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गोवंश संरक्षण की मिसाल है पहरावर गांव

Thu, 23 Jul 2020 01:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 01:45 AM IST
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village pehrawar
पहरावर गांव में बनी गऊशाला । संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RohtakCity
रोहतक। रोहतक शहर से सटे गांव पहरावर में सरकारी और निजी दो गोशालाएं हैं, जो गोवंश के संरक्षण के लिए जानी जाती हैं। यह गांव 614 साल पहले बसाया गया था। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि पहराज नाम के आदमी ने गौड़ बंगाल से यहां आकर गांव बसाया।
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रोहतक दिल्ली रेल मार्ग पर रोहतक से निकलते ही अगला स्टेशन अस्थल बोहर है। स्टेशन से बाहर निकलते ही गांव पहरावर नजर आ जाता है। पिछले परसीमन में यह गांव नगर निगम की सीमा में आ गया। यहां के पार्षद राहुल देशवाल हैं। पार्षद ने बताया कि 24 सौ एकड़ भूमि वाले इस गांव की आबादी करीब पांच हजार है। ब्राह्मण बाहुल्य इस गांव में सभी प्रमुख बिरादरी के लोग भाईचारे के साथ रहते हैं। गांव निवासी 90 वर्षीय शीशराम के अनुसार, यहां दादी सती का मंदिर धार्मिक आस्था का प्रतीक है। गांव में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले लोग दादी सती के मंदिर में जाकर माथा टेकते हैं। गांव में आने वाली नई बहू हो, चाहे शादी करने जा रहा दूल्हा हो या फिर किसी के यहां संतान का जन्म हो, सबसे पहले दादी सती के मंदिर में जाना होता है। इतना ही नहीं फसल कटने के बाद उसका पकवान बनाकर दादी सती का भोग लगाने की भी परंपरा है। मान्यता है कि पांच सौ साल पहले देवी ने अपने तपोबल के बूते भूमि में समाधि ले ली थी। दादी सती के मंदिर में हर वर्ष भादौ मास के कृष्ण पक्ष में दशमी को बहुत बड़ा मेला लगता है।
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सात हजार से अधिक गोवंश का हो रहा संरक्षण
नगर निगम गोशाला के प्रधान राजेश टिन्नू लूंबा बताते हैं कि उनके गौ सदन में तीन हजार से अधिक गोवंश हैं। इसी तरह दूसरी गोशाला अखिल भारतीय गोशाला पहरावर में गोवंश की संख्या को मिलाकर यहां 7000 से अधिक गाय और बछड़ों का पालन पोषण हो रहा है।
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हर किसी के सुख दुख में सभी होते हैं शामिल
नगर निगम की सीमा में आने से पहले गांव के पूर्व सरपंच ऋषि प्रकाश और जय भगवान शर्मा बताते हैं कि गांव में कभी कोई लड़ाई झगड़ा नहीं होता सभी मिलजुल कर रहते हैं और एक दूसरे के सुख दुख में शामिल होते हैं। उन लोगों की कोशिश यही होती है कि यदि कोई बात है भी तो गांव में ही निपटा ली जाए। गांव के लोग कोर्ट कचहरी के चक्कर में पड़ने से बचते हैं। इस तरह की है गांव अपने आप में एक मिसाल है।
फैक्ट फाइल
आबादी - लगभग 05 हजार
मतदाता। - लगभग 950
मुख्य व्यवसाय - कृषि
घरों की संख्या - 978
शैक्षिक संस्थान
सीनियर सेकेंडरी स्कूल।
प्राइमरी स्कूल।
पशु चिकित्सालय।
आंगनबाड़ी केंद्र
स्वास्थ्य केंद्र
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