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Rohtak News: प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिए यज्ञ एकमात्र उपाय
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दुर्गा भवन मंदिर में 11 कुंडीय यज्ञ करते यजमान। स्रोत : आयोजक
प्रदूषण के कारण हवा सांस लेने लायक भी नहीं रही। भारत के वातावरण को हमें सांस लेने लायक बनाना है तो यज्ञ ही एकमात्र उपाय है। यज्ञ ही विश्व में कोरोना को दोबारा आने से रोक सकता है।
यह विज्ञान भी प्रमाणित कर चुका है कि गाय के घी व औषधियों सहित एक घंटा यज्ञ किया जाए तो आसपास की 100 यार्ड भूमि का वातावरण एक महीने तक संक्रमण मुक्त किया जा सकता है। यह कहना है त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्रीश्री 1008 हरिओम महाराज का। वे वीरवार को 78 संघ परिवार की ओर से दुर्गा भवन मंदिर में आयोजित 11 कुंडीय यज्ञ के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पूर्व रोहतक पहुंचने पर जागृति यात्रा का पुष्पवर्षा व शंखनाद के साथ जोरदार स्वागत किया गया।
उन्होंने कहा कि देश कि बढ़ती जनसंख्या आने वाले भविष्य की सबसे बड़़ी समस्या होगी। इसलिए एक देश एक कानून लागू करना होगा। हिंदू हो या मुसलमान सभी पर एक नियम लागू करने की आवश्यकता है। यही देश व समाज हित में है। यज्ञ सनातन में सर्वश्रेष्ठ कर्म है। प्रकृति के मूल स्वरूप की रक्षा व प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिए यज्ञ एकमात्र उपाय है, इसलिए इसका प्रचार प्रसार जरूरी है। इसी कड़ी में 18 से 27 मार्च तक कुरुक्षेत्र के केशव (थीम) पार्क में नौ दिवसीय 1008 कुंडीय शिव-शक्ति महायज्ञ आयोजित होगा। इसका निमंत्रण देने जागृति यात्रा के तहत रोहतक आया हूं।
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यह विज्ञान भी प्रमाणित कर चुका है कि गाय के घी व औषधियों सहित एक घंटा यज्ञ किया जाए तो आसपास की 100 यार्ड भूमि का वातावरण एक महीने तक संक्रमण मुक्त किया जा सकता है। यह कहना है त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्रीश्री 1008 हरिओम महाराज का। वे वीरवार को 78 संघ परिवार की ओर से दुर्गा भवन मंदिर में आयोजित 11 कुंडीय यज्ञ के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पूर्व रोहतक पहुंचने पर जागृति यात्रा का पुष्पवर्षा व शंखनाद के साथ जोरदार स्वागत किया गया।
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उन्होंने कहा कि देश कि बढ़ती जनसंख्या आने वाले भविष्य की सबसे बड़़ी समस्या होगी। इसलिए एक देश एक कानून लागू करना होगा। हिंदू हो या मुसलमान सभी पर एक नियम लागू करने की आवश्यकता है। यही देश व समाज हित में है। यज्ञ सनातन में सर्वश्रेष्ठ कर्म है। प्रकृति के मूल स्वरूप की रक्षा व प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिए यज्ञ एकमात्र उपाय है, इसलिए इसका प्रचार प्रसार जरूरी है। इसी कड़ी में 18 से 27 मार्च तक कुरुक्षेत्र के केशव (थीम) पार्क में नौ दिवसीय 1008 कुंडीय शिव-शक्ति महायज्ञ आयोजित होगा। इसका निमंत्रण देने जागृति यात्रा के तहत रोहतक आया हूं।
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