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पेपर समाप्त होते ही नेशनल हाईवे पर लगी वाहनों की कतारें, शहरवासियों को जाम से होना पड़ा दोचार
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:21 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के दूसरे दिन रविवार को परीक्षा केंद्रों पर तो सुरक्षा सुरक्षा चाक चौबंद रही, लेकिन शाम हो पेपर खत्म होने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी नजर आई। रविवार को सुबह और दोपहर को एचटेट की परीक्षा हुई। सुबह का पेपर दस बजे से लेकर साढे़ 12 बजे तक चला और दोपहर का पेपर दोपहर तीन से साढे़ पांच बजे तक। दिन भर परीक्षा केंद्रों की जांच करने प्रशासनिक अधिकारी और प्लाइंग टीमें आती रहीं। शाम को जैसे ही पेपर खत्म हुआ तो एक दम से हजारों वाहन एक साथ सड़कों पर आए गए, जिससे नेशनल हाईवे काफी देर तक जाम लगा रहा। रेलवे पुल से लेकर बस अड्डा तक वाहनों की कतारें लगी रहीं।
दूसरे दिन की परीक्षा में दिव्यांगों की संख्या काफी ज्यादा रही। इनका पेपर नेशनल कॉलेज परीक्षा केंद्र में हुआ। सीआईडी और पुलिस कर्मचारी मुस्तैदी से केंद्रों पर शाम तक तैनात रहे। इसके अलावा केंद्र के आसपास पुलिस पीसीआर गश्त करती रही। उपपुलिस अधीक्षक विजय कक्कड़ सहित अन्य अधिकारी सुबह से लेकर शाम तक केंद्राें का जायजा लेते रहे। केंद्र के आसपास किसी भी शख्स को कर्मियों ने फटकने नहीं दिया। शाम को शांतिपूर्वक एचटेट की परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। परीक्षा के दूसरे और अंतिम दिन सिरसा जिले में एचटेट की परीक्षा देने के लिए दस हजार 608 परीक्षार्थी विभिन्न जिलों से पहुंचे थे, लेकिन इनमें से सात प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा से गैर हाजिर रहे।
सीडीएलयू में चोटिल परीक्षार्थी की ड्यूटी दे रहे कर्मियों ने की मदद
चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के टैगोर भवन में टोहाना के इंदाछुई से सुरेश कुमार भी लेवल टू की परीक्षा देने आए, लेकिन हादसे में एक पैर में फ्रैक्चर होने की वजह से वे ऊपर चढ़ने में असमर्थ थे। ऐसे में ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों ने प्रथम मंजिल पर स्थित उनके रोल नंबर वाले कमरे तक उन्हें पहुंचाया तथा परीक्षा खत्म होने के बाद उन्हें नीचे भी लेकर आए।
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सुबह वाले से कठिन था
सुबह के सत्र में जो पेपर आया था वो काफी ईजी था। उम्मीद थी कि वैसा ही पेपर दोपहर के सत्र में आएगा, लेकिन हुआ इससे उलट। 50 प्रतिशत कठिन सवाल पेपर में आए। पेपर पास करने में तो कोई दिक्कत नहीं हुई। परीक्षा केंद्र में नकल रही हुई, प्रशासन के प्रबंध सराहनीय रहे।
-कविता, भूना।
मैथ था काफी डिफीकल्ट
पेपर में मैथ का प्रश्न काफी डिफीकल्ट आए थे। परीक्षा को लेकर कड़ी तैयारी की थी, इसी कारण 60 प्रतिशत पेपर ही अच्छा हो पाया। क्लास रूम में थोड़ी-थोड़ी देर में फ्लाइंग जांच करने आती रही। प्रशासन का रूम में स्टिंग प्लान काफी अच्छा लगा।
-सरोज रानी, भूना
एचटेट परीक्षा के दूसरे दिन भी सारी बसे परीक्षार्थियों की भीड़ से खचाखच भरी रहीं। इसके चलते परीक्षार्थियों को थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दोपहर और शाम को जैसे ही पेपर समाप्त हुआ हजारों परीक्षार्थी बस अड्डे के अंदर और बाहर जमा हो गए। बस में खाली सीट मिलने को लेकर परीक्षार्थी जद्दोजहद करते रहे। काफी सारे परीक्षार्थी निजी वाहनों में सवार होकर परीक्षा देने के लिए सिरसा आए थे। हजाराें की संख्या में शहर में आए परीक्षार्थियों के कारण जाम की स्थिति पैदा न हो इसको लेकर यातायात पुलिस ने खास प्रबंध किए। शहर की सभी सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात रहे।
ऑटो चालकों की बल्ले बल्ले
शहर में एचटेट की परीक्षा देने आए हजारों लोगों के कारण ऑटो चालकों की चांदी बनी रही। सुबह और शाम को सभी ऑटो सवारियों से फूल रहे। शहर में परीक्षा के लिए 14 केंद्र बनाए गए थे। इनमें से ज्यादातर में पहुंचने के लिए लोगों ने ऑटो का सहारा लिया। बस अड्डे के पास खडे़ ऑटो चालकाें को सवारियों के लिए आवाज लगाने की नौबत नहीं आई। चंद मिनटों में सारे ऑटो सवारियों से भर गए। दो दिनों तक चली परीक्षा के दौरान सिरसा के ऑटो चालकों की अच्छी कमाई हुई और इसकी खुशी उनके चेहरों पर साफ नजर आई।
नकल रहित रही पूरी परीक्षा
प्रशासन और हरियाणा शिक्षा बोर्ड के लिए एचटेट की परीक्षा को नकल रहित बनाना काफी बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती से निपटने के लिए हर तरह के कदम उठाए गए। परीक्षा केंद्रों के अंदर जैमर लगाने के अलावा परीक्षार्थियों को तीन स्तरीय जांच से गुजारा गया, ताकि पैन और आईकार्ड के अलावा कोई भी चीज परीक्षा केंद्र के अंदर न जा पाए। महिला पुलिस ने महिला परीक्षार्थियों की अच्छी तरह से तलाशी ली और मंगलसूत्र छोड़कर बाकी सभी जेवर केंद्र के बाहर ही उतरवा लिए। सीआईडी ने केंद्रों के अंदर व बाहर पैनी नजर बनाए रखी। इन सभी कदमों के चलते जिले में एचटेट की पूरी परीक्षा को नकल रहित बनाया जा सका।
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सिरसा।
हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के दूसरे दिन रविवार को परीक्षा केंद्रों पर तो सुरक्षा सुरक्षा चाक चौबंद रही, लेकिन शाम हो पेपर खत्म होने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी नजर आई। रविवार को सुबह और दोपहर को एचटेट की परीक्षा हुई। सुबह का पेपर दस बजे से लेकर साढे़ 12 बजे तक चला और दोपहर का पेपर दोपहर तीन से साढे़ पांच बजे तक। दिन भर परीक्षा केंद्रों की जांच करने प्रशासनिक अधिकारी और प्लाइंग टीमें आती रहीं। शाम को जैसे ही पेपर खत्म हुआ तो एक दम से हजारों वाहन एक साथ सड़कों पर आए गए, जिससे नेशनल हाईवे काफी देर तक जाम लगा रहा। रेलवे पुल से लेकर बस अड्डा तक वाहनों की कतारें लगी रहीं।
दूसरे दिन की परीक्षा में दिव्यांगों की संख्या काफी ज्यादा रही। इनका पेपर नेशनल कॉलेज परीक्षा केंद्र में हुआ। सीआईडी और पुलिस कर्मचारी मुस्तैदी से केंद्रों पर शाम तक तैनात रहे। इसके अलावा केंद्र के आसपास पुलिस पीसीआर गश्त करती रही। उपपुलिस अधीक्षक विजय कक्कड़ सहित अन्य अधिकारी सुबह से लेकर शाम तक केंद्राें का जायजा लेते रहे। केंद्र के आसपास किसी भी शख्स को कर्मियों ने फटकने नहीं दिया। शाम को शांतिपूर्वक एचटेट की परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। परीक्षा के दूसरे और अंतिम दिन सिरसा जिले में एचटेट की परीक्षा देने के लिए दस हजार 608 परीक्षार्थी विभिन्न जिलों से पहुंचे थे, लेकिन इनमें से सात प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा से गैर हाजिर रहे।
