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Rohtak News: तकनीक और एआई ने जीवन बनाया आसान

Sat, 28 Feb 2026 01:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 28 Feb 2026 01:18 AM IST
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Technology and AI have made life easier.
34-छाया, स्कॉलर। - फोटो : 1
विकास सैनी
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रोहतक। नई तकनीक (इंटरनेट ऑफ थिंक, क्लाउड कम्प्यूटिंग) व एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ने मानव जीवन को और बेहतर बना दिया है। क्वांटम कम्प्यूटिंग के जरिए कैंसर रोगी के लिए चंद घंटों में सटीक दवा तैयार करना आसान हो गया है।
एमडीयू का कंप्यूटर साइंस विभाग इस दिशा में बेहतर काम कर रहा है। इसके चलते भारत सरकार ने पिछले दो वर्षों में विभाग की चार छात्राओं के चार शोध को पेटेंट भी प्रदान किए हैं। इसके लिए प्रो. नसीब सिंह गिल व एचओडी प्रो. प्रीति गुलिया की देखरेख में शोध ग्रुप के तहत 13 विद्यार्थी व 12 अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ता काम कर रहे हैं।
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स्कॉलर छाया गुप्ता की शोध कोविड-ईटी तकनीक से निमोनिया समेत फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों को तीन से पांच पलों में पहचाना संभव हो गया है। स्कॉलर दीप्ति रानी के डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित बनाने वाले शोध ने डेटा को फुल प्रूफ बनाने का काम किया है।
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स्काॅलर आयुषी चहल के शोध ए मैथेड टू प्रेडिक्ट ट्रैफिक कंडेस्टन इन आईओटी इनेबल्ड स्मार्ट सिटी प्रणाली यातायात प्रबंधन में बेहतर बनाती है। स्कॉलर संगीता के वीडियो एनालिटिक्स फ्रेंडली स्मार्ट वीडियो कंप्रशन सिस्टम पर किए शोध ने संदिग्ध की पहचान आसान बना दी है।
एमडीयू के कंप्यूटर साइंस विभाग की चार स्कॉलर के इन चार शोध को पेटेंट भी मिल गया है। इन शोधार्थियों की उपलब्धियों ने विज्ञान दिवस की थीम विज्ञान में महिलाएं : विकसित भारत को उत्प्रेरित करना को भी सार्थक बना दिया है। ब्यूरो


वर्जन
एआई आने वाले समय में विकास की गति को रफ्तार देने वाला मुख्य टूल होगा। भारत सरकार को इसे लेेकर सख्त नियम बनाने की जरूरत है। वर्तमान में एआई अवसर के साथ चुनौती भी ला रहा है। ऐसे में एआई के दुरुपयोग पर अंकुश के लिए रेगुलेशन अनिवार्य है। -प्रो. गिल वरिष्ठ प्रोफेसर कंप्यूटर साइंस।


वर्जन
आने वाले समय में मशीन लर्निंग व डेटा साइंस के माध्यम से जटिल समस्याओं का समाधान निकाला जा सकेगा। इसके लिए शोधकर्ता नए तकनीक विकसित कर नया कर गुजरने में सक्षम हैं। -प्रो. प्रीति गुलिया, एचओडी, कंप्यूटर साइंस।

34-छाया, स्कॉलर।

34-छाया, स्कॉलर।- फोटो : 1

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34-छाया, स्कॉलर।- फोटो : 1

34-छाया, स्कॉलर।

34-छाया, स्कॉलर।- फोटो : 1

34-छाया, स्कॉलर।

34-छाया, स्कॉलर।- फोटो : 1

34-छाया, स्कॉलर।

34-छाया, स्कॉलर।- फोटो : 1

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