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Rohtak News: 42 साल पहले बने जर्जर भवन में युवतियां ले रहीं सिलाई, कढ़ाई व कंप्यूटर का प्रशिक्षण

Fri, 06 Feb 2026 04:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Fri, 06 Feb 2026 04:09 AM IST
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Young women are receiving sewing, embroidery, and computer training in a dilapidated building built 42 years ago.
03-बाल भवन में जर्जर बरामदों के पास बैठीं युवतियां। संवाद
रोहित राठौर
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रोहतक। बाल कल्याण विभाग के जर्जर भवन में युवाओं को स्वरोजगार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां युवतियां सिलाई, कढ़ाई और कंप्यूटर का प्रशिक्षण लेकर भविष्य के लिए सपने बुन रही हैं। 42 साल पहले बने इस भवन की छत और दीवारों से प्लास्टर नीचे गिर रहा है। कई बार तो छात्राएं चोटिल होते-होते बची हैं।
पुलिस लाइन स्थित जिला बाल कल्याण परिषद का भवन 1984 में बना था। तब से लेकर आज तक इसकी मरम्मत तक नहीं हो पाई है। बरामदों व कमरों की हालत देखकर तो ऐसा लगता है, जैसे ये खंडहर भवन का हिस्सा हैं। टीम ने वीरवार को पड़ताल की तो यहां छात्राएं जर्जर बरामदों के नीचे सिलाई, कढ़ाई का प्रशिक्षण ले रही थीं जबकि कुछ छात्राएं कमरों में बैठकर अभ्यास कर रही थीं।
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मुख्य गेट के बरामदे की स्थिति हो और भी खराब मिली। यहां काफी हिस्से का प्लास्टर गिरा हुआ है। कमरों में अंधेरा पसरा था। मुख्य गेट के पास लगे फायर सेफ्टी सिलिंडर भी धूल और मकड़ी के जाल से ग्रस्त दिखे। संवाद
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दीवारों में आ चुकी है सीलन
यहीं पर लगे शिशु भवन में नन्हे बच्चों को पढ़ाया जाता था लेकिन अब इसे किचन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
यहां दीवारों में सीलन आ चुकी है। इधर, दो साल पहले बनाए गए ट्रेनिंग कक्ष के रूप में तैयार किए हॉल में अभी तक दरवाजे-खिड़कियां ही नहीं लगे हैं।
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30 युवा ले रहे हैं प्रशिक्षण
जिला बाल कल्याण अधिकारी सोमदत्त खुंडिया का कहना कि पुराने भवन भवन में करीब 30 युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं। कमरों में प्रैक्टिकल कम जबकि बाहर बैठाकर थ्योरी कराई जा रही है। सीएम घोषणा के लिए करीब तीन करोड़ की लागत से बनने वाले नए भवन का प्रस्ताव एक साल पहले भेजा गया था। इसका अभी तक कोई अता-पता नहीं है। वहीं, अधूरे पड़े ट्रेनिंग कक्ष के निर्माण के लिए जिला प्रशासन से 25 लाख रुपये से सुधार कार्य कराने की मांग की है।

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बाल भवन में नए दाखिले नहीं किए जा रहे हैं। पुराने भवन के लिए मुख्यालय में प्रस्ताव भेजा गया है। पहले से अधूरे पड़े प्रशिक्षण कक्ष के दरवाजे व खिड़कियों समेत अन्य कार्य के लिए जिला प्रशासन को भी प्रस्ताव भेजा गया है।
- सोमदत्त खुंडिया, जिला बाल कल्याण अधिकारी

03-बाल भवन में जर्जर बरामदों के पास बैठीं युवतियां। संवाद

03-बाल भवन में जर्जर बरामदों के पास बैठीं युवतियां। संवाद

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