{"_id":"5dfd1fd88ebc3e87eb43ceb3","slug":"the-driver-of-the-car-is-fastening-on-the-trucks-rohtak-news-rtk5333535120","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रकों पर कार का फास्टैग लगा घूम रहे चालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रकों पर कार का फास्टैग लगा घूम रहे चालक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुछ बड़े वाहन चालकों ने ज्यादा जुर्माने से बचने के लिए छोटे वाहनों के फास्टैग लगवा लिए। यह खुलासा टोल की कुल आमदनी में फर्क आने पर सामने आया। टोल के सीजीएम (चीफ जनरल मैनेजर) ने बताया कि ऐसे वाहन चालकों ने चतुराई से एनएचएआई को चपत लगाने की कोशिश की, जो अब उन पर ही भारी पड़ रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के तहत ऐसे करीब 20 वाहन चालकों के फास्टैग 15 दिन के लिए ब्लॉक कर दिए गए हैं।
मकड़ौली टोल प्लाजा सीजीएम कर्नल शेखावत ने बताया कि मकड़ौली टोल प्लाजा पर अब तक ऐसे 20 मामले सामने आ चुके हैं। जिन पर कार का फास्टैग ट्रक पर लगा मिला। हैवी वाहनों और लाइट वाहनों में टैक्स में काफी फर्क होता है। आरोप है कि कई वाहन चालकों ने प्राइवेट एजेंसियों के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर ऐसे फास्टैग बनवा लिए हैं। मामला सामने आने पर प्राइवेट एजेंसियों के कर्मचारियों को भी सख्त हिदायत दे दी गई है। अगर जांच में कोई कर्मचारी ऐसा करता मिला तो उस पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वाहनों के हिसाब से आमदनी जोड़ते हुए सामने आया मामला :
सीजीएम कर्नल शेखावत ने बताया कि ऑडिट के समय हैवी वाहन और लाइट वाहनों के टैक्स का भी मिलान होता है। छोटे टोल प्लाजा पर यह आसानी से हो जाता है। इसी हिसाब से यह हेराफेरी का खेल सामने आया है। मकड़ौली टोल पर इस प्रकार की हेराफेरी का पता लगने पर सभी टोल प्लाजा पर यह मैसेज भेज दिया गया है। कई अन्य टोल पर भी इस प्रकार की शिकायतें सामने आईं हैं। जीटी बेल्ट में हैवी वाहनों का आवागमन अधिक रहता है। जिस कारण वहां इस प्रकार की गड़बड़ियां ज्यादा सामने आई है। वहां रोजाना दर्जनों ऐसे केस सामने आ रहे हैं। एनएचएआई अधिकारियों ने इन पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
पकड़े जाने पर वाहन चालक को फास्टैग बनवाने के लिए 5 हजार तक देना पड़ सकता है जुर्माना
हेराफेरी पकड़ी जाने पर वाहन चालक के फास्टैग को 15 दिन का समय देकर ब्लैक लिस्ट कर ब्लॉक कर दिया जाता है। जिस कारण उसे कैश लाइन में से ही गुजरना पड़ता है। ऐसे चालक को दोबारा फास्टैग बनवाना पड़ता है। इसके लिए उसको कागजों की पूरी वेरिफिकेशन करवानी पड़ती है, हेराफेरी का जुर्माना भी भुगतना पड़ता है, जो पांच हजार रुपये तक हो सकता है।
डैश बोर्ड या जेब में है फास्टैग तो भी कटेगा टैक्स
देश भर से ऐसे केस सामने आ रहे हैं, जब जेब में फास्टैग है और टैक्स कट जाता है। इस बारे में सीजीएम कर्नल शेखावत ने कहा कि यह चिप सिस्टम पर बेस्ड प्रोजेक्ट है। टोल पर आते ही उनका टैक्स कट जाता है। फास्टैग जेब के लिए नहीं बल्कि गाड़ी के लिए बनाए गए हैं।
एनएचएआई कर्मचारियों ने लघु सचिवालय के पास बनाए 115 कार्ड
