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समझौता ब्लास्ट केसः जानिए अब तक का पूरा मामला

Sat, 25 Jan 2014 10:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Sat, 25 Jan 2014 10:29 AM IST
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Samjhauta Blast Case
बहुचर्चित समझौता एक्सप्रेस ट्रेन ब्लास्ट के मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान व राजेंद्र चौधरी पर पंचकूला की विशेष एनआईए अदालत में विभिन्न धाराओं में आरोप तय हो गए हैं। चारों आरोपी अंबाला जेल में बंद हैं। एक अन्य आरोपी सुनील जोशी की पहले ही हत्या हो चुकी है।
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सबसे पहले फरवरी 2011 को सबसे पहले स्वामी असीमानंद, फिर लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने राम कलसांगरे, संदीप ढांगी व आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी को भी आरोपी बनाया गया था। संदीप ढांगी व राम जी कलसांगरे भगोड़ा घोषित हो चुके हैं।
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क्या है मामला
18 फरवरी 2007 को पानीपत में दीवाना के नजदीक समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में ब्लास्ट हुआ था। इस ब्लास्ट से दो बोगियों में आग लगी थी, जिसमें 68 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों यात्री घायल हो गए थे।
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यह ट्रेन दिल्ली से पाकिस्तान (लाहौर) तक चलती थी। मरने वालों में ज्यादा यात्री मुस्लिम थे। पहले रेलवे पुलिस और हरियाणा पुलिस ने मामले की जांच की, लेकिन 26 जुलाई 2010 को जांच की जिम्मेदारी नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) को मिल गई।

आरोप लश्कर ए तैयबा, सिमी सहित कई संगठनों पर लगते रहे, लेकिन बाद मे हिंदू संगठनों का नाम आने लगा। 20 जून 2011 को एनआईए ने चार्जशीट दाखिल की थी।

इसमें आरोपियों में स्वामी असीमानंद, मृतक सुनील जोशी, लोकेश शर्मा, संदीप ढांगी और रामजी कलसांगरे शामिल थे। इसके बाद 9 अगस्त 2012 को सप्लीमेंटरी चार्जशीट दायर की गई थी, जिसमें कमल चौहान उर्फ भाई साहब, राजेंद्र चौधरी को आरोपी बनाया गया था।  

सबसे पहले गिरफ्तार हुए थे स्वामी असीमानंद
इस मामले में सबसे पहले फरवरी 2011 में स्वामी असीमानंद की गिरफ्तारी हुई थी। उसके बाद लोकेश शर्मा, फिर कमल चौहान और उसके बाद राजेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया गया था।

एनआईए ने उक्त के अलावा राम कलसांगरे, संदीप ढांगी व आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी को भी आरोपी बनाया गया था। जोशी की मौत हो चुकी है, जबकि संदीप ढांगी व राम जी कलसांगरे भगोड़ा घोषित हो चुके हैं।

आरोपियों की प्रोफाइल
1. स्वामी असीमानंद
असली नाम- नाभा कुमार सरकार
पेशा- गुजरात के ढांग स्थित वनवासी कल्याण आश्रम के संचालक
गिरफ्तार-19 नवंबर 2010 को सीबीआई ने हरिद्वार से मक्का मदीना ब्लास्ट के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में 24 दिसंबर 2010 को एनआईए के हवाले किया गया।
2. लोकेश शर्मा
पेशा- आरएसएस कार्यकर्ता, सुनील जोशी के बेहद करीबी।
गिरफ्तार- 17 जून 2010 को अजमेर ब्लास्ट के आरोप में गिरफ्तार। समझौता ट्रेन में भी बम प्लांट करने का आरोप।
3. कमल चौहान
पेशा- आरएसएस कार्यकर्ता
गिरफ्तार- 12 फरवरी 2012 को गिरफ्तार, ट्रेन में बम रखने का आरोप। मीडिया के सामने कबूलनामा।
4. राजेंद्र चौधरी उर्फ पहलवान
पेशा- रेसलिंग और आरएसएस कार्यकर्ता। गाजियाबाद में एक प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1996 में सम्मानित किया था। समझौता ब्लास्ट के बाद मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा में नौकरी की तैयारी भी की।

गिरफ्तार- 15 दिसंबर 2012 को गिरफ्तार हुआ।

आरोप और धाराएं
आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 307(हत्या का प्रयास), 324(शारीरिक चोट पहुंचाना), 326 (खतरनाक हथियारों से नुकसान पहुंचाना), 124ए (राजद्रोह), 438(ज्वलनशील पदार्थ से नष्ट करने के लिए सजा) व 440 (हत्या या नुकसान पहुंचाने की तैयारी के बाद वारदात को अंजाम देना) के अलावा रेलवे एक्ट की धारा 150 (ट्रेन को मलबा करने का प्रयास), 151 (रेलवे प्रॉपर्टी को नष्ट करना), 152 (रेल में सफर कर रहे यात्रियों की सुरक्षा में सेंध) व एक्सप्लोसिव सबस्टानसेज एक्ट 1980 की धारा 3, 4, 6 के साथ प्रीवेंशन ऑफ डैमेज ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट 1984 की धारा 3 (पब्लिक प्रापर्टी को नुकसान पहुंचाना), 4 (आग या अन्य ज्वलनशील वस्तु से नुकसान पहुंचाना) और अन लॉ फुल एक्टिविटी एक्ट के धारा 13, 15, 16, 17, 18, 19 और 23 के तहत आरोप तय किए गए हैं।
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