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Rohtak News: कंपनी ब्याज सहित लौटाए खराब टायर की कीमत, छह हजार हर्जाना भी लगाया
Tue, 02 Sep 2025 02:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 02 Sep 2025 02:23 AM IST
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रोहतक। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फैसला दिया है कि टायर कंपनी गारंटी की समय सीमा में खराब हुए टायर की कीमत बाजार भाव के हिसाब से ब्याज सहित दे। साथ ही सेवाओं में कमी पर छह हजार रुपये मुआवजे के तौर पर दे। इसके लिए टायर कंपनी को एक माह का समय दिया है।
आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक वसंत विहार निवासी नवीन कुमार ने 2021 में अर्जी दायर की थी कि उनके पिता ने कार खरीदी थी। पिता के देहांत के बाद कार उनके नाम हो गई। कार खरीदते समय कंपनी ने पांच साल की गारंटी दी थी लेकिन दो साल बाद ही टायरों में दिक्कत आ गई। एक टायर में कट लग गया। कंपनी ने टायर बदलने से इन्कार कर दिया।
पीड़ित ने आयोग का दरवाजा खटखटाया। साथ की कार कंपनी के साथ टायर कंपनी को भी पार्टी बनाया। कार कंपनी ने आयोग के नोटिस पर कहा कि टायर, बैटरी व म्यूजिक सिस्टम की जिम्मेदारी मूल निर्माण कंपनी की है। आयोग ने टायर कंपनी को नोटिस दिया तो कंपनी ने टायर बदलने या कीमत देने से इन्कार कर दिया।
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कंपनी ने कहा कि दो साल बाद टायर खराब हुआ है। अगर निर्माण में दिक्कत होती तो इतने लंबे समय तक टायर नहीं चलता। साथ ही टायर गलत चलने या सड़क पर गड्ढों की वजह से भी खराब हो सकता है। आयोग ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अब निर्णय दिया है कि टायर कंपनी बाजार के रेट के हिसाब से टायर की कीमत ब्याज सहित एक माह में दे। साथ ही छह हजार रुपये सेवाओं में कमी के तौर पर दिया जाए।
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आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक वसंत विहार निवासी नवीन कुमार ने 2021 में अर्जी दायर की थी कि उनके पिता ने कार खरीदी थी। पिता के देहांत के बाद कार उनके नाम हो गई। कार खरीदते समय कंपनी ने पांच साल की गारंटी दी थी लेकिन दो साल बाद ही टायरों में दिक्कत आ गई। एक टायर में कट लग गया। कंपनी ने टायर बदलने से इन्कार कर दिया।
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पीड़ित ने आयोग का दरवाजा खटखटाया। साथ की कार कंपनी के साथ टायर कंपनी को भी पार्टी बनाया। कार कंपनी ने आयोग के नोटिस पर कहा कि टायर, बैटरी व म्यूजिक सिस्टम की जिम्मेदारी मूल निर्माण कंपनी की है। आयोग ने टायर कंपनी को नोटिस दिया तो कंपनी ने टायर बदलने या कीमत देने से इन्कार कर दिया।
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कंपनी ने कहा कि दो साल बाद टायर खराब हुआ है। अगर निर्माण में दिक्कत होती तो इतने लंबे समय तक टायर नहीं चलता। साथ ही टायर गलत चलने या सड़क पर गड्ढों की वजह से भी खराब हो सकता है। आयोग ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अब निर्णय दिया है कि टायर कंपनी बाजार के रेट के हिसाब से टायर की कीमत ब्याज सहित एक माह में दे। साथ ही छह हजार रुपये सेवाओं में कमी के तौर पर दिया जाए।