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जनयोजनाओं पर जनता की राय से ही लें फैसले : अंसारी

Thu, 10 Oct 2013 11:46 PM IST
सोनीपत/ब्यूरो
सोनीपत/ब्यूरो Updated Thu, 10 Oct 2013 11:46 PM IST
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seminar in op jindal global university
ओपी जिंदल ग्लोबल विश्वविद्यालय में वीरवार को संघीय ढांचे और स्थानीय निकायों से संबंधित सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
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सम्मेलन की अध्यक्षता सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने की, जबकि प्रदेश के राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा बतौर वशिष्ठ अतिथि पहुंचे।
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मुख्यातिथि उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि नागरिकों से संबंधित महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भूमिका होनी चाहिए। ऐसा न होने पर उग्र राष्ट्रवाद पनपता है और विविधता में एकता की अवधारणा को नुकसान होता है।
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उन्होंने कहा कि संघीय प्रणाली के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में 1988 में सरकारिया आयोग, 2002 में वैंकटचलैया आयोग और 2010 में शक्तियों के विकेंद्रीकरण पर समीक्षा की गई। इस दौरान पंचायतों और नगरपालिकाओं को स्वायत्त शासी बनाने के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति के साथ-साथ और अधिकार देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

 मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हमारा संघीय ढांचा हमारे देश की विविधता को एकता के सूत्र में बांधे रखने के लिए एक आदर्श राजनीतिक व्यवस्था है। हमारी विविधता राष्ट्रीय एकता को मजबूती देती है। हमारे संविधान निर्माताओं ने देश को एकजुट रखने के लिए संघीय ढांचे में केंद्र को महत्वपूर्ण भूमिका दी और राज्यों को विकास के लिए प्रशासन चलाने की स्वतंत्रता दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संघीय ढांचे की व्यवस्थाओं से हरियाणा ने 1966 में राज्य की स्थापना के बाद महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। वर्ष 1966-67 में प्रदेश का बजट केवल 27 करोड़ रुपये था, जो 2013-14 में बढ़कर 26 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

विश्वविद्यालय के चांसलर और सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने शक्तियों के विकेंद्रीकरण और पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाए थे।

सम्मेलन के अध्यक्ष और सांसद मणिशंकर अय्यर ने कहा कि संघीय व्यवस्था का उद्देश्य ही विभिन्न क्षेत्रों के विकास के साथ विभिन्न संस्कृतियों को संरक्षण और उन्नति के अवसर देना है।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर के कुलपति महेंद्र कुमार, रोहतक के आयुक्त चंद्रप्रकाश, आईजी अनिल कुमार, उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर और पुलिस अधीक्षक अरुण नेहरा आदि मौजूद रहे।
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