कियां, शीशे, दरवाजे आदि भी टूट चूके हैं। कई जगहों पर दरारें आ चुकी हैं।
पुरानी व्यवस्था लागू : अभी भी पुराने बस स्टैंड पर ही रुकती हैं बसें
नया बस स्टैंड बनने के बाद भी अभी तक पुराना बस अड्डा मुख्य मार्ग पर ही बना हुआ है। मुख्य मार्ग पर बसें खड़ी होने से कई बार जाम लग जाता है। प्राइवेट बसों के चालक व परिचालक बसों को पुराना बस स्टैंड पर कई देर खड़ी रखकर सवारियों का इंतजार करते नजर आते हैं। धान या गेहूं कटाई के सीजन में सड़क पर वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। लगातार प्रेशर होर्न के शोर व प्रदूषण की समस्या अत्यंत गंभीर हो रही है।
बस स्टैंड में बस न जाने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्रियों को गर्मी में खडे़ रहकर बस का इंतजार करना पड़ता है। कई बार बसें बिना रोके ही आगे ले जाते हैं। - गगनदीप विर्क, यात्री।
बसों का ठहराव नए बस स्टैंड में होना चाहिए। बस स्टैंड टूटा हुआ है। नशेड़ी व लावारिस पशु हर समय घूमते रहते हैं। बस स्टैंड के अंदर जाने से यात्री घबराते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए बना बस स्टैंड असुविधा का केंद्र बनता जा रहा है। सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। - जगरूप सिंह, यात्री।

रानियां में बस स्टैंड परिसर की रिपेयर करवाई जाएगी। इसके बाद जल्द से जल्द इसे शुरू करवाया जाएगा। सवारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। -केआर कौशल, जीएम, रोडवेज, सिरसा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed