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Rohtak News: एक साल से उपलब्धि और अभ्यास से दूर रही पहलवान खेलेगी चैंपियनशिप, गोल्ड मेडलिस्ट बाहर
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पहलवान अंतिम पंघाल।
रोहतक।
एशियन चैंपियनशिप में बगैर ट्रायल पहलवानों के चयन को लेकर नया विवाद उभरने लगा है। जूनियर वर्ग की विश्व चैंपियनशिप 2022 की देश की पहली स्वर्ण पदक विजेता 53 किलोग्राम भार वर्ग की पहलवान अंतिम पंघाल इस मामले में खुलकर सामने आ गई है।
वायरल वीडियो में एशियन चैंपियनशिप में विनेश का नाम भेजे जाने पर सवाल उठाते हुए इस खिलाड़ी ने साफ कहा है कि चैंपियनशिप में भेजी रही पहलवान की पिछले एक साल में कोई उपलब्धि नहीं है। यही नहीं, अभ्यास तक से दूर रही यह पहलवान सीधे चैंपियनशिप में खेल कर पदक लाएगी, यह पक्का नहीं है।
हमारी इतने वर्षों की मेहनत बेकार चली जाएगी...
पहलवान अंतिम पंघाल ने कहा कि जूूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर देश की पहली महिला विश्व चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। इसी वर्ष हुई सीनियर वर्ग की एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। मेरा अपने खेल को बेहतर बनाने के साथ देश को पदक दिलाने का प्रयास जारी है। इसके लिए लगातार कड़ी मेहनत कर रही हूं। विनेश के साथ मेरी बाउट पहले हो चुकी है। उस समय 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। काॅमनवेल्थ खेलों के लिए हुए ट्रायल में हमारे बीच कड़ा मुकाबला हुआ था। यहां धोखे से मुझे हरा दिया गया। इसके बावजूद मेरा प्रयास एशियन चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन के जरिए ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का रहा। अपना सपना पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत भी कर रही हूं। अब जब मौका आया हो तो विनेश का नाम बगैर ट्रायल चुन लिया गया। उसे चैंपियनशिप में भेजा जा रहा है। यह गलत है। एशियन चैंपियनशिप में जाने वाला या विश्व चैंपियनशिप में पदक लाने वाला ही ओलंपिक में जाएगा। ऐसे में हमारी इतने वर्षों की मेहनत बेकार चली जाएगी। इस परिस्थिति में क्या हम पहलवानी छोड दें। हमें बताया जाए, आखिर क्या वजह है या ऐसा क्या है विनेश में जो उसे भेजा रहा है। उसे किस आधार या किस उपलब्धि पर चैंपियनशिप में भेजा जा रहा है। ट्रायल लो। इसमें मैं ही नहीं, दूसरी महिला पहलवान भी शामिल होंगी। इनमें विनेश को हराने वाली भी आएंगी। बगैर ट्रायल ये पहलवान चैंपियनशिप में चले तो जाएंगे, मगर क्या पदक आ जाएगा। यह बताने वाला कोई नहीं है।
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कुश्ती संघ एक बार फिर सवालों के कटघरे में
इधर, अंतिम के अलावा अन्य पहलवानों ने भी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए खिलाड़ियों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की है। सोशल मीडिया पर योगेश्वर दत्त के बाद कई और पहलवानों ने सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई है। ऐसे में कुश्ती संघ एक बार फिर सवालों के कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है।
बॉक्सर पहले ही जा चुके हैं हाई कोर्ट
पहलवानों के मामले से पहले बाक्सिंग खिलाड़ियों का विवाद सामने आ चुका है। बॉक्सर न्याय के लिए पहले ही हाई कोर्ट में गुहार लगा चुके हैं। डॉ. जयपाल, बॉक्सर अमित पंघाल, सागर व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने नोटिस किया है। इसके तहत भारतीय ओलंपिक संघ, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, साई से सात दिन में जवाब तलब किया गया है।
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एशियन चैंपियनशिप में बगैर ट्रायल पहलवानों के चयन को लेकर नया विवाद उभरने लगा है। जूनियर वर्ग की विश्व चैंपियनशिप 2022 की देश की पहली स्वर्ण पदक विजेता 53 किलोग्राम भार वर्ग की पहलवान अंतिम पंघाल इस मामले में खुलकर सामने आ गई है।
वायरल वीडियो में एशियन चैंपियनशिप में विनेश का नाम भेजे जाने पर सवाल उठाते हुए इस खिलाड़ी ने साफ कहा है कि चैंपियनशिप में भेजी रही पहलवान की पिछले एक साल में कोई उपलब्धि नहीं है। यही नहीं, अभ्यास तक से दूर रही यह पहलवान सीधे चैंपियनशिप में खेल कर पदक लाएगी, यह पक्का नहीं है।
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हमारी इतने वर्षों की मेहनत बेकार चली जाएगी...
पहलवान अंतिम पंघाल ने कहा कि जूूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर देश की पहली महिला विश्व चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। इसी वर्ष हुई सीनियर वर्ग की एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। मेरा अपने खेल को बेहतर बनाने के साथ देश को पदक दिलाने का प्रयास जारी है। इसके लिए लगातार कड़ी मेहनत कर रही हूं। विनेश के साथ मेरी बाउट पहले हो चुकी है। उस समय 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। काॅमनवेल्थ खेलों के लिए हुए ट्रायल में हमारे बीच कड़ा मुकाबला हुआ था। यहां धोखे से मुझे हरा दिया गया। इसके बावजूद मेरा प्रयास एशियन चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन के जरिए ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का रहा। अपना सपना पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत भी कर रही हूं। अब जब मौका आया हो तो विनेश का नाम बगैर ट्रायल चुन लिया गया। उसे चैंपियनशिप में भेजा जा रहा है। यह गलत है। एशियन चैंपियनशिप में जाने वाला या विश्व चैंपियनशिप में पदक लाने वाला ही ओलंपिक में जाएगा। ऐसे में हमारी इतने वर्षों की मेहनत बेकार चली जाएगी। इस परिस्थिति में क्या हम पहलवानी छोड दें। हमें बताया जाए, आखिर क्या वजह है या ऐसा क्या है विनेश में जो उसे भेजा रहा है। उसे किस आधार या किस उपलब्धि पर चैंपियनशिप में भेजा जा रहा है। ट्रायल लो। इसमें मैं ही नहीं, दूसरी महिला पहलवान भी शामिल होंगी। इनमें विनेश को हराने वाली भी आएंगी। बगैर ट्रायल ये पहलवान चैंपियनशिप में चले तो जाएंगे, मगर क्या पदक आ जाएगा। यह बताने वाला कोई नहीं है।
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कुश्ती संघ एक बार फिर सवालों के कटघरे में
इधर, अंतिम के अलावा अन्य पहलवानों ने भी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए खिलाड़ियों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की है। सोशल मीडिया पर योगेश्वर दत्त के बाद कई और पहलवानों ने सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई है। ऐसे में कुश्ती संघ एक बार फिर सवालों के कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है।
बॉक्सर पहले ही जा चुके हैं हाई कोर्ट
पहलवानों के मामले से पहले बाक्सिंग खिलाड़ियों का विवाद सामने आ चुका है। बॉक्सर न्याय के लिए पहले ही हाई कोर्ट में गुहार लगा चुके हैं। डॉ. जयपाल, बॉक्सर अमित पंघाल, सागर व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने नोटिस किया है। इसके तहत भारतीय ओलंपिक संघ, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, साई से सात दिन में जवाब तलब किया गया है।

पहलवान अंतिम पंघाल।