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छात्राओं के साथ यौन हिंसा मामले में हो निष्पक्ष जांच : समिति
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रोहतक। जनवादी महिला समिति ने कैथल में छात्राओं के साथ यौन हिंसा मामले की कड़ी निंदा की है। समिति ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने व आरोपी प्राचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
महिला समिति की राज्य अध्यक्ष सविता, महासचिव उषा सरोहा व जिला सचिव ने जारी बयान में कहा कि प्राचार्य ने कई छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरियाणा में एक के बाद एक कई मामले उजागर हो रहे हैं। पिछले दिनों उचाना के सरकारी स्कूल में प्राचार्य ने छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न के घृणित मामले ने हिलाकर रख दिया था। वहीं हांसी आईटीआई में प्राचार्य ने छात्राओं के साथ असभ्य व्यवहार व फतेहाबाद के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली दो बहनों के आत्महत्या के मामले ने शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की स्थिति को सामने ला दिया है। इन मामलों ने शिक्षण संस्थानों में यौन हिंसा विरोधी कमेटियों व पॉक्सो एक्ट के प्रावधान के क्रियान्वयन के संबंध में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाली भाजपा सरकार जमीनी स्तर पर शिक्षण संस्थानों में शिकायत पेटियां तक उपलब्ध नहीं करा रही है। शिक्षण संस्थानों में यौन शोषण विरोधी कमेटियां या तो गठित ही नहीं हैं और हैं तो कार्य नहीं कर रही हैं। महिला समिति मांग करती है कि इन घटनाओं की सभी पहलुओं से निष्पक्ष और उचित जांच कराई जाए। प्रत्येक स्कूल में यौन शोषण विरोधी कमेटियों का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो।
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महिला समिति की राज्य अध्यक्ष सविता, महासचिव उषा सरोहा व जिला सचिव ने जारी बयान में कहा कि प्राचार्य ने कई छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरियाणा में एक के बाद एक कई मामले उजागर हो रहे हैं। पिछले दिनों उचाना के सरकारी स्कूल में प्राचार्य ने छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न के घृणित मामले ने हिलाकर रख दिया था। वहीं हांसी आईटीआई में प्राचार्य ने छात्राओं के साथ असभ्य व्यवहार व फतेहाबाद के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली दो बहनों के आत्महत्या के मामले ने शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की स्थिति को सामने ला दिया है। इन मामलों ने शिक्षण संस्थानों में यौन हिंसा विरोधी कमेटियों व पॉक्सो एक्ट के प्रावधान के क्रियान्वयन के संबंध में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाली भाजपा सरकार जमीनी स्तर पर शिक्षण संस्थानों में शिकायत पेटियां तक उपलब्ध नहीं करा रही है। शिक्षण संस्थानों में यौन शोषण विरोधी कमेटियां या तो गठित ही नहीं हैं और हैं तो कार्य नहीं कर रही हैं। महिला समिति मांग करती है कि इन घटनाओं की सभी पहलुओं से निष्पक्ष और उचित जांच कराई जाए। प्रत्येक स्कूल में यौन शोषण विरोधी कमेटियों का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो।
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