एनएचएआई कर्मचारियों ने अब शहर में आकर भी फास्टैग बनाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को रोहतक सचिवालय के सामने मोबाइल वैन खड़ी कर फास्टैग के लिए पंजीकरण किया गया। सीजीएम कर्नल शेखावत ने बताया कि मकड़ौली टोल पर आईसीआईसीआई का ऑफिस बनाया गया है। कर्मचारी शहर से वाहन चालकों के कागजात इकट्ठा कर रात की शिफ्ट में फास्टैग बना रहे हैं। यह कदम कर्मचारी वर्ग के लिए उठाया गया है।
विज्ञापन
मकड़ौली टोल प्लाजा सीजीएम कर्नल शेखावत ने बताया कि मकड़ौली टोल प्लाजा पर अब तक ऐसे 20 मामले सामने आ चुके हैं। जिन पर कार का फास्टैग ट्रक पर लगा मिला। हैवी वाहनों और लाइट वाहनों में टैक्स में काफी फर्क होता है। आरोप है कि कई वाहन चालकों ने प्राइवेट एजेंसियों के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर ऐसे फास्टैग बनवा लिए हैं। मामला सामने आने पर प्राइवेट एजेंसियों के कर्मचारियों को भी सख्त हिदायत दे दी गई है। अगर जांच में कोई कर्मचारी ऐसा करता मिला तो उस पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
वाहनों के हिसाब से आमदनी जोड़ते हुए सामने आया मामला :
सीजीएम कर्नल शेखावत ने बताया कि ऑडिट के समय हैवी वाहन और लाइट वाहनों के टैक्स का भी मिलान होता है। छोटे टोल प्लाजा पर यह आसानी से हो जाता है। इसी हिसाब से यह हेराफेरी का खेल सामने आया है। मकड़ौली टोल पर इस प्रकार की हेराफेरी का पता लगने पर सभी टोल प्लाजा पर यह मैसेज भेज दिया गया है। कई अन्य टोल पर भी इस प्रकार की शिकायतें सामने आईं हैं। जीटी बेल्ट में हैवी वाहनों का आवागमन अधिक रहता है। जिस कारण वहां इस प्रकार की गड़बड़ियां ज्यादा सामने आई है। वहां रोजाना दर्जनों ऐसे केस सामने आ रहे हैं। एनएचएआई अधिकारियों ने इन पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
पकड़े जाने पर वाहन चालक को फास्टैग बनवाने के लिए 5 हजार तक देना पड़ सकता है जुर्माना
हेराफेरी पकड़ी जाने पर वाहन चालक के फास्टैग को 15 दिन का समय देकर ब्लैक लिस्ट कर ब्लॉक कर दिया जाता है। जिस कारण उसे कैश लाइन में से ही गुजरना पड़ता है। ऐसे चालक को दोबारा फास्टैग बनवाना पड़ता है। इसके लिए उसको कागजों की पूरी वेरिफिकेशन करवानी पड़ती है, हेराफेरी का जुर्माना भी भुगतना पड़ता है, जो पांच हजार रुपये तक हो सकता है।
डैश बोर्ड या जेब में है फास्टैग तो भी कटेगा टैक्स
देश भर से ऐसे केस सामने आ रहे हैं, जब जेब में फास्टैग है और टैक्स कट जाता है। इस बारे में सीजीएम कर्नल शेखावत ने कहा कि यह चिप सिस्टम पर बेस्ड प्रोजेक्ट है। टोल पर आते ही उनका टैक्स कट जाता है। फास्टैग जेब के लिए नहीं बल्कि गाड़ी के लिए बनाए गए हैं।
एनएचएआई कर्मचारियों ने लघु सचिवालय के पास बनाए 115 कार्ड
एनएचएआई कर्मचारियों ने अब शहर में आकर भी फास्टैग बनाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को रोहतक सचिवालय के सामने मोबाइल वैन खड़ी कर फास्टैग के लिए पंजीकरण किया गया। सीजीएम कर्नल शेखावत ने बताया कि मकड़ौली टोल पर आईसीआईसीआई का ऑफिस बनाया गया है। कर्मचारी शहर से वाहन चालकों के कागजात इकट्ठा कर रात की शिफ्ट में फास्टैग बना रहे हैं। यह कदम कर्मचारी वर्ग के लिए उठाया गया है।