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सिरसा में रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम रहा सफल, 179 बसों में से महज 27 बसें चली
Updated Wed, 17 Oct 2018 01:18 AM IST
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सिरसा में रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम रहा सफल, 179 बसों में से महज 27 बसें चली
सिरसा। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के चक्का जाम का जिले में सफल रहा। प्रशासन की सख्ती के कारण यूनियन कर्मचारी मंगलवार अलसुबह डिपो से चलने वाली पहली बस को नहीं रोक पाए। इसी कारण सिरसा से चंडीगढ़ रूट पर चलने वाली पहली बस अपने निर्धारित समय पर कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना हुई। सिरसा डिपो की 139 बसों में से 24 व डबवाली डिपो की 40 बसों में से चार चंडीगढ़ व दिल्ली रुट पर चलाई गई। इसके बाद चालक और परिचालकों द्वारा ड्यूटी पर नहीं आने के कारण 152 बसें कर्मशाला परिसर में सारा दिन खड़ी रही। जिससे डिपो प्रशासन को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
मंगलवार अल सुबह करीब दो बजे पुलिस ने बस स्टेंड की पूरी तरह से घेराबंदी कर ली। सिरसा से चंडीगढ़ जाने वाली बस दो बजकर दस मिनट पर स्टेंड पर पहुंची। करीब 15-20 सवारी बस में सवार हुई। रोडवेज के महा प्रबंधक केआर कौशल ने सवारियों से कहा कि उन्हें किसी बात से डरने की जरूरत नहीं है। जैसे लाहौर जाने वाली बस को सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाती है वैसे ही सुरक्षा दी जाएगी। दो बजकर 20 मिनट पर बस चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई जिसके आगे पीछे पुलिस के वाहन थे। पुलिस कर्मी बस को भावदीन के पास टॉल प्लाजा तक छोड़कर आई। यहां से डिंग पुलिस बस को फतेहाबाद सीमा तक और वहां से फतेहाबाद पुलिस अपनी सुरक्षा में बस को आगे लेकर गई। इस हड़ताल को लेकर पुलिस प्रशासन ने सोमवार रात से तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। कर्मचारी यूनियन को बस स्टेंड के बाहर कोई टेंट तक नहीं लगाने दिया गया। रात को पुलिस ने घेराबंदी की हुई थी। नायब तहसील सिरसा डयूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे जबकि डीएसपी कालांवाली नर सिंह ने सुरक्षा का जिम्मा संभाला हुआ था। इतना ही नहीं पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर ने बस अड्डा पहुंचकर जायजा लिया और निर्देश दिया कि कोई भी कर्मचारी बस रोकने का प्रयास करें तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाए।
335 चालक-परिचालक ड्यूटी से रहे नदारद
हड़ताल को कामयाब करने के लिए सिरसा डिपो में कार्यरत 479 चालक-परिचालकों में से 335 मंगलवार को ड्यूटी से गैर हाजिर रहे। इस कारण ज्यादातर बसें अड्डे से अपने रूटों पर रवाना नहीं हो सकी। 93 चालक व 51 परिचालक ड्यूटी पर मौजूद रहे। सिरसा रोडवेज डिपो में कुछ कर्मचारियों की संख्या 670 है इनमें से 367 कर्मचारी गैर हाजिर रहे। डिपो जीएम केआर कौशल का कहना है कि इन कर्मचारियों को विभाग ने हड़ताल में शामिल माना है। इनके खिलाफ विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
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चार बसों को रास्ते में रोका गया
डबवाली से हरिद्वार वाया सिरसा जाने वाली बस को सुबह खैरेकां के पास कुछ नकाबपोश लोगों ने रुकवाया और सुआ मारकर टायर पंचर कर दिया। सिरसा से चंडीगढ़ पर रवाना हुई एक बस को नरवाना के पास रुकवाया गया। सिरसा से दिल्ली रूट पर रवाना हुई एक बस को हिसार में रुकवा लिया गया। इसी प्रकार सिरसा से हिसार रवाना हुई बस को दरियापुर के पास अज्ञात लोगों ने रुकवाया। पुलिस के आने के बाद उक्त वापस सिरसा आ गई।
यात्रियों की संख्या रही कम
