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Rohtak News: छह माह से थी वारदात की तैयारी, राजस्थान में हुई थी माफिया से दोस्ती
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रोहतक। आरोपी प्रदीप डागर छह माह से सत्यवान हत्याकांड की तैयारी कर रहा था। पूछताछ में आरोपी मंजीत उर्फ माफिया ने इसका खुलासा किया है। वीरवार को पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया जहां से न्यायिक हिरासत के चलते जेल भेज दिया गया। अब आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार आरोपी मनीष भाली आनंदपुर को पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेगी।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी भिवानी जिले के गांव भापड़ौदा निवासी मंजीत उर्फ माफिया ने बताया कि वह राजस्थान अपने दोस्त से मिलने गया था। वहां पर उसकी दोस्ती दिल्ली के झाड़ौदा निवासी प्रदीप डागर से हुई। प्रदीप भी किसी से मिलने आया हुआ था।
उसने बताया कि उसके मामा खेड़ी साध निवासी धर्मेंद्र की 2018 में गांव के ही प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान ने गोली मारकर हत्या कर दी। सत्यवान को जिला अदालत ने उसकी गवाही पर उम्रकैद की सजा सुनाई थी लेकिन सत्यवान ने हाईकोर्ट में अपील की।
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अब जमानत पर बाहर आ गया है। उससे मामा धर्मेंद्र की हत्या का बदला लेना है। तभी से प्रदीप हत्याकांड को अंजाम देने की फिराक में था।
बाक्स
करीबी दोस्त थे धर्मेंद्र, सत्यवान और प्रदीप
जांच में यह भी पता चला है कि धर्मेंद्र व प्रदीप चाहे मामा-भांजा थे लेकिन उनकी उम्र में ज्यादा अंतर नहीं था। दोनों दोस्त की तरह रहते थे। सत्यवान की उम्र 10 साल ज्यादा थी। फिर भी तीनों की अच्छी दोस्ती थी। धर्मेंद्र के खिलाफ सत्यवान की पत्नी ने अभद्रता की एफआईआर दर्ज करवा दी थी। 2018 में नए साल के जश्न के दौरान धर्मेंद्र, प्रदीप व अन्य सत्यवान के घर के बाहर से गुजर रहे थे। एफआईआर को लेकर सत्यवान व धर्मेंद्र की कहासुनी हो गई। सत्यवान ने लाइसेंसी रिवाॅल्वर से धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। उसी रंजिश के चलते सत्यवान की हत्या हुई है।
वर्जन
आरोपी भिवानी के गांव भापड़ौदा निवासी मंजीत उर्फ माफिया को दो दिन के रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत के चलते जेल भेजा गया है। मनीष भाली आनंदपुर को प्रोडक्शन वारंट पर सत्यवान हत्याकांड में लिया जाएगा। आरोपी आर्म्स एक्ट के केस में न्यायिक हिरासत में है। -एसआई सुखबीर, जांच अधिकारी थाना आईएमटी
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पुलिस की पूछताछ में आरोपी भिवानी जिले के गांव भापड़ौदा निवासी मंजीत उर्फ माफिया ने बताया कि वह राजस्थान अपने दोस्त से मिलने गया था। वहां पर उसकी दोस्ती दिल्ली के झाड़ौदा निवासी प्रदीप डागर से हुई। प्रदीप भी किसी से मिलने आया हुआ था।
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उसने बताया कि उसके मामा खेड़ी साध निवासी धर्मेंद्र की 2018 में गांव के ही प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान ने गोली मारकर हत्या कर दी। सत्यवान को जिला अदालत ने उसकी गवाही पर उम्रकैद की सजा सुनाई थी लेकिन सत्यवान ने हाईकोर्ट में अपील की।
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अब जमानत पर बाहर आ गया है। उससे मामा धर्मेंद्र की हत्या का बदला लेना है। तभी से प्रदीप हत्याकांड को अंजाम देने की फिराक में था।
बाक्स
करीबी दोस्त थे धर्मेंद्र, सत्यवान और प्रदीप
जांच में यह भी पता चला है कि धर्मेंद्र व प्रदीप चाहे मामा-भांजा थे लेकिन उनकी उम्र में ज्यादा अंतर नहीं था। दोनों दोस्त की तरह रहते थे। सत्यवान की उम्र 10 साल ज्यादा थी। फिर भी तीनों की अच्छी दोस्ती थी। धर्मेंद्र के खिलाफ सत्यवान की पत्नी ने अभद्रता की एफआईआर दर्ज करवा दी थी। 2018 में नए साल के जश्न के दौरान धर्मेंद्र, प्रदीप व अन्य सत्यवान के घर के बाहर से गुजर रहे थे। एफआईआर को लेकर सत्यवान व धर्मेंद्र की कहासुनी हो गई। सत्यवान ने लाइसेंसी रिवाॅल्वर से धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। उसी रंजिश के चलते सत्यवान की हत्या हुई है।
वर्जन
आरोपी भिवानी के गांव भापड़ौदा निवासी मंजीत उर्फ माफिया को दो दिन के रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत के चलते जेल भेजा गया है। मनीष भाली आनंदपुर को प्रोडक्शन वारंट पर सत्यवान हत्याकांड में लिया जाएगा। आरोपी आर्म्स एक्ट के केस में न्यायिक हिरासत में है। -एसआई सुखबीर, जांच अधिकारी थाना आईएमटी