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संडे थियेटर में चला श्यामकली का जादू, कलाकारों ने दर्शकों को गुदगुदाया
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संडे थियेटर में चला श्यामकली का जादू नाटक, जिसमें कलाकारों ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया।
सप्तक रंग मंडल, पठानिया वर्ल्ड कैंपस, सोसर्ग व इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में संडे थियेटर में हास्य नाटक श्यामकली का जादू चला। यामिनी गोयल के निर्देशन में नाट्य कांडी थियेटर ग्रुप दिल्ली के कलाकारों ने प्रस्तुति से दर्शकों को गुदगुदाया। प्रदीप कुमार की इस नाट्य-रचना को मंच पर उतारते हुए कलाकारों ने वर्तमान दौर के हालात पर व्यंग्य किए।
नाटक में दो बेरोजगार युवक श्याम और विजय 9 महीने से अपने मकान का किराया नहीं दे पाते हैं। विजय मकान मालिक की लड़की रितु से प्यार करता है, लेकिन उसका प्रस्ताव नहीं रख पाता है। विजय कहता है कि वह रितु से प्यार का इजहार करके किराया माफ करा देगा। बशर्ते श्याम लड़की बनकर उससे बात करने का अभ्यास करा दे। उसके कहने पर श्याम लड़की के कपड़े पहन लेता है, लेकिन उसी समय मकान मालिक किराया लेने आ जाता है। विजय बताता है कि वह उसकी चाची श्यामकली है और कुछ दिन रहने आई है। ठरकी मकान मालिक लड़की बने श्याम पर मोहित हो जाता है और उससे प्रेम करने पर किराया माफ करने का लालच देता है। उससे पीछा छुड़ाने की जद्दोजहद में आखिरकार श्यामकली, यानी श्याम का भेद खुल जाता है। इस बीच बेहद हास्यास्पद परिस्थितियां बनती हैं।
मंच पर दिनेश शर्मा, रितिक सेठ, राहुल मनहोत्रा, नीरज तिवारी, जीत सिंह और दीपक वर्मा ने जीवंत अभिनय किया। नाटक में संगीत मनीष ने दिया। प्रकाश संयोजन कुष्णा सोनी, मेकअप आशुतोष आनंद ने किया। आशीष वत्स ने प्रोडक्शन हेड, भरत मावी ने बैक स्टेज हेड व निशा, शकीमा, युवराज व अमरजीत ने अन्य जिम्मेदारियां निभाईं।
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मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त डीसीपी महिंदर लूथरा रहे। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट रमेश खुराना रहे। इन्होंने स्मृतिचिह्न देकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया। सप्तक के अध्यक्ष विश्वदीपक त्रिखा ने कलाकारों को सराहा। रमेश खुराना ने संडे थियेटर के लिए हर मदद देने का आश्वासन दिया। जनार्दन शर्मा व वीडी त्रिखा ने मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि को स्मृतिचिह्न प्रदान किया।
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नाटक में दो बेरोजगार युवक श्याम और विजय 9 महीने से अपने मकान का किराया नहीं दे पाते हैं। विजय मकान मालिक की लड़की रितु से प्यार करता है, लेकिन उसका प्रस्ताव नहीं रख पाता है। विजय कहता है कि वह रितु से प्यार का इजहार करके किराया माफ करा देगा। बशर्ते श्याम लड़की बनकर उससे बात करने का अभ्यास करा दे। उसके कहने पर श्याम लड़की के कपड़े पहन लेता है, लेकिन उसी समय मकान मालिक किराया लेने आ जाता है। विजय बताता है कि वह उसकी चाची श्यामकली है और कुछ दिन रहने आई है। ठरकी मकान मालिक लड़की बने श्याम पर मोहित हो जाता है और उससे प्रेम करने पर किराया माफ करने का लालच देता है। उससे पीछा छुड़ाने की जद्दोजहद में आखिरकार श्यामकली, यानी श्याम का भेद खुल जाता है। इस बीच बेहद हास्यास्पद परिस्थितियां बनती हैं।
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मंच पर दिनेश शर्मा, रितिक सेठ, राहुल मनहोत्रा, नीरज तिवारी, जीत सिंह और दीपक वर्मा ने जीवंत अभिनय किया। नाटक में संगीत मनीष ने दिया। प्रकाश संयोजन कुष्णा सोनी, मेकअप आशुतोष आनंद ने किया। आशीष वत्स ने प्रोडक्शन हेड, भरत मावी ने बैक स्टेज हेड व निशा, शकीमा, युवराज व अमरजीत ने अन्य जिम्मेदारियां निभाईं।
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मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त डीसीपी महिंदर लूथरा रहे। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट रमेश खुराना रहे। इन्होंने स्मृतिचिह्न देकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया। सप्तक के अध्यक्ष विश्वदीपक त्रिखा ने कलाकारों को सराहा। रमेश खुराना ने संडे थियेटर के लिए हर मदद देने का आश्वासन दिया। जनार्दन शर्मा व वीडी त्रिखा ने मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि को स्मृतिचिह्न प्रदान किया।