सात बजे तक सिरसा डिपो की 139 में से 24 और डबवाली डिपो की 40 में से तीन बसें लंबे रूटों पर रवाना हुई, लेकिन इनमें सवारियों की संख्या नाम मात्र रही। सात बजे के बाद एक भी सरकारी बस डिपो से बाहर नहीं निकली क्योंकि चालक और परिचालक ड्यूटी पर नहीं आए थे। इसके बाद में प्राइवेट बसों ने मोर्चा संभाला और हर लोकल रुट पर पांच-पांच मिनट बाद प्राइवेट बसें चलनी शुरू हो गई। हिसार, भिवानी, रेवाडी, रोहतक और दिल्ली जाने वाले लोगों ने ट्रेन से यात्रा की जबकि पंजाब और राजस्थान रोडवेज की बसे पहले की भांति चलती रही।। चक्का जाम का पहले से पता होने के कारण मंगलवार को बस अड्डे में यात्रियों की संख्या काफी कम रही। रोजाना बस अड्डे से ही सारी बस यात्रियों से भर जाती है। डिपो प्रशासन का कहना है कि मीडिया के माध्यम से लोगों को चक्का जाम के बारे में पता चल गया था। इसलिए ज्यादातर लोगों ने मंगलवार को अपनी यात्रा टाल दी।
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सिरसा व डबवाली डिपो से 27 बसें चंडीगढ़, दिल्ली व अन्य लंबे रूट पर रवाना की गई। कड़ी सुरक्षा के बीच बसों को रवाना किया गया। चार बसों को रास्ते में रुकवाने की कोशिश हुई। ज्यादातर चालक व परिचालक ड्यूटी पर नहीं आए। इस वजह से सभी 152 बसें अपने रूटों पर नहीं चल पाईं। ड्यूटी पर गैर हाजिर रहने वाले कर्मचारियों की सूची बनाकर विभाग को भेज दी गई है। इनके खिलाफ विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
के आर कौशल, जीएम सिरसा डिपो।
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धारा 144 लगी होने के कारण रोडवेज कर्मचारी एकजुट नहीं हो सके। मंगलवार को हड़ताल सफल पूरी तरह से सफल नहीं। ज्यादातर कर्मचारियों ने ड्यूटी पर न जाकर अपना विरोध दर्ज करवाया। जीएम ने अपने खास आदमियों को बुलाकर 27 बसें रूटों पर भेजी। बुधवार को एक भी बस नहीं चल पाएगी क्योंकि सभी रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो चुके हैं। सरकार ने हड़ताल को नाकाम करने की काफी कोशिश की लेकिन वो कामयाब नहीं हुई।
रणजीत बाजवा, प्रधान रोडवेज कर्मचारी यूनियन सिरसा।
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सिरसा। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के चक्का जाम का जिले में सफल रहा। प्रशासन की सख्ती के कारण यूनियन कर्मचारी मंगलवार अलसुबह डिपो से चलने वाली पहली बस को नहीं रोक पाए। इसी कारण सिरसा से चंडीगढ़ रूट पर चलने वाली पहली बस अपने निर्धारित समय पर कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना हुई। सिरसा डिपो की 139 बसों में से 24 व डबवाली डिपो की 40 बसों में से चार चंडीगढ़ व दिल्ली रुट पर चलाई गई। इसके बाद चालक और परिचालकों द्वारा ड्यूटी पर नहीं आने के कारण 152 बसें कर्मशाला परिसर में सारा दिन खड़ी रही। जिससे डिपो प्रशासन को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
मंगलवार अल सुबह करीब दो बजे पुलिस ने बस स्टेंड की पूरी तरह से घेराबंदी कर ली। सिरसा से चंडीगढ़ जाने वाली बस दो बजकर दस मिनट पर स्टेंड पर पहुंची। करीब 15-20 सवारी बस में सवार हुई। रोडवेज के महा प्रबंधक केआर कौशल ने सवारियों से कहा कि उन्हें किसी बात से डरने की जरूरत नहीं है। जैसे लाहौर जाने वाली बस को सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाती है वैसे ही सुरक्षा दी जाएगी। दो बजकर 20 मिनट पर बस चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई जिसके आगे पीछे पुलिस के वाहन थे। पुलिस कर्मी बस को भावदीन के पास टॉल प्लाजा तक छोड़कर आई। यहां से डिंग पुलिस बस को फतेहाबाद सीमा तक और वहां से फतेहाबाद पुलिस अपनी सुरक्षा में बस को आगे लेकर गई। इस हड़ताल को लेकर पुलिस प्रशासन ने सोमवार रात से तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। कर्मचारी यूनियन को बस स्टेंड के बाहर कोई टेंट तक नहीं लगाने दिया गया। रात को पुलिस ने घेराबंदी की हुई थी। नायब तहसील सिरसा डयूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे जबकि डीएसपी कालांवाली नर सिंह ने सुरक्षा का जिम्मा संभाला हुआ था। इतना ही नहीं पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर ने बस अड्डा पहुंचकर जायजा लिया और निर्देश दिया कि कोई भी कर्मचारी बस रोकने का प्रयास करें तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाए।
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335 चालक-परिचालक ड्यूटी से रहे नदारद
हड़ताल को कामयाब करने के लिए सिरसा डिपो में कार्यरत 479 चालक-परिचालकों में से 335 मंगलवार को ड्यूटी से गैर हाजिर रहे। इस कारण ज्यादातर बसें अड्डे से अपने रूटों पर रवाना नहीं हो सकी। 93 चालक व 51 परिचालक ड्यूटी पर मौजूद रहे। सिरसा रोडवेज डिपो में कुछ कर्मचारियों की संख्या 670 है इनमें से 367 कर्मचारी गैर हाजिर रहे। डिपो जीएम केआर कौशल का कहना है कि इन कर्मचारियों को विभाग ने हड़ताल में शामिल माना है। इनके खिलाफ विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
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चार बसों को रास्ते में रोका गया
डबवाली से हरिद्वार वाया सिरसा जाने वाली बस को सुबह खैरेकां के पास कुछ नकाबपोश लोगों ने रुकवाया और सुआ मारकर टायर पंचर कर दिया। सिरसा से चंडीगढ़ पर रवाना हुई एक बस को नरवाना के पास रुकवाया गया। सिरसा से दिल्ली रूट पर रवाना हुई एक बस को हिसार में रुकवा लिया गया। इसी प्रकार सिरसा से हिसार रवाना हुई बस को दरियापुर के पास अज्ञात लोगों ने रुकवाया। पुलिस के आने के बाद उक्त वापस सिरसा आ गई।
यात्रियों की संख्या रही कम
सात बजे तक सिरसा डिपो की 139 में से 24 और डबवाली डिपो की 40 में से तीन बसें लंबे रूटों पर रवाना हुई, लेकिन इनमें सवारियों की संख्या नाम मात्र रही। सात बजे के बाद एक भी सरकारी बस डिपो से बाहर नहीं निकली क्योंकि चालक और परिचालक ड्यूटी पर नहीं आए थे। इसके बाद में प्राइवेट बसों ने मोर्चा संभाला और हर लोकल रुट पर पांच-पांच मिनट बाद प्राइवेट बसें चलनी शुरू हो गई। हिसार, भिवानी, रेवाडी, रोहतक और दिल्ली जाने वाले लोगों ने ट्रेन से यात्रा की जबकि पंजाब और राजस्थान रोडवेज की बसे पहले की भांति चलती रही।। चक्का जाम का पहले से पता होने के कारण मंगलवार को बस अड्डे में यात्रियों की संख्या काफी कम रही। रोजाना बस अड्डे से ही सारी बस यात्रियों से भर जाती है। डिपो प्रशासन का कहना है कि मीडिया के माध्यम से लोगों को चक्का जाम के बारे में पता चल गया था। इसलिए ज्यादातर लोगों ने मंगलवार को अपनी यात्रा टाल दी।
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सिरसा व डबवाली डिपो से 27 बसें चंडीगढ़, दिल्ली व अन्य लंबे रूट पर रवाना की गई। कड़ी सुरक्षा के बीच बसों को रवाना किया गया। चार बसों को रास्ते में रुकवाने की कोशिश हुई। ज्यादातर चालक व परिचालक ड्यूटी पर नहीं आए। इस वजह से सभी 152 बसें अपने रूटों पर नहीं चल पाईं। ड्यूटी पर गैर हाजिर रहने वाले कर्मचारियों की सूची बनाकर विभाग को भेज दी गई है। इनके खिलाफ विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
के आर कौशल, जीएम सिरसा डिपो।
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धारा 144 लगी होने के कारण रोडवेज कर्मचारी एकजुट नहीं हो सके। मंगलवार को हड़ताल सफल पूरी तरह से सफल नहीं। ज्यादातर कर्मचारियों ने ड्यूटी पर न जाकर अपना विरोध दर्ज करवाया। जीएम ने अपने खास आदमियों को बुलाकर 27 बसें रूटों पर भेजी। बुधवार को एक भी बस नहीं चल पाएगी क्योंकि सभी रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो चुके हैं। सरकार ने हड़ताल को नाकाम करने की काफी कोशिश की लेकिन वो कामयाब नहीं हुई।
रणजीत बाजवा, प्रधान रोडवेज कर्मचारी यूनियन सिरसा।