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सीडीएलयू में चोटिल परीक्षार्थी की ड्यूटी दे रहे कर्मियों ने की मदद
चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के टैगोर भवन में टोहाना के इंदाछुई से सुरेश कुमार भी लेवल टू की परीक्षा देने आए, लेकिन हादसे में एक पैर में फ्रैक्चर होने की वजह से वे ऊपर चढ़ने में असमर्थ थे। ऐसे में ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों ने प्रथम मंजिल पर स्थित उनके रोल नंबर वाले कमरे तक उन्हें पहुंचाया तथा परीक्षा खत्म होने के बाद उन्हें नीचे भी लेकर आए।
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सुबह वाले से कठिन था
सुबह के सत्र में जो पेपर आया था वो काफी ईजी था। उम्मीद थी कि वैसा ही पेपर दोपहर के सत्र में आएगा, लेकिन हुआ इससे उलट। 50 प्रतिशत कठिन सवाल पेपर में आए। पेपर पास करने में तो कोई दिक्कत नहीं हुई। परीक्षा केंद्र में नकल रही हुई, प्रशासन के प्रबंध सराहनीय रहे।
-कविता, भूना।
मैथ था काफी डिफीकल्ट
पेपर में मैथ का प्रश्न काफी डिफीकल्ट आए थे। परीक्षा को लेकर कड़ी तैयारी की थी, इसी कारण 60 प्रतिशत पेपर ही अच्छा हो पाया। क्लास रूम में थोड़ी-थोड़ी देर में फ्लाइंग जांच करने आती रही। प्रशासन का रूम में स्टिंग प्लान काफी अच्छा लगा।
-सरोज रानी, भूना
एचटेट परीक्षा के दूसरे दिन भी सारी बसे परीक्षार्थियों की भीड़ से खचाखच भरी रहीं। इसके चलते परीक्षार्थियों को थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दोपहर और शाम को जैसे ही पेपर समाप्त हुआ हजारों परीक्षार्थी बस अड्डे के अंदर और बाहर जमा हो गए। बस में खाली सीट मिलने को लेकर परीक्षार्थी जद्दोजहद करते रहे। काफी सारे परीक्षार्थी निजी वाहनों में सवार होकर परीक्षा देने के लिए सिरसा आए थे। हजाराें की संख्या में शहर में आए परीक्षार्थियों के कारण जाम की स्थिति पैदा न हो इसको लेकर यातायात पुलिस ने खास प्रबंध किए। शहर की सभी सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात रहे।
ऑटो चालकों की बल्ले बल्ले
शहर में एचटेट की परीक्षा देने आए हजारों लोगों के कारण ऑटो चालकों की चांदी बनी रही। सुबह और शाम को सभी ऑटो सवारियों से फूल रहे। शहर में परीक्षा के लिए 14 केंद्र बनाए गए थे। इनमें से ज्यादातर में पहुंचने के लिए लोगों ने ऑटो का सहारा लिया। बस अड्डे के पास खडे़ ऑटो चालकाें को सवारियों के लिए आवाज लगाने की नौबत नहीं आई। चंद मिनटों में सारे ऑटो सवारियों से भर गए। दो दिनों तक चली परीक्षा के दौरान सिरसा के ऑटो चालकों की अच्छी कमाई हुई और इसकी खुशी उनके चेहरों पर साफ नजर आई।
नकल रहित रही पूरी परीक्षा
प्रशासन और हरियाणा शिक्षा बोर्ड के लिए एचटेट की परीक्षा को नकल रहित बनाना काफी बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती से निपटने के लिए हर तरह के कदम उठाए गए। परीक्षा केंद्रों के अंदर जैमर लगाने के अलावा परीक्षार्थियों को तीन स्तरीय जांच से गुजारा गया, ताकि पैन और आईकार्ड के अलावा कोई भी चीज परीक्षा केंद्र के अंदर न जा पाए। महिला पुलिस ने महिला परीक्षार्थियों की अच्छी तरह से तलाशी ली और मंगलसूत्र छोड़कर बाकी सभी जेवर केंद्र के बाहर ही उतरवा लिए। सीआईडी ने केंद्रों के अंदर व बाहर पैनी नजर बनाए रखी। इन सभी कदमों के चलते जिले में एचटेट की पूरी परीक्षा को नकल रहित बनाया जा सका।