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Rohtak News: वारंटी में खराब एसी ठीक न करने पर कंपनी को 37 हजार देने का आदेश
Thu, 11 Jun 2026 08:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 11 Jun 2026 08:25 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के चेयरमैन नगेंद्र सिंह कादियान की कोर्ट ने मंगलवार को वारंटी अवधि के दौरान खराब हुए एसी की समय पर मरम्मत न करने पर लॉयड कंपनी को उपभोक्ता को 27 हजार रुपये ब्याज सहित लौटाने और 10 हजार रुपये अतिरिक्त मुआवजा व मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया है।
शिकायतकर्ता सेक्टर-3 निवासी सुमित ने आयोग को बताया कि उसने 17 मार्च 2021 को 36 हजार रुपये में लॉयड कंपनी का एसी खरीदा था। कंपनी की ओर से पांच साल की वारंटी दी गई थी। करीब ढाई वर्ष तक एसी सही ढंग से चला।
अक्तूबर 2023 में उसमें खराबी आ गई। शिकायतकर्ता ने कंपनी और विक्रेता से संपर्क किया तो तकनीशियन ने एसी की जांच की लेकिन वह खराबी को ठीक नहीं कर पाया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसने मार्च और अप्रैल 2024 के दौरान कई बार फोन और संदेश भेजकर शिकायत दर्ज कराई लेकिन एसी ठीक नहीं किया गया। इससे वह लंबे समय तक एसी का उपयोग नहीं कर सका।
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वहीं, कंपनी की ओर से दलील दी कि जांच के दौरान एसी की आउटडोर यूनिट की पीसीबी खराब मिली थी जिसे बदलना आवश्यक था। संबंधित मॉडल पुराना होने के कारण आवश्यक स्पेयर पार्ट उस समय उपलब्ध नहीं था। उसके लिए ऑर्डर दिया गया था।
कंपनी ने यह भी दावा किया कि तकनीशियन ने अस्थायी समाधान के रूप में ओडीयू यूनिट बदलने का प्रस्ताव दिया था जिसे उपभोक्ता ने अस्वीकार कर दिया। आयोग ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पाया कि शिकायतकर्ता ने बार-बार शिकायतें की थी लेकिन कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि उसने यूनिट बदलने का प्रस्ताव वास्तव में उपभोक्ता को दिया था।
आयोग ने कहा कि स्पेयर पार्ट का समान न मिलने के कारण एसी लंबे समय तक ठीक नहीं हो सका। उपभोक्ता उत्पाद के उपयोग से वंचित रहा। यह कंपनी की ओर से सेवा में कमी है।
30 दिन के भीतर करना होगा भुगतान
आयोग ने निर्माता कंपनी को एसी की कीमत में 25 प्रतिशत कटौती के बाद 27 हजार रुपये 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने को आदेश दिया। साथ ही सेवा में कमी के लिए 5 हजार रुपये मुआवजा और 5 हजार रुपये मुकदमा खर्च देने का भी आदेश दिया हैं। आदेश का पालन 30 दिन के भीतर करना होगा।
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रोहतक। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के चेयरमैन नगेंद्र सिंह कादियान की कोर्ट ने मंगलवार को वारंटी अवधि के दौरान खराब हुए एसी की समय पर मरम्मत न करने पर लॉयड कंपनी को उपभोक्ता को 27 हजार रुपये ब्याज सहित लौटाने और 10 हजार रुपये अतिरिक्त मुआवजा व मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया है।
शिकायतकर्ता सेक्टर-3 निवासी सुमित ने आयोग को बताया कि उसने 17 मार्च 2021 को 36 हजार रुपये में लॉयड कंपनी का एसी खरीदा था। कंपनी की ओर से पांच साल की वारंटी दी गई थी। करीब ढाई वर्ष तक एसी सही ढंग से चला।
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अक्तूबर 2023 में उसमें खराबी आ गई। शिकायतकर्ता ने कंपनी और विक्रेता से संपर्क किया तो तकनीशियन ने एसी की जांच की लेकिन वह खराबी को ठीक नहीं कर पाया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसने मार्च और अप्रैल 2024 के दौरान कई बार फोन और संदेश भेजकर शिकायत दर्ज कराई लेकिन एसी ठीक नहीं किया गया। इससे वह लंबे समय तक एसी का उपयोग नहीं कर सका।
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वहीं, कंपनी की ओर से दलील दी कि जांच के दौरान एसी की आउटडोर यूनिट की पीसीबी खराब मिली थी जिसे बदलना आवश्यक था। संबंधित मॉडल पुराना होने के कारण आवश्यक स्पेयर पार्ट उस समय उपलब्ध नहीं था। उसके लिए ऑर्डर दिया गया था।
कंपनी ने यह भी दावा किया कि तकनीशियन ने अस्थायी समाधान के रूप में ओडीयू यूनिट बदलने का प्रस्ताव दिया था जिसे उपभोक्ता ने अस्वीकार कर दिया। आयोग ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पाया कि शिकायतकर्ता ने बार-बार शिकायतें की थी लेकिन कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि उसने यूनिट बदलने का प्रस्ताव वास्तव में उपभोक्ता को दिया था।
आयोग ने कहा कि स्पेयर पार्ट का समान न मिलने के कारण एसी लंबे समय तक ठीक नहीं हो सका। उपभोक्ता उत्पाद के उपयोग से वंचित रहा। यह कंपनी की ओर से सेवा में कमी है।
30 दिन के भीतर करना होगा भुगतान
आयोग ने निर्माता कंपनी को एसी की कीमत में 25 प्रतिशत कटौती के बाद 27 हजार रुपये 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने को आदेश दिया। साथ ही सेवा में कमी के लिए 5 हजार रुपये मुआवजा और 5 हजार रुपये मुकदमा खर्च देने का भी आदेश दिया हैं। आदेश का पालन 30 दिन के भीतर करना होगा।