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Rohtak News: बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठे शिवालय
Tue, 05 Aug 2025 02:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 05 Aug 2025 02:49 AM IST
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वैश्य कॉलेज रोड स्थित शिव मंदिर में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाते श्रद्
रोहतक। सावन के चौथे सोमवार को जिलेभर के शिवालयों में सुबह से लेकर रात तक भक्तों की भीड़ लगी रही। इसी के चलते बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयघोष से शिवालय गूंजते रहे। सुबह से शाम तक भक्तों ने महादेव का जलाभिषेक किया और फल, फूल, गंगाजल, बेलपत्र, दूध, दही, पुष्प चढ़ाकर पूजा-आर्चना की। रात को महादेव की भव्य आरती की गई।
वैश्य कॉलेज रोड शिव मंदिर, माता दरवाजा स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर, गोकर्ण डेरे, भिवानी स्टैंड दुर्गा भवन मंदिर व सोनीपत रोड स्थित हनुमान मंदिर सहित जिलेभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे।
गोकर्ण डेरे में 108 कमल से की भगवान शिव की पूजा
गोकर्ण डेरे में सावन के आखिरी सोमवार को 108 कमल के पुष्पों से भगवान शिव की पूजा9अर्चना की गई। बाबा कपिलपुरी ने बताया कि भगवान शिव पर कमल का फूल चढ़ाने से भगवान शिव के संग भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी और शिव-पार्वती खुशी होते हैं। पूजा आध्यात्मिक विकास और ज्ञान के लिए की जाती है। कमल का फूल पवित्रता व ज्ञान का प्रतीक है, इसीलिए सावन के आखिरी सोमवार को 108 कमल के पुष्पों से भगवान शंकर की पूजा की गई।
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बाबा बालकपुरी डेरे में किया अभिषेक
बाबा बालक पुरी डेरे में भगवान शिव का अभिषेक किया गया। आसपास से श्रद्धालुओं ने पहुंचकर शिव का अभिषेक कर प्रार्थना की। शाम को भव्य आरती की गई। आरती में श्रद्धालु शामिल हुए।
संकट मोचन हनुमान मंदिर में हुआ जलाभिषेक
रोहतक। माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को शिवलिंग पर भोलेनाथ का जलाभिषेक व रुद्राभिषेक किया गया। साध्वी मानेश्वरी देवी ने शिव पुराण कथा ओम नम: शिवाय और हर-हर महादेव का जयघोष किया। कहा कि मनुष्य को दो कारणों से मानव शरीर की प्राप्ति होती है या तो हम भगवान भोलेनाथ के हो जाएं और या फिर भगवान भोलेनाथ हमारे हो जाएं।
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वैश्य कॉलेज रोड शिव मंदिर, माता दरवाजा स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर, गोकर्ण डेरे, भिवानी स्टैंड दुर्गा भवन मंदिर व सोनीपत रोड स्थित हनुमान मंदिर सहित जिलेभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे।
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गोकर्ण डेरे में 108 कमल से की भगवान शिव की पूजा
गोकर्ण डेरे में सावन के आखिरी सोमवार को 108 कमल के पुष्पों से भगवान शिव की पूजा9अर्चना की गई। बाबा कपिलपुरी ने बताया कि भगवान शिव पर कमल का फूल चढ़ाने से भगवान शिव के संग भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी और शिव-पार्वती खुशी होते हैं। पूजा आध्यात्मिक विकास और ज्ञान के लिए की जाती है। कमल का फूल पवित्रता व ज्ञान का प्रतीक है, इसीलिए सावन के आखिरी सोमवार को 108 कमल के पुष्पों से भगवान शंकर की पूजा की गई।
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बाबा बालकपुरी डेरे में किया अभिषेक
बाबा बालक पुरी डेरे में भगवान शिव का अभिषेक किया गया। आसपास से श्रद्धालुओं ने पहुंचकर शिव का अभिषेक कर प्रार्थना की। शाम को भव्य आरती की गई। आरती में श्रद्धालु शामिल हुए।
संकट मोचन हनुमान मंदिर में हुआ जलाभिषेक
रोहतक। माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को शिवलिंग पर भोलेनाथ का जलाभिषेक व रुद्राभिषेक किया गया। साध्वी मानेश्वरी देवी ने शिव पुराण कथा ओम नम: शिवाय और हर-हर महादेव का जयघोष किया। कहा कि मनुष्य को दो कारणों से मानव शरीर की प्राप्ति होती है या तो हम भगवान भोलेनाथ के हो जाएं और या फिर भगवान भोलेनाथ हमारे हो जाएं।

वैश्य कॉलेज रोड स्थित शिव मंदिर में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाते श्रद्

वैश्य कॉलेज रोड स्थित शिव मंदिर में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाते श्रद्

वैश्य कॉलेज रोड स्थित शिव मंदिर में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाते श्रद्