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दो दिन में टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो उपायुक्त कार्यालय पर वार्डवासियों के साथ देंगे धरना
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सिरसा। शहर की 327 गलियों के टेंडर न होने के विरोध में बुधवार को कार्यकारी प्रधान रणधीर सिंह की अध्यक्षता में पार्षद बुधवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां पर उपायुक्त के नहीं मिलने पर उन्होंने एसडीएम वीरेंद्र चौधरी ने पार्षदों से मुलाकात की और उन्हें मांगपत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि टैंडर नहीं होने से शहर के कई विकास कार्य रुके हैं।
बलजीत कौर, पार्षद ख्यालीराम, जश्न इंसा, रोहताश, राजेश गुज्जर, राजू, महावीर सिंह, रेणु बरोड, मनोज मकानी, पार्षद प्रतिनिधि लक्की डावर और पार्षद प्रतिनिधि दौलत राम सुखरालियां वार्डवसियों के साथ बुधवार को नप कार्यालय में इकट्ठा हुए। पार्षदों ने ईओ अमन ढांडा को कहा कि वे उपायुक्त को दो दिन का अल्टीमेटम देने जा रहे हैं। ताकि यदि दो दिन में टेंडर की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो वे वार्डवासियों के साथ उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठेंगे। इसके बाद नप के कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर सिंह के साथ उपरोक्त पार्षद उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। पार्षदों ने कहा कि शहर के विकास कार्य रूके हुए है। एसडीएम वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रशासन को काम रोकने से क्या मिलेगा। सात अधिकारियों की टीम तैयार कर दी गई है और वे खुद भी बुधवार से ही गलियों का निरीक्षण करेंगे। एसडीएम वीरेंद्र चौधरी ने पार्षदों को कहा कि ये 20 करोड़ के काम है। उपायुक्त ने मुझे गलियों चेक करने के लिए निर्देश दिए है तो उसे आप लोग नकारात्मक न लें। क्योंकि यदि उपायुुक्त द्वारा नियुक्त कर्मचारियों ने कोई कमी निकाली है तो कोई न कारण होगा। काम शुरू होने के बाद यदि कोई शिकायत करेगा और विजिलेंस जांच होगी तो क्या फायदा। अगले हफ्ते तक 100 प्रतिशत गलियों के टेंडर लग जाएंगे।
दोपहर को एसडीएम ने शुरू किया गलियों के निरीक्षण का काम
दोपहर को एसडीएम वीरेंद्र चौधरी ने नप के ईओ अमन ढांडा, एमई निजेश के साथ वार्ड एक, दो और पांच की निर्माणाधीन गलियों का निरीक्षण कार्य शुरू कर दिया। शाम साढ़े सात बजे तक टीम ने इन वार्डों की कई गलियों का निरीक्षण किया और एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट तैयार की।
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ये लगा था आब्जेक्शन
शहर की 327 गलियों के टेंडर लगाने की प्रक्रिया दिसंबर 2018 से चल रही है। मार्च 2019 में टेंडर लगाए गए, लेकिन अप्रैल में टेंडर खोले नहीं गए। लोकसभा चुनावों की आचार संहिता के कारण टेंडर रद्द हो गए। आचार संहिता खत्म होने के बाद नप ने दोबारा से टेंडर की फाइल डीसी कार्यालय में भेजी। लेकिन डीसी कार्यालय की ओर से लिखित में पत्र आया कि 327 गलियों के पूर्ण में खर्च की गई राशि का ब्यौरा, गलियों की मार्किंग, प्रॉपर्टी आईडी का विवरण भेजे। साथ ही पूर्व में इन गलियों के टेंडर को रद्द क्यों किया गया, उसका विवरण भी भेजे। पत्र आने के बाद नगरपरिषद की एमई शाखा ने सभी 327 गलियों की प्रॉपर्टी आईडी लगा दी और उनका नक्शा भी तैयार कर दिया। साथ ही रिपोर्ट तैयार कर ली कि सभी गलियां चार से पांच साल पहले बनी हुई है। पिछला टेंडर रद् होने का कारण लोकसभा चुनावों में आचार संहिता का हवाला दिया गया। लेकिन सोमवार को डीसी कार्यालय ने फाइल एसडीएम के पास भेज दी, ताकि निर्माणाधीन गलियों का निरीक्षण किया जाए, कि वे वास्तव में बनने लायक हैं या नहीं।
वर्जन
कोट्स गलियों का निरीक्षण कार्य बुधवार से शुरू कर दिया जाएगा और इसके लिए सात अधिकारियों की टीम का भी गठन कर दिया गया। एक हफ्ते में टेंडर लगा दिए जाएंगे।
वीरेंद्र चौधरी, एसडीएम, सिरसा।
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बलजीत कौर, पार्षद ख्यालीराम, जश्न इंसा, रोहताश, राजेश गुज्जर, राजू, महावीर सिंह, रेणु बरोड, मनोज मकानी, पार्षद प्रतिनिधि लक्की डावर और पार्षद प्रतिनिधि दौलत राम सुखरालियां वार्डवसियों के साथ बुधवार को नप कार्यालय में इकट्ठा हुए। पार्षदों ने ईओ अमन ढांडा को कहा कि वे उपायुक्त को दो दिन का अल्टीमेटम देने जा रहे हैं। ताकि यदि दो दिन में टेंडर की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो वे वार्डवासियों के साथ उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठेंगे। इसके बाद नप के कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर सिंह के साथ उपरोक्त पार्षद उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। पार्षदों ने कहा कि शहर के विकास कार्य रूके हुए है। एसडीएम वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रशासन को काम रोकने से क्या मिलेगा। सात अधिकारियों की टीम तैयार कर दी गई है और वे खुद भी बुधवार से ही गलियों का निरीक्षण करेंगे। एसडीएम वीरेंद्र चौधरी ने पार्षदों को कहा कि ये 20 करोड़ के काम है। उपायुक्त ने मुझे गलियों चेक करने के लिए निर्देश दिए है तो उसे आप लोग नकारात्मक न लें। क्योंकि यदि उपायुुक्त द्वारा नियुक्त कर्मचारियों ने कोई कमी निकाली है तो कोई न कारण होगा। काम शुरू होने के बाद यदि कोई शिकायत करेगा और विजिलेंस जांच होगी तो क्या फायदा। अगले हफ्ते तक 100 प्रतिशत गलियों के टेंडर लग जाएंगे।
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दोपहर को एसडीएम ने शुरू किया गलियों के निरीक्षण का काम
दोपहर को एसडीएम वीरेंद्र चौधरी ने नप के ईओ अमन ढांडा, एमई निजेश के साथ वार्ड एक, दो और पांच की निर्माणाधीन गलियों का निरीक्षण कार्य शुरू कर दिया। शाम साढ़े सात बजे तक टीम ने इन वार्डों की कई गलियों का निरीक्षण किया और एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट तैयार की।
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ये लगा था आब्जेक्शन
शहर की 327 गलियों के टेंडर लगाने की प्रक्रिया दिसंबर 2018 से चल रही है। मार्च 2019 में टेंडर लगाए गए, लेकिन अप्रैल में टेंडर खोले नहीं गए। लोकसभा चुनावों की आचार संहिता के कारण टेंडर रद्द हो गए। आचार संहिता खत्म होने के बाद नप ने दोबारा से टेंडर की फाइल डीसी कार्यालय में भेजी। लेकिन डीसी कार्यालय की ओर से लिखित में पत्र आया कि 327 गलियों के पूर्ण में खर्च की गई राशि का ब्यौरा, गलियों की मार्किंग, प्रॉपर्टी आईडी का विवरण भेजे। साथ ही पूर्व में इन गलियों के टेंडर को रद्द क्यों किया गया, उसका विवरण भी भेजे। पत्र आने के बाद नगरपरिषद की एमई शाखा ने सभी 327 गलियों की प्रॉपर्टी आईडी लगा दी और उनका नक्शा भी तैयार कर दिया। साथ ही रिपोर्ट तैयार कर ली कि सभी गलियां चार से पांच साल पहले बनी हुई है। पिछला टेंडर रद् होने का कारण लोकसभा चुनावों में आचार संहिता का हवाला दिया गया। लेकिन सोमवार को डीसी कार्यालय ने फाइल एसडीएम के पास भेज दी, ताकि निर्माणाधीन गलियों का निरीक्षण किया जाए, कि वे वास्तव में बनने लायक हैं या नहीं।
वर्जन
कोट्स गलियों का निरीक्षण कार्य बुधवार से शुरू कर दिया जाएगा और इसके लिए सात अधिकारियों की टीम का भी गठन कर दिया गया। एक हफ्ते में टेंडर लगा दिए जाएंगे।
वीरेंद्र चौधरी, एसडीएम, सिरसा।