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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने दो घंटे लघु सचिवालय का किया घेराव,
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:37 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को ताला लगाकर विभिन्न मांगों को पूरा करवाने के लिए लघु सचिवालय परिसर में धरने के नौवेें दिन मंगलवार को आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन ने लघु सचिवालय का घेराव किया। दो घंटे तक चले लघु सचिवालय घेराव के दौरान कोई भी प्रशासनिक अधिकारी बाहर नहीं आया। आंदोलनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार सुबह से ही उग्र रूप धारण कर लिया और 12 बजे लघु सचिवालय के गेट के सामने करीब दो घंटे तक डेरा डाले रखा और केंद्र और राज्य सरकार को जमकर कोसा।
प्रशासन ने वर्करों के तेवर देखकर भारी पुलिस बल को लघु सचिवालय के गेट और आसपास तैनात रखा। दो बजे कार्यकर्ताओं ने वापस अपने धरनास्थल जाकर धरना जारी रखा। तब जाकर जिला प्रशासन को कुछ राहत मिली। इस दौरान प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस, बसपा और कई संगठनों के नेताओं ने अपना समर्थन दिया। बुधवार को हाथों में कटोरा लेकर भीख मांग कर अपना हक मांगेंगी।
इस मौके पर यूनियन की राज्य उप प्रधान रत्नेश ने कहा कि हमें हमारे हकों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है और हम हमारा हक लेकर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों सरकार मान नहीं लेती तब तक धरना लगातार इसी प्रकार चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि बुधवार को भी धरना जारी रहेगा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हाथों में कटोरा लेकर लघु सचिवालय परिसर में भीख मांगकर प्रदर्शन करेंगी। आंगनबाड़ी यूनियन सिरसा ब्लॉक प्रधान शकुंतला, प्रमिला, माया रानी, राजपाल कौर, जसपाल कौर, सीता, कमलजीत, लाली देवी, चन्नों, परमजीत, बिमला देवी, संतोष, समित्रा सहित हजारों वर्कर धरने पर डटीं रहीं।
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दो घंटे कार्यालयों में कैद रहे अधिकारी
दो घंटे तक चले लघु सचिवालय घेराव के दौरान कोई भी प्रशासनिक अधिकारी बाहर नहीं आया। आंगनबाड़ी वर्करों के साथ साथ विभिन्न पार्टियों के नेता और संगठनों के सदस्य घेराव में शामिल होकर सरकार पर भड़ास निकालते रहे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित केंद्र और राज्य सरकार को कोसने में कोई कसर नहीं छोड़ी। गीत, नारों और तालियों से सरकार को जगाने का काम किया, लेकिन जिला प्रशासन मूक बनकर देखता रहा।
वाहन चालकों से हुई कहासुनी
दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शनकारियों ने पार्क में से निकलकर एसपी कार्यालय की ओर जाने पर रास्ते पर जाम लगा दिया। एक ओर की सड़क पूरी तरह से बंद हो गई तो दूसरी ओर जाम जैसे हालात हो गए। प्रदर्शनकारियों से वाहन चालकों की काफी कहासुनी हुई। बैंक में कैश जमा करवार लौट रहे रोडवेज कर्मचारियों की बस भी फंस गई। बाद में प्रदर्शनकारियों के नेताओं ने जाम खोलने के लिए कहा। ऐेसे में महिलाओं ने रास्ता खोल दिया।
1377 आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला, 1064 वर्कर्स और 1274 हेल्पर धरने पर
पिछले नौ दिनों से आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के अंतर्गत जिले के डबवाली, रानियां, सिरसा रूरल और अर्बन, माधोसिंगाना, चोपटा, बड़ागुढ़ा, ओढां, ऐलनाबाद सहित सभी ब्लॉकों से 1377 आंगनबाड़ी केंद्रों को ताला लगाकर 1064 वर्कर्स और 1274 हेल्पर अपनी इन मांगों को लेकर धरने पर बैठीं हैं। आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर को तीसरे और चौथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए ऐसा न करने तक 18000 रुपये मानदेय दिया जाए। 14 जून 2017 को धरने पर पहुंचे कर्मियों पर रोक लगाकर मान सम्मान को ठेस पहुंचाने का कहा गया, जिसे तुरंत प्रभाव से खारिज किया जाए। शहरी केन्द्रों का किराया बिना सर्वे के 6000 और गांवों का 3000 रुपये किया जाए। गर्मी व सर्दी की छुट्टियां सरकारी स्कूलों के अनुसार की जाए और एस.एन.वी. क्वालिटी के अनुसार केन्द्रों तक पहुंचाई जाए। एसएनपी केन्द्रों में मदर ग्रुप से ही बनवाया जाए। आंगनबाड़ी केन्द्रों में सरकार द्वारा हाजिरी सुनिश्चित की जाए। निजीकरण पर रोक लगे व विभाग की तरक्की के लिए बजट का प्रावधान किया जाए। आंगनबाड़ी हेल्परों की वर्दी का रंग बदला जाए। आईसीडीएम में डिब्बा बंद भोजन और प्रत्यक्ष-सशक्त कैश ट्रांसफर को लागू करने के तुरंत रोक लगाई जाए। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार वर्कर्स को न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। मिनी केन्द्रों का वेतन बराबर हो काम व मानदेय बराबर किया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर के पद का गांव और शहर को समायोजन लागू हो।
