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नुकसान की भरपाई के लिए नगर निगम दुकानों की कलेक्टर फीस में करेगा संशोधन

Wed, 17 Nov 2021 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 17 Nov 2021 01:06 AM IST
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To compensate for the loss, the Municipal Corporation will amend the collector fees of the shops
नगर निगम अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए अब पावर हाउस चौक पर विस्थापितों के लिए बनाई गईं दुकानों की कलेक्टर फीस (सर्किल रेट) में संशोधन करने जा रहा है। वर्तमान में भूतल की दुकानों के लिए 2.50 लाख और प्रथम तल के लिए दो लाख रुपये प्रति वर्ग गज से ज्यादा का भुगतान करना होगा। फ्रंट की दुकान के लिए 29,500 रुपये प्रतिगज के हिसाब से अतिरिक्त देना होगा। निगम के अधिकारी नए कलेक्टर रेट का आकलन करने में जुट गए हैं और जल्द संशोधित कीमत घोषित होगी।
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साल 2018 में प्रदेश सरकार के सहयोग से रेलवे ने एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य शुरू किया था। इसके जद में आई गांधी कैंप की 56 दुकानों और चिन्योट कॉलोनी के कुछ मकानों को ध्वस्त किया गया था। इसका प्रभावितों ने विरोध किया था। जिस पर उन्हें दुकान देने और चिन्योट कॉलोनी स्थित पीजीआई की जमीन पर मकान मालिकों को बसाने का भरोसा दिया गया था। निगम अब दुकानदारों को पावर हाउस चौक पर बिजली निगम की जमीन पर बनाई दुकानें अलॉट करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने जा रहा है। दुकानदारों को विस्थापित करने के लिए नगर निगम ने बिजली निगम से जमीन लेकर करीब 9 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इसके बाद ग्राउंड फ्लोर पर 57 व प्रथम तल पर 57 दुकानें बनाईं गईं।। इन दुकानों के निर्माण पर अभी तक दो करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इधर, निगम विस्थापितों को पावर हाउस चौक पर दुकानें आवंटन करने से पहले कलेक्टर फीस संशोधित करने की तैयारी में हैं ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके। दुकानों की कीमत में संशोधन करने के लिए निगम अधिकारी सारा खर्च जोड़ने और घटाने में लगे हैं।
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भुगतान एक से 1.20 लाख रुपये प्रति वर्ग गज का
नगर निगम की ओर से जो दुकानें तोड़ी गईं थी, उनका भुगतान एक से 1.20 लाख रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से करेगा। इसके बाद दुकान आवंटन से पहले संशोधित कलेक्टर रेट से भुगतान लेगा।
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नगर निगम ऐसे करेगा अपने नुकसान का निर्धारण
नगर निगम तोड़ी गई दुकान के भुगतान, जमीन अधिग्रहण और निर्माण पर हुए खर्च का आकलन करेगा। इसके बाद कलेक्टर रेट से संभावित आय की गणना के बाद नुकसान का पता चलेगा। घाटे को जोड़कर नया कलेक्टर रेट तय किया जाएगा। निगम अधिकारी का कहना है कि नुकसान की भरपाई करने के लिए कलेक्टर रेट संशोधित करना होगा।
मकान मालिकों को मिलेगी 100-100 वर्ग गज जमीन
नगर निगम विस्थापित मकान मालिकों को पीजीआई की चिन्योट कॉलोनी में 100-100 वर्ग गज जमीन देगा। इसके लिए निगम पीजीआई से 9700 वर्ग गज जमीन देने की मांग कर रहा है। पीजीआई का कहना है कि वह पार्क की भी रजिस्ट्री करेगा जबकि निगम ने इनकार कर दिया है।
नुकसान की भरपाई के लिए नगर निगम वर्तमान कलेक्टर रेट संशोधित करेगा। इसके बाद दुकानदारों की रजिस्ट्री कर दी जाएगी। इसमें सामने की 15 दुकानें हैं, जिन्हें लेने के लिए 29500 रुपये प्रति वर्गगज के हिसाब से अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

- सुरेश कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
एलिवेटेट रेलवे ट्रैक के विस्थापित दुकानदारों को जल्द पावर हाउस चौक पर दुकानों का आवंटन किया जाएगा। मकान स्वामियों को 100-100 वर्गगज जमीन चिन्योट कॉलोनी में देंगे। पीजीआई प्रशासन से जल्द ही वार्ता कर जमीन ली जाएगी।
- डॉ. नरहरि बांगड़, नगर आयुक्त
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