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नाले में गिरी 60 बच्चों से भरी 30 सीट की बस
नारनौल/ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2013 08:49 PM IST
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शनिवार सुबह बच्चों को लेकर जा रही शंकर पब्लिक सीनियर सेकेेंडरी स्कूल, बसई की एक बस ओवर लोडिंग के कारण छापड़ा की ढाणी के पास जोहड़ के पुराने नाले में जा गिरी।
इस दुर्घटना में बस में सवार करीब 40 बच्चे घायल हो गए। इनमें से तीन बच्चों को गहरी चोट लगने के कारण उन्हें अस्पताल में दाखिल किया गया है, जबकि अन्य बच्चों को मामूली चोटें होने के कारण मरहम पट्टी के बाद छुट्टी दे दी गई।
सूचना मिलने पर नांगल चौधरी थाना प्रभारी संदीप सिंह ने अस्पताल पहुंच कर बच्चों का कुशल क्षेम जाना। अभिभावकों ने पुलिस और प्रशासन से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले स्कूल संचालक और बस चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार शंकर पब्लिक स्कूल, बसई की एक बस शनिवार सुबह करीब नौ बजे गांव बामनवास और छापड़ा की ढाणी से बच्चों को लेकर स्कूल की ओर जा रही थी। 30 सीटर बस में 60 से अधिक बच्चे सवार थे। छापड़ा की ढाणी के जोहड़ के पास तेज रफ्तार और ओवर लोडिंग के कारण बस अनियंत्रित होकर जोहड़ के पुराने नाले में जा गिरी।
इस दुर्घटना में छात्र प्रीतम, राजीव, लोकेश, तिलकराज, अमित (कक्षा छठी), नवीन, तुषार, हरिओम, आशीष, महेंद्र सिंह, नेहा, मोनू, पंकज, संदीप (कक्षा 10वीं), अमित, सुनीता, संदीप (कक्षा 12वीं), सुरेश, हिमांशु, विजय, सपना, अनिता, संतोष, आरती, ममता, अंकित (कक्षा तीसरी), पायल, आरती, जयसिंह, किरण, मनीष, हरिओम (नौवीं), अंकित (छठी), मनोज, राहुल और यश समेत करीब 40 बच्चे घायल गए। दुर्घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायल बच्चों को बस से निकाल कर निजामपुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
जहां चिकित्सकों ने सपना, अनिता और ममता की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें दाखिल कर लिया। अन्य बच्चों को मरहम पट्टी के बाद छुट्टी दे दी गई। अभिभावकों के अनुसार बस में बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। ओवर लोडिंग के कारण यह हादसा हुआ है।
अभिभावकों ने बताया कि इससे पहले भी ओवर लोडिंग के कारण इसी स्कूल की बस का टायर फटा था। अभिभावकों ने पुलिस और प्रशासन से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले स्कूल संचालक और बस चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है।
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इस दुर्घटना में बस में सवार करीब 40 बच्चे घायल हो गए। इनमें से तीन बच्चों को गहरी चोट लगने के कारण उन्हें अस्पताल में दाखिल किया गया है, जबकि अन्य बच्चों को मामूली चोटें होने के कारण मरहम पट्टी के बाद छुट्टी दे दी गई।
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सूचना मिलने पर नांगल चौधरी थाना प्रभारी संदीप सिंह ने अस्पताल पहुंच कर बच्चों का कुशल क्षेम जाना। अभिभावकों ने पुलिस और प्रशासन से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले स्कूल संचालक और बस चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार शंकर पब्लिक स्कूल, बसई की एक बस शनिवार सुबह करीब नौ बजे गांव बामनवास और छापड़ा की ढाणी से बच्चों को लेकर स्कूल की ओर जा रही थी। 30 सीटर बस में 60 से अधिक बच्चे सवार थे। छापड़ा की ढाणी के जोहड़ के पास तेज रफ्तार और ओवर लोडिंग के कारण बस अनियंत्रित होकर जोहड़ के पुराने नाले में जा गिरी।
इस दुर्घटना में छात्र प्रीतम, राजीव, लोकेश, तिलकराज, अमित (कक्षा छठी), नवीन, तुषार, हरिओम, आशीष, महेंद्र सिंह, नेहा, मोनू, पंकज, संदीप (कक्षा 10वीं), अमित, सुनीता, संदीप (कक्षा 12वीं), सुरेश, हिमांशु, विजय, सपना, अनिता, संतोष, आरती, ममता, अंकित (कक्षा तीसरी), पायल, आरती, जयसिंह, किरण, मनीष, हरिओम (नौवीं), अंकित (छठी), मनोज, राहुल और यश समेत करीब 40 बच्चे घायल गए। दुर्घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायल बच्चों को बस से निकाल कर निजामपुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
जहां चिकित्सकों ने सपना, अनिता और ममता की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें दाखिल कर लिया। अन्य बच्चों को मरहम पट्टी के बाद छुट्टी दे दी गई। अभिभावकों के अनुसार बस में बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। ओवर लोडिंग के कारण यह हादसा हुआ है।
अभिभावकों ने बताया कि इससे पहले भी ओवर लोडिंग के कारण इसी स्कूल की बस का टायर फटा था। अभिभावकों ने पुलिस और प्रशासन से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले स्कूल संचालक और बस चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है।