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सिरसा।
जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को ताला लगाकर विभिन्न मांगों को पूरा करवाने के लिए लघु सचिवालय परिसर में धरने के नौवेें दिन मंगलवार को आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन ने लघु सचिवालय का घेराव किया। दो घंटे तक चले लघु सचिवालय घेराव के दौरान कोई भी प्रशासनिक अधिकारी बाहर नहीं आया। आंदोलनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार सुबह से ही उग्र रूप धारण कर लिया और 12 बजे लघु सचिवालय के गेट के सामने करीब दो घंटे तक डेरा डाले रखा और केंद्र और राज्य सरकार को जमकर कोसा।
प्रशासन ने वर्करों के तेवर देखकर भारी पुलिस बल को लघु सचिवालय के गेट और आसपास तैनात रखा। दो बजे कार्यकर्ताओं ने वापस अपने धरनास्थल जाकर धरना जारी रखा। तब जाकर जिला प्रशासन को कुछ राहत मिली। इस दौरान प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस, बसपा और कई संगठनों के नेताओं ने अपना समर्थन दिया। बुधवार को हाथों में कटोरा लेकर भीख मांग कर अपना हक मांगेंगी।
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इस मौके पर यूनियन की राज्य उप प्रधान रत्नेश ने कहा कि हमें हमारे हकों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है और हम हमारा हक लेकर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों सरकार मान नहीं लेती तब तक धरना लगातार इसी प्रकार चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि बुधवार को भी धरना जारी रहेगा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हाथों में कटोरा लेकर लघु सचिवालय परिसर में भीख मांगकर प्रदर्शन करेंगी। आंगनबाड़ी यूनियन सिरसा ब्लॉक प्रधान शकुंतला, प्रमिला, माया रानी, राजपाल कौर, जसपाल कौर, सीता, कमलजीत, लाली देवी, चन्नों, परमजीत, बिमला देवी, संतोष, समित्रा सहित हजारों वर्कर धरने पर डटीं रहीं।
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दो घंटे कार्यालयों में कैद रहे अधिकारी
दो घंटे तक चले लघु सचिवालय घेराव के दौरान कोई भी प्रशासनिक अधिकारी बाहर नहीं आया। आंगनबाड़ी वर्करों के साथ साथ विभिन्न पार्टियों के नेता और संगठनों के सदस्य घेराव में शामिल होकर सरकार पर भड़ास निकालते रहे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित केंद्र और राज्य सरकार को कोसने में कोई कसर नहीं छोड़ी। गीत, नारों और तालियों से सरकार को जगाने का काम किया, लेकिन जिला प्रशासन मूक बनकर देखता रहा।
वाहन चालकों से हुई कहासुनी
दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शनकारियों ने पार्क में से निकलकर एसपी कार्यालय की ओर जाने पर रास्ते पर जाम लगा दिया। एक ओर की सड़क पूरी तरह से बंद हो गई तो दूसरी ओर जाम जैसे हालात हो गए। प्रदर्शनकारियों से वाहन चालकों की काफी कहासुनी हुई। बैंक में कैश जमा करवार लौट रहे रोडवेज कर्मचारियों की बस भी फंस गई। बाद में प्रदर्शनकारियों के नेताओं ने जाम खोलने के लिए कहा। ऐेसे में महिलाओं ने रास्ता खोल दिया।
1377 आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला, 1064 वर्कर्स और 1274 हेल्पर धरने पर
पिछले नौ दिनों से आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के अंतर्गत जिले के डबवाली, रानियां, सिरसा रूरल और अर्बन, माधोसिंगाना, चोपटा, बड़ागुढ़ा, ओढां, ऐलनाबाद सहित सभी ब्लॉकों से 1377 आंगनबाड़ी केंद्रों को ताला लगाकर 1064 वर्कर्स और 1274 हेल्पर अपनी इन मांगों को लेकर धरने पर बैठीं हैं। आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर को तीसरे और चौथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए ऐसा न करने तक 18000 रुपये मानदेय दिया जाए। 14 जून 2017 को धरने पर पहुंचे कर्मियों पर रोक लगाकर मान सम्मान को ठेस पहुंचाने का कहा गया, जिसे तुरंत प्रभाव से खारिज किया जाए। शहरी केन्द्रों का किराया बिना सर्वे के 6000 और गांवों का 3000 रुपये किया जाए। गर्मी व सर्दी की छुट्टियां सरकारी स्कूलों के अनुसार की जाए और एस.एन.वी. क्वालिटी के अनुसार केन्द्रों तक पहुंचाई जाए। एसएनपी केन्द्रों में मदर ग्रुप से ही बनवाया जाए। आंगनबाड़ी केन्द्रों में सरकार द्वारा हाजिरी सुनिश्चित की जाए। निजीकरण पर रोक लगे व विभाग की तरक्की के लिए बजट का प्रावधान किया जाए। आंगनबाड़ी हेल्परों की वर्दी का रंग बदला जाए। आईसीडीएम में डिब्बा बंद भोजन और प्रत्यक्ष-सशक्त कैश ट्रांसफर को लागू करने के तुरंत रोक लगाई जाए। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार वर्कर्स को न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। मिनी केन्द्रों का वेतन बराबर हो काम व मानदेय बराबर किया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर के पद का गांव और शहर को समायोजन लागू हो।