{"_id":"5b9ab7d3867a557f6661f7a8","slug":"161536866259-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रा सुरक्षा परिवहन योजना के तहत अब %सुरक्षा चक्कर’ में होंगी ग्रामीणांचल की बेटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रा सुरक्षा परिवहन योजना के तहत अब %सुरक्षा चक्कर’ में होंगी ग्रामीणांचल की बेटियां
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। प्रदेशभर में राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा को सुरक्षा चक्कर में करने के लिए राज्य शिक्षा निदेशालय ने अहम कदम उठाया है। शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रदेशभर के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं का विवरण मांगा गया है, जो घर से चार किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई कर रही हैं। साथ ही कहा गया है कि उन्हें सुरक्षा परिवहन योजना का लाभ दिया जाए। परिवहन योजना का खर्च राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी।
प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रही बेटियों के लिए छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना आरंभ की गई है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बालिकाओं को निशुल्क सुरक्षित यातायात उपलब्ध करवाना इसका महत्वपूर्ण बिंदु है। उपरोक्त यातायात सुविधा छात्राओं को मासिक दर पर सीधे उनके खातों में निर्धारित राशि देकर उपलब्ध करवाई जाएगी।
छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना मुताबिक अभिभावक, अध्यापक एवं विद्यालय प्रबंधन समिति मिलकर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कार, ऑटो, जीप, मैक्सी कैब के माध्यम से स्कूल जाने वाली छात्राओं को सुरक्षित यातायात साधन उपलब्ध करवाया जाएगा। छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना शुरू करने के पीछे मुख्य दो कारण है। प्रथम छात्राओं के साथ सफर के दौरान बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाएं। दूसरा देखने में आया है कि ग्रामीण आंचल में छात्राएं साइंस संकाय में अपनी शिक्षा आगे जारी रखना चाहती है। मगर उनके गांव में आर्ट संकाय होने के कारण वह सांइस संकाय में शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाती। मगर इस योजना के तहत वह निशुल्क यातायात व्यवस्था से दूसरे गांव के स्कूल में जाकर साइंस संकाय का लाभ ले सकेंगी और अपना सपना साकार कर सकेंगी।
विज्ञापन
स्कूल मुखिया की होंगी ये जिम्मेवारी
छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना के तहत स्कूल मुखिया की विशेष जिम्मेवारी होगी कि वह लाभार्थी पात्र छात्राओं का विवरण तैयार करके विभाग को बजट की मांग के लिए प्रस्ताव भेजेगा। इसके अलावा वाहन प्रबंध के दौरान सुरक्षा संचालन के संबंध में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को मार्ग दर्शन प्रदान करना तथा वाहन के मासिक भुगतान के समय उपस्थिति का विवरण देना। वहीं वाहन चालक बालिकाओं को समय पर स्कूल लेकर आए और समय पर उनके घर पहुंचाए। इसके लिए स्कूल मुखिया को इसका अवलोकन करने की जिम्मेवारी होगी। परिवहन के दौरान वाहन के चालक, परिचालक अथवा संचालक के संदर्भ में छात्राओं द्वारा की गई शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेना।
इन वाहनों को किया जाएगा शामिल
छात्राओं को घर से स्कूल व स्कूल से घर तक पहुुुुंचाने के लिए विभाग की ओर से ऑटो रिक्शा, कार, वैन, सूमो, जीप, मैक्सी कैब वैन, छोटा हाथी, मिनी बस, टेंपो ट्रेवलर, बस को शामिल किया गया है।
कोट्स:
विभाग की ओर से छात्रा परिवहन योजना के तहत छात्राओं को घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध करवाने के लिए विभाग की ओर से पत्र मिला है। विभाग के अधिकारियों को पत्र की कॉपी प्रेषित की जा चुकी है।
- डा. यज्ञदत्त वर्मा, डीईओ सिरसा।
विज्ञापन
सिरसा। प्रदेशभर में राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा को सुरक्षा चक्कर में करने के लिए राज्य शिक्षा निदेशालय ने अहम कदम उठाया है। शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रदेशभर के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं का विवरण मांगा गया है, जो घर से चार किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई कर रही हैं। साथ ही कहा गया है कि उन्हें सुरक्षा परिवहन योजना का लाभ दिया जाए। परिवहन योजना का खर्च राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी।
प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रही बेटियों के लिए छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना आरंभ की गई है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बालिकाओं को निशुल्क सुरक्षित यातायात उपलब्ध करवाना इसका महत्वपूर्ण बिंदु है। उपरोक्त यातायात सुविधा छात्राओं को मासिक दर पर सीधे उनके खातों में निर्धारित राशि देकर उपलब्ध करवाई जाएगी।
विज्ञापन
छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना मुताबिक अभिभावक, अध्यापक एवं विद्यालय प्रबंधन समिति मिलकर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कार, ऑटो, जीप, मैक्सी कैब के माध्यम से स्कूल जाने वाली छात्राओं को सुरक्षित यातायात साधन उपलब्ध करवाया जाएगा। छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना शुरू करने के पीछे मुख्य दो कारण है। प्रथम छात्राओं के साथ सफर के दौरान बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाएं। दूसरा देखने में आया है कि ग्रामीण आंचल में छात्राएं साइंस संकाय में अपनी शिक्षा आगे जारी रखना चाहती है। मगर उनके गांव में आर्ट संकाय होने के कारण वह सांइस संकाय में शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाती। मगर इस योजना के तहत वह निशुल्क यातायात व्यवस्था से दूसरे गांव के स्कूल में जाकर साइंस संकाय का लाभ ले सकेंगी और अपना सपना साकार कर सकेंगी।
विज्ञापन
स्कूल मुखिया की होंगी ये जिम्मेवारी
छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना के तहत स्कूल मुखिया की विशेष जिम्मेवारी होगी कि वह लाभार्थी पात्र छात्राओं का विवरण तैयार करके विभाग को बजट की मांग के लिए प्रस्ताव भेजेगा। इसके अलावा वाहन प्रबंध के दौरान सुरक्षा संचालन के संबंध में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को मार्ग दर्शन प्रदान करना तथा वाहन के मासिक भुगतान के समय उपस्थिति का विवरण देना। वहीं वाहन चालक बालिकाओं को समय पर स्कूल लेकर आए और समय पर उनके घर पहुंचाए। इसके लिए स्कूल मुखिया को इसका अवलोकन करने की जिम्मेवारी होगी। परिवहन के दौरान वाहन के चालक, परिचालक अथवा संचालक के संदर्भ में छात्राओं द्वारा की गई शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेना।
इन वाहनों को किया जाएगा शामिल
छात्राओं को घर से स्कूल व स्कूल से घर तक पहुुुुंचाने के लिए विभाग की ओर से ऑटो रिक्शा, कार, वैन, सूमो, जीप, मैक्सी कैब वैन, छोटा हाथी, मिनी बस, टेंपो ट्रेवलर, बस को शामिल किया गया है।
कोट्स:
विभाग की ओर से छात्रा परिवहन योजना के तहत छात्राओं को घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध करवाने के लिए विभाग की ओर से पत्र मिला है। विभाग के अधिकारियों को पत्र की कॉपी प्रेषित की जा चुकी है।
- डा. यज्ञदत्त वर्मा, डीईओ सिरसा।