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सिरसा के नागरिक अस्पताल में अग्नि सुरक्षा राम भरोसे,
Updated Wed, 04 Apr 2018 01:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
डबवाली अग्निकांड के बाद सरकार की ओर से हर विभाग को दिशा निर्देश जारी किए गए थे लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा हैै। सिरसा के जिला नागरिक अस्पताल में अग्नि सुरक्षा राम भरोसे है। 100 बेड के अस्पताल में मात्र चार ही सीओटू के गैस सिलेंडर लगे हुए हैं। कुछ भवन ऐसे हैं अगर वहां आग लग जाए तो निकासी के लिए एक ही गेट है। आग लगने पर मरीजों की सुरक्षा राम भरोसे है। सीएमओ का कहना है कि अग्निशमन यंत्र खरीदने के लिए बजट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा हुआ है।
नागरिक अस्पताल में अग्निशमन के नाम पर ब्लड बैंक वाले गेट पर चार बाल्टी रेत से भरी होती थी पर आजकल वे भी गायब हैैं। अग्नि सुरक्षा के प्रबंधों का मंगलवार को जब जायजा लिया तो हकीकत कुछ और ही सामर्ने आई। ट्रोमा सेंटर में ग्राउंड तल तक ओटी और आरएमओ साहित कई डॉक्टराें के कक्ष हैं। साथ ही वार्ड हैं जहां पर आपात स्थिति में मरीजों को दाखिल किया जाता है। प्रथम तल पर कई कार्यालय है। इन सब का निकासी द्वार एक ही है। ओटी के सामने दीवार पर कार्बन डाई आक्साइड से भरा सिलेंडर लटका हुआ है लेकिन मौके पर मौजूद वार्ड ब्वाय को चलाना नहीं आता। अगर आग लग जाती है तो सुरक्षा राम भरोसे है।
आयुष विभाग में नहीं है अग्निशम यंत्र
ट्रोमा सेंटर के साथ में ही आयुष भवन है जहां पर योगाचार्य कक्ष है। साथ में होम्योपैथी और उसके साथ में आयुर्वेदिक डॉक्टर का कक्ष है। दवाई कक्ष भी है। वहां पर कोई अग्निशमन यंत्र नहीं हैं। इस भवन का एक ही निकासी द्वार है। इसके ठीक सामने पंचकर्म कार्यशाला है वहां भी ऐसी कोई सुविधा नहीं है।
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किसी को चलाना नहीं आता अग्निशमन यंत्र
ब्लड बैंक और ईसीजी कक्ष में कोई अग्निशमन यंत्र नहीं हैं। साथ में एक्सरे कक्ष है जहां पर मशीनों के पास ही एक सीओटू गैस सिलेंडर लटका हुआ हैै पर किसी को चलाना नहीं आता है। अल्ट्रासाउंड कक्ष में भी कोई अगिभनशमन यंत्र नहंी हैै। सीटी स्कैन कक्ष में एक अग्निशमन यंत्र लटका मिला पर कर्मचारियों को वह भी चलना नहीं आता। गाइनी वार्ड में कोई अग्निशमन यंत्र नहीं हैैं जहां पर सर्वाधिक भीड़ रहती हैै और इस का एक ही निकासी द्वार है। मुख्य ओटी कक्ष में एक गैस सिलेंडर है।
ओपीडी हाल की सुरक्षा भी रामभरोसे
ओपीडी हॉल जहां पर पहले मरीजों का पंजीकरण होता है इसके सामने ही डॉक्टरों के कक्ष हैै साथ ही दवाई वितरण कक्ष है अस्पताल में सबसे ज्यादा भीड़ इस हॉल में होती पर अग्लि सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। इस हॉल में दो निकासी द्वार है सीएमओ की ओर से जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी और सीएमओ का कक्ष तक सुरक्षित नहीं है।
बजट बनाकर भेजा हुआ है
अग्नि सुरक्षा को लेकर अस्पताल में दो बार मॉक ड्रिल हो चुकी हैं। पहले अग्नि सुरक्षा के नाम पर रेत से भरी बाल्टी ही होती थी। अग्नि सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर निरीक्षण करवाया और उन्हें से प्रोजेक्ट तैयार करवाकर बजट सरकार के पास भेजा गया हैै। बजट आते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. गोबिंद गुप्ता, सीएमओ सिरसा
48 सिलेंडर की मांग की गई है
अग्नि सुरक्षा के नाम पर अस्पताल में फिलहाल कार्बन डाई ऑक्साइड के मात्र चार गैस सिलेंडर हैैं, रेत से भरी बाल्टी तक नहीं हैं। फिलहाल सीओटू 4.5 किग्रा के 25, एबीसी चार किग्रा. के 17, एबीसी छह किग्रा के छह और आठ फायर बाल्टी की डिमांड भेजी गई है। जैसे ही सामान आएगा लगा दिया जाएगा।
-अमन कुमार फायर सेफ्टी ऑफिसर नागरिक अस्पताल सिरसा
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सिरसा।
डबवाली अग्निकांड के बाद सरकार की ओर से हर विभाग को दिशा निर्देश जारी किए गए थे लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा हैै। सिरसा के जिला नागरिक अस्पताल में अग्नि सुरक्षा राम भरोसे है। 100 बेड के अस्पताल में मात्र चार ही सीओटू के गैस सिलेंडर लगे हुए हैं। कुछ भवन ऐसे हैं अगर वहां आग लग जाए तो निकासी के लिए एक ही गेट है। आग लगने पर मरीजों की सुरक्षा राम भरोसे है। सीएमओ का कहना है कि अग्निशमन यंत्र खरीदने के लिए बजट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा हुआ है।
नागरिक अस्पताल में अग्निशमन के नाम पर ब्लड बैंक वाले गेट पर चार बाल्टी रेत से भरी होती थी पर आजकल वे भी गायब हैैं। अग्नि सुरक्षा के प्रबंधों का मंगलवार को जब जायजा लिया तो हकीकत कुछ और ही सामर्ने आई। ट्रोमा सेंटर में ग्राउंड तल तक ओटी और आरएमओ साहित कई डॉक्टराें के कक्ष हैं। साथ ही वार्ड हैं जहां पर आपात स्थिति में मरीजों को दाखिल किया जाता है। प्रथम तल पर कई कार्यालय है। इन सब का निकासी द्वार एक ही है। ओटी के सामने दीवार पर कार्बन डाई आक्साइड से भरा सिलेंडर लटका हुआ है लेकिन मौके पर मौजूद वार्ड ब्वाय को चलाना नहीं आता। अगर आग लग जाती है तो सुरक्षा राम भरोसे है।
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आयुष विभाग में नहीं है अग्निशम यंत्र
ट्रोमा सेंटर के साथ में ही आयुष भवन है जहां पर योगाचार्य कक्ष है। साथ में होम्योपैथी और उसके साथ में आयुर्वेदिक डॉक्टर का कक्ष है। दवाई कक्ष भी है। वहां पर कोई अग्निशमन यंत्र नहीं हैं। इस भवन का एक ही निकासी द्वार है। इसके ठीक सामने पंचकर्म कार्यशाला है वहां भी ऐसी कोई सुविधा नहीं है।
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किसी को चलाना नहीं आता अग्निशमन यंत्र
ब्लड बैंक और ईसीजी कक्ष में कोई अग्निशमन यंत्र नहीं हैं। साथ में एक्सरे कक्ष है जहां पर मशीनों के पास ही एक सीओटू गैस सिलेंडर लटका हुआ हैै पर किसी को चलाना नहीं आता है। अल्ट्रासाउंड कक्ष में भी कोई अगिभनशमन यंत्र नहंी हैै। सीटी स्कैन कक्ष में एक अग्निशमन यंत्र लटका मिला पर कर्मचारियों को वह भी चलना नहीं आता। गाइनी वार्ड में कोई अग्निशमन यंत्र नहीं हैैं जहां पर सर्वाधिक भीड़ रहती हैै और इस का एक ही निकासी द्वार है। मुख्य ओटी कक्ष में एक गैस सिलेंडर है।
ओपीडी हाल की सुरक्षा भी रामभरोसे
ओपीडी हॉल जहां पर पहले मरीजों का पंजीकरण होता है इसके सामने ही डॉक्टरों के कक्ष हैै साथ ही दवाई वितरण कक्ष है अस्पताल में सबसे ज्यादा भीड़ इस हॉल में होती पर अग्लि सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। इस हॉल में दो निकासी द्वार है सीएमओ की ओर से जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी और सीएमओ का कक्ष तक सुरक्षित नहीं है।
बजट बनाकर भेजा हुआ है
अग्नि सुरक्षा को लेकर अस्पताल में दो बार मॉक ड्रिल हो चुकी हैं। पहले अग्नि सुरक्षा के नाम पर रेत से भरी बाल्टी ही होती थी। अग्नि सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर निरीक्षण करवाया और उन्हें से प्रोजेक्ट तैयार करवाकर बजट सरकार के पास भेजा गया हैै। बजट आते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. गोबिंद गुप्ता, सीएमओ सिरसा
48 सिलेंडर की मांग की गई है
अग्नि सुरक्षा के नाम पर अस्पताल में फिलहाल कार्बन डाई ऑक्साइड के मात्र चार गैस सिलेंडर हैैं, रेत से भरी बाल्टी तक नहीं हैं। फिलहाल सीओटू 4.5 किग्रा के 25, एबीसी चार किग्रा. के 17, एबीसी छह किग्रा के छह और आठ फायर बाल्टी की डिमांड भेजी गई है। जैसे ही सामान आएगा लगा दिया जाएगा।
-अमन कुमार फायर सेफ्टी ऑफिसर नागरिक अस्पताल सिरसा