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Rohtak News: मैपिंग के दौरान रिश्तेदारों की भरी गई डिटेल भी नहीं दिखा रहा एसआईआर
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13-रोहतक में एसआईआर फॉर्म वितरण का कार्य करता बीएलओ। संवाद
रोहतक। चुनाव आयोग की ओर से पहले ही कराई जा चुकी मैपिंग के दौरान रिश्तेदारों की भरी गई डिटेल भी एसआईआर में ऑनलाइन नहीं दिखाई दे रही है। इससे बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को अब एसआईआर के फॉर्म के लिए वही जानकारी दोबारा जुटानी और दोहरानी पड़ रही है।
जिला प्रशासन व चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के लिए एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) करवाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से 21 जून को एसआईआर फाॅर्म वितरण की डेडलाइन रखी गई थी लेकिन बीएलओ को इस कार्य को पूरा करने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। चाहे मतदाता के घर तक पहुंचने की बात हो या ऑनलाइन डेटा अपलोड करने की बात।
बीएलओ जोगिंद्र बताते हैं कि मैपिंग में एड प्रोजेनी के दौरान रिश्तेदारों के साथ, उनकी वोटर आईडी सहित अनेक जानकारी 2002 के रिकॉर्ड के अनुसार भरी गई थी। अब एसआईआर में घर-घर जाकर वही जानकारी लेने में मशक्कत करनी पड़ रही है जबकि यह एसआईआर के पोर्टल पर ऑनलाइन ही उपलब्ध हो जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में इससे मतदाता भी परेशान हैं क्योंकि मायके से मतदाता सूची की रिकॉर्ड लाने और मंगाने में काफी परेशानी समय लग रहा है।
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उन्होंने कहा कि यदि जानकारी ऑनलाइन हो जाए तो बीएलओ को भी सहूलियत होगी और मतदाता भी बार-बार परेशान नहीं होगा। हालांकि, 2002 की जानकारी को आयोग की वेबसाइट भी देख सकते हैं लेकिन इसे ढूंढने में अधिक समय लग रहा या कोई सक्षम नहीं है। संवाद
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वर्जन
यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का कार्य निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक पूरा किया जाए। सभी पात्र नागरिक अपने मताधिकार के प्रति जागरूक रहें व मतदाता सूची में अपनी प्रविष्टि की जांच अवश्य करें ताकि आगामी चुनाव में वे बिना किसी परेशानी के मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सकें।
- सचिन गुप्ता, उपायुक्त
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बीएलओ एसआईआर में जुटे हुए हैं। उनके सामने वास्तव में समस्या आ रही है लेकिन अधिकारियों की ओर से बीएलओ और शिक्षकों पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे वे तनाव में हैं। इसको लेकर जल्द बैठक की जाएगी और डीसी व एसडीएम से मुलाकात की जाएगी।
- राजीव दलाल, जिला प्रधान, हरियाणा स्कूल लेक्चर एसोसिएशन
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केस-1
वार्ड-3 में एक मतदाता की आईडी के पते पर कई कॉलोनियों के नाम
वार्ड-3 के बीएलओ बताते हैं कि एसआईआर फाॅर्म वितरण के दौरान देखने में आया है कि एक ही मतदाता की आईडी के पते पर अनेक कॉलोनियों और स्थानों के नाम हैं। किसी मतदाता आईडी में सलारा मोहल्ला, बाबरा मोहल्ला व डेयरी मोहल्ले तक लिखे हुए हैं। ऐसे में किस कॉलोनी में मतदाता को ढूंढें और कब तक सभी कॉलोनियों में चक्कर लगाएं, यह समस्या बनी हुई है। कहा कि ऐसे 300 से अधिक केस हैं।
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केस : 2
बीएलओ काम के बंटवारे से परेशान
बीएलओ सुनील कुमार बताते हैं कि एसआईआर का सही बंटवारा नहीं किया गया है। किसी बीएलओ को 600 मतदाता आवंटित किया गए हैं तो किसी को 1300-1400 मतदाता दिए गए हैं। ऐसे में बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) न होने से फाॅर्म वितरण में अधिक समय लग रहा है।
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जिला प्रशासन व चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के लिए एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) करवाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से 21 जून को एसआईआर फाॅर्म वितरण की डेडलाइन रखी गई थी लेकिन बीएलओ को इस कार्य को पूरा करने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। चाहे मतदाता के घर तक पहुंचने की बात हो या ऑनलाइन डेटा अपलोड करने की बात।
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बीएलओ जोगिंद्र बताते हैं कि मैपिंग में एड प्रोजेनी के दौरान रिश्तेदारों के साथ, उनकी वोटर आईडी सहित अनेक जानकारी 2002 के रिकॉर्ड के अनुसार भरी गई थी। अब एसआईआर में घर-घर जाकर वही जानकारी लेने में मशक्कत करनी पड़ रही है जबकि यह एसआईआर के पोर्टल पर ऑनलाइन ही उपलब्ध हो जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में इससे मतदाता भी परेशान हैं क्योंकि मायके से मतदाता सूची की रिकॉर्ड लाने और मंगाने में काफी परेशानी समय लग रहा है।
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उन्होंने कहा कि यदि जानकारी ऑनलाइन हो जाए तो बीएलओ को भी सहूलियत होगी और मतदाता भी बार-बार परेशान नहीं होगा। हालांकि, 2002 की जानकारी को आयोग की वेबसाइट भी देख सकते हैं लेकिन इसे ढूंढने में अधिक समय लग रहा या कोई सक्षम नहीं है। संवाद
वर्जन
यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का कार्य निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक पूरा किया जाए। सभी पात्र नागरिक अपने मताधिकार के प्रति जागरूक रहें व मतदाता सूची में अपनी प्रविष्टि की जांच अवश्य करें ताकि आगामी चुनाव में वे बिना किसी परेशानी के मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सकें।
- सचिन गुप्ता, उपायुक्त
बीएलओ एसआईआर में जुटे हुए हैं। उनके सामने वास्तव में समस्या आ रही है लेकिन अधिकारियों की ओर से बीएलओ और शिक्षकों पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे वे तनाव में हैं। इसको लेकर जल्द बैठक की जाएगी और डीसी व एसडीएम से मुलाकात की जाएगी।
- राजीव दलाल, जिला प्रधान, हरियाणा स्कूल लेक्चर एसोसिएशन
केस-1
वार्ड-3 में एक मतदाता की आईडी के पते पर कई कॉलोनियों के नाम
वार्ड-3 के बीएलओ बताते हैं कि एसआईआर फाॅर्म वितरण के दौरान देखने में आया है कि एक ही मतदाता की आईडी के पते पर अनेक कॉलोनियों और स्थानों के नाम हैं। किसी मतदाता आईडी में सलारा मोहल्ला, बाबरा मोहल्ला व डेयरी मोहल्ले तक लिखे हुए हैं। ऐसे में किस कॉलोनी में मतदाता को ढूंढें और कब तक सभी कॉलोनियों में चक्कर लगाएं, यह समस्या बनी हुई है। कहा कि ऐसे 300 से अधिक केस हैं।
केस : 2
बीएलओ काम के बंटवारे से परेशान
बीएलओ सुनील कुमार बताते हैं कि एसआईआर का सही बंटवारा नहीं किया गया है। किसी बीएलओ को 600 मतदाता आवंटित किया गए हैं तो किसी को 1300-1400 मतदाता दिए गए हैं। ऐसे में बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) न होने से फाॅर्म वितरण में अधिक समय लग रहा है।