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आरटीआई की सुनवाई के बाद सिरसा, फतेहाबाद, हिसार रोड़वेज प्रबंधक चंडीगढ़ तलब - तीनों अधिकारियों अलग-अलग सुचना देकर फंसे
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अमर उजाला ब्यूरो
ऐलनाबाद। पंजाब के मलोट में 11 जुलाई 2018 को आयोजित हुई पीएम नरेंद्र मोदी की रैली में रोडवेज बसों के संबंध में एक आरटीआई में अलग-अलग सूचना देने पर सिरसा, फतेहाबाद, हिसार रोडवेज प्रबंधक को राज्य सूचना आयोग ने 12 जून 2019 को चंडीगढ़ तलब किया है।
ऐलनाबाद के आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट सुरेंद्र सरदाना ने रैली में बसें भेजने संबंधी तीनों अधिकारियों से सूचना मांगी थी। जिसके जवाब में सूचना सही न मिलने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने उक्त फैसला लिया है।
सरदाना ने बताया कि उन्होंने आरटीआई एक्ट के सेक्शन 6 के तहत उपरोक्त तीनों जन सूचना अधिकारियों से कुल चार बिंदुओं की सामान जानकारी मांगी थी। तीनों जन सूचना अधिकारियों ने जो सूचना प्रार्थी को उपलब्ध करवाई वह अलग- अलग थी। जवाब एक दूसरे के विरोधाभासी होने पर उन्हें शक हुआ। सरदाना ने बताया कि उन्होंने विभाग से पूछा था कि हरियाणा परिवहन निगम की बसों को निर्धारित रूट पर चलने के अलावा क्या सरकार की किसी रैली के लिए प्रयोग किया जा सकता है अथवा नहीं ? ऐसा किया जा सकता है तो निर्धारित रूट पर आमजनों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है ? उन्होंने 11 जुलाई रैली में रोडवेज बसों की कुल गिनती भी पूछी थी। 10 जुलाई व 11 जुलाई दोनों दिनों की आमदन पूछते हुए, रैली में बसें भेजने पर हुए घाटे का भी ब्यौरा मांगा था। इस घाटे को किस मद में डाला गया यह भी जानकारी मांगी थी। सूचना सही न होने व काफी विरोधाभास होने पर उन्होंने इसकी प्रथम अपील राज्य सूचना आयोग में की थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त चंद्र प्रकाश ने सिरसा, फतेहाबाद तथा हिसार के महाप्रबंधकों को रिकार्ड सहित 12 जून 2019 को चंडीगढ़ तलब किया है ।
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फोटो 12
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ऐलनाबाद। पंजाब के मलोट में 11 जुलाई 2018 को आयोजित हुई पीएम नरेंद्र मोदी की रैली में रोडवेज बसों के संबंध में एक आरटीआई में अलग-अलग सूचना देने पर सिरसा, फतेहाबाद, हिसार रोडवेज प्रबंधक को राज्य सूचना आयोग ने 12 जून 2019 को चंडीगढ़ तलब किया है।
ऐलनाबाद के आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट सुरेंद्र सरदाना ने रैली में बसें भेजने संबंधी तीनों अधिकारियों से सूचना मांगी थी। जिसके जवाब में सूचना सही न मिलने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने उक्त फैसला लिया है।
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सरदाना ने बताया कि उन्होंने आरटीआई एक्ट के सेक्शन 6 के तहत उपरोक्त तीनों जन सूचना अधिकारियों से कुल चार बिंदुओं की सामान जानकारी मांगी थी। तीनों जन सूचना अधिकारियों ने जो सूचना प्रार्थी को उपलब्ध करवाई वह अलग- अलग थी। जवाब एक दूसरे के विरोधाभासी होने पर उन्हें शक हुआ। सरदाना ने बताया कि उन्होंने विभाग से पूछा था कि हरियाणा परिवहन निगम की बसों को निर्धारित रूट पर चलने के अलावा क्या सरकार की किसी रैली के लिए प्रयोग किया जा सकता है अथवा नहीं ? ऐसा किया जा सकता है तो निर्धारित रूट पर आमजनों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है ? उन्होंने 11 जुलाई रैली में रोडवेज बसों की कुल गिनती भी पूछी थी। 10 जुलाई व 11 जुलाई दोनों दिनों की आमदन पूछते हुए, रैली में बसें भेजने पर हुए घाटे का भी ब्यौरा मांगा था। इस घाटे को किस मद में डाला गया यह भी जानकारी मांगी थी। सूचना सही न होने व काफी विरोधाभास होने पर उन्होंने इसकी प्रथम अपील राज्य सूचना आयोग में की थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त चंद्र प्रकाश ने सिरसा, फतेहाबाद तथा हिसार के महाप्रबंधकों को रिकार्ड सहित 12 जून 2019 को चंडीगढ़ तलब किया है